भारत का नॉर्थ ईस्ट इलाका अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। नॉर्थ ईस्ट में नदी, झीलों, पहाड़ों, चाय के बगीचे और ढेरों सुहाने नज़ारे आपको दिखाई देंगे, जो आपकी आंखों को सुकून देने के लिए काफी है। वहीं नॉर्थ ईस्ट अपने खाने और  स्वाद के लिए भी जाना जाता है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं नॉर्थ ईस्ट  के ऐसे ख़ास व्यंजनों के बारे में, जो आपके मुंह में पानी ले आएंगे।

अपोंग: यह चावल या बाजरे से बना स्थानीय पेय है। यह खास तौर पर अरुणाचल प्रदेश की पारंपरिक ड्रिंक मानी जाती है, जो यहां के लोगों को काफी पसंद है। यह हर घर में पाई जाने वाली बीयर की तरह है। इसमें कोई केमिकल नहीं होता और यह पेट के लिए काफी हल्का भी माना जाता है। इसका स्वाद बाकी अन्य पेय से अलग रहता है, लेकिन इसे पीने के बाद आप बेहद अच्छा महसूस करेंगे।

इसे पीने के बाद आप बेहद अच्छा महसूस करेंगे।

इरोंम्‍बा: यह मणिपुर में बनने वाली खास चटपटी चटनी है। इरोंम्‍बा को रोटी चावल और खाने के अन्य पदार्थों के साथ खाया जाता है। इसके अलावा एक और डिश ऐसी है जो मणिपुर में खास तौर पर खाई जाती है। इसका नाम है नघुई नगोसिंग, जो एक भूली हुई बोनलेस मछली, टमाटर, नींबू के पत्ते, धनिया, और मिर्च से मिलकर बनाई जाती है। यह बेहद स्पाइसी होती है।
पोर्क जाडो: मेघालय में अक्सर लोग मांस खाना पसंद करते हैं। इसीलिए मेघालय के भोजन में आपको पोर्क जाडो ज़्यादातर दिखाई देगा। यह चावल और सूअर के मांस से बना मसालेदार व्यंजन होता है। यह लगभग हर खास अवसर पर खाया जाता है।

यह चावल और सूअर के मांस से बना मसालेदार व्यंजन होता है

सब्जी बाई: नॉर्थ ईस्ट के मिजोरम में लोगों का प्रिय व्यंजन है बाई। जो कई सब्जियों को मिलकर बनाया जाता है और इसे चावल के साथ खाना लोग पसंद करते हैं। वैसे यहां की लोकप्रिय चाय भी आपको बेहद पसंद आएगी, जिसे लोग ज़ू कहते हैं।
शपाले: नॉर्थ ईस्ट के सिक्किम में व्यंजनों को लेकर एक अनूठी संस्कृति व्याप्त है। यहां खास व्यंजन शपाले है, जो देखने में मोमोज़ और समोसे की तरह दिखाई देता है। इसे आप फ्राइड पाई के रुप में भी देख सकते हैं। डीप फ्राई शपाले एक ऐसा व्यंजन है, जिसके अंदर में मीट डालकर उसे डीप फ्राई किया जाता है और इसका आकार मोमोज़ की तरह होता है।
यदि आप भी नॉर्थ-ईस्ट की यात्रा पर निकले हैं, तो इन खास व्यंजनों को चखना ना भूलें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..