मानसून का इंतजार तो हम बड़ी बेसब्री से करते हैं, लेकिन बारिश में  अक्सर बाहर का खाना खाने से पेट खराब होने का डर रहता है। शायद आपने गौर किया होगा कि मानसून में लोग सबसे ज़्यादा पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं। मानसून में इम्युनिटी कमज़ोर हो जाती है और हमें बाहर के खाने से परहेज़ करना पड़ता है। इसीलिए जहन में सवाल आता है कि आखिर इस मौसम में खाए, तो क्या खाएं? आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी डिश के बारे में, जो रोज़ाना रात में खाने से मॉनसून तक आपको पेट की शिकायत नहीं होगी।

हम बात कर रहे हैं खिचड़ी की, खिचड़ी एक ऐसा ऑप्शन है, जो पेट भरने के साथ-साथ सेहतमंद भी होती है। दाल और चावल से मिलकर बनी हुई यह डिश पोषक तत्वों से भरपूर रहती है। बदलते मौसम में पाचन संबंधी समस्याओं को यह दूर रखती है। अक्सर अगर हम बाहर का खाना टालते भी है, तो कई बार बाहर का पानी पीने से भी अक्सर ये शिकायत हो सकती हैं।

बरसात के मौसम में इन्फेक्शन जल्दी फैलता है

डॉक्टर कल्पना कोठारी की माने तो मॉनसून में इम्युनिटी कमज़ोर हो जाती है,इसीलिए फूड पॉइजनिंग, इन्फेक्शन, डायरिया जैसी समस्या लोगों में आमतौर पर देखी जाती हैं। असल में बरसात के मौसम में इन्फेक्शन जल्दी फैलता है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। लेकिन यदि आपको इस समस्या से दूर रहना है तो डाइजेशन के लिए खिचड़ी खाना आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा।

देसी घी में तड़के के साथ बनी मूंग की दाल और चावल की खिचड़ी आपके लिए एक हेल्दी डाइट साबित होगी। चावल में पाया जाने वाला फाइबर ग्लाइसेमिक को कंट्रोल करता है, जो आपको पेट की बीमारियों को बढ़ाता है, इसीलिए मूंग की दाल की खिचड़ी खाने की सलाह अक्सर डॉक्टर देते हैं। आप चाहे तो इस खिचड़ी को और स्वादिष्ट बनाने के लिए अपनी पसंदीदा सब्जियां भी इसमें डाल सकते हैं।

Bajra and Moong Dal Khichdi
डाइजेशन के लिए खिचड़ी खाना आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा

मूंग की दाल की खिचड़ी में फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फास्फोरस आदि पाया जाता है, जो शरीर को ताकत भी देता है और आपका डाइजेशन भी ठीक करता है।

यदि आप इस मॉनसून में स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो रोज़ाना रात को खिचड़ी खाने की शुरुआत कर दें। अगर आपको रोज रोज खिचड़ी खाना पसंद नही हैं, तो जब भी आपको इस बात का एहसास हो कि आपके पेट में खराबी है, तब कुछ दिनों तक खिचड़ी खाए। आपकी पेट की समस्या दूर हो जाएगी। उम्मीद है कि गर्म गर्म पकोड़े जैसी डिश के साथ अब आप मानसून डिश में खिचड़ी को भी शामिल कर लेंगे।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..