नवरोज़ पारसी समुदाय का नया साल कहलाता है। इस दिन पारसी दोस्तों के किचन में अलग अलग स्वाद और ज़ायकों की महक आती है। यदि आपका कोई पारसी दोस्त नहीं है, फिर भी आपको पारसी व्यंजन पसंद है, तो यह कुछ रेसिपीज़ ऐसी हैं, जो आप घर पर ट्राई कर सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि पारसी खाना मसाले, मिठास और मिर्च का मिलाजुला मिश्रण होता है। इसकी सामग्री आपको सुनने में अजीब लजगी, पर यह जब जुबां पर लगती है तो आप वाह-वाह कर उठते हैं।
पारसियों का भारत में आगमन 17 वीं शताब्दी में हुआ था। जब अरब ने इरान पर हमला बोला था। वहां से भागकर आए पारसी भारत के पश्चिमी किनारे पर आकर बस गए। यही वजह है कि पारसी खाने में आपको गुजराती, मराठी, ईरानी और कुछ ब्रिटिश ज़ायके भी मिलेंगे। आइए जानते हैं पारसी खाने के कुछ स्वादिष्ट और यूनिक व्यंजन।

धानशाक: इसे पारसियों का सबसे लोकप्रिय व्यंजन माना जाता है। यह पारसी और गुजराती स्वाद का मिश्रण है। इसमें 4 तरह की दालों का इस्तेमाल होता है, जिसमें सब्जी के टुकड़े को मिलाकर प्रेशर कुकर में कुक किया जाता है कि और प्याज के छौंक के साथ इमली का पानी और लौंग, दालचीनी और इलायची का पाउडर मिलाकर इसे देर तक पकाया जाता है। फिर चावल को प्याज़, लौंग, दालचीनी और लहसुन के साथ फ्राय करते हैं। इसके बाद हल्की आंच पर एक चम्मच पानी में शक्कर डालकर भूरा होने तक इसे पकाते हैं। इस तरह धानशाक और चावल का लुत्फ उठाते हैं।

चावल को प्याज़, लौंग, दालचीनी और लहसुन के साथ फ्राय करते हैं

साली बोटी: मटन के छोटे-छोटे टुकड़ों को टमाटर, प्याज सिरके और गुड़ में पकाया जाता है। इससे हल्दी और अदरक के फ्लेवर उभर कर आते हैं और इसे ज्यादातर तले हुए आलू के साथ परोसा जाता है।

पात्रा नी मच्छी: पात्रा यानी पत्ते में लपेटी हुई मछली एक ख़ास व्यंजन है।इसमें एक मछली को मिर्च और सरसों के तेल में मेरिनेट किया जाता है और इसके बाद केले के पत्ते के साथ लपेटकर भाप में पकाया जाता है। मसालों, नींबू का रस, नारियल की चटनी में भी इसे मेरिनेट करने की परंपरा है। यह तरीका लोगों के बीच बेहद प्रचलित है।

एक मछली को मिर्च और सरसों के तेल में मेरिनेट किया जाता है

अकुरी: इसे पारसियों के पारंपरिक नाश्ते के रूप में जाना जाता है। अंडों को ज़रूरत से ज्यादा नहीं पकाया जाता। यह अंडे की भुर्जी होती है जिसे हल्के मसालों के साथ मिक्स किया जाता है। इसे ब्रेड के साथ खाने की का प्रचलन है।

लगन नू कस्टर्ड: पारसी खाने में मीठे के कई विकल्प लोगों के बीच मौजूद है, लेकिन इस कस्टर्ड को शादियों की जान बताया जाता है। इसे दूध, अंडे और इलायची के साथ बेक करके बनाया जाता है। नवरोज़ के मौके पर आप इसकी मिठास में सराबोर हो सकते हैं।

पारसी किचन के यह ज़ायके आपको हमेशा याद रहेंगे।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..