रमज़ान के महीने में मुंबई की मोहम्मद अली रोड एक ऐसी जगह है जहां रोज़ा रखने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। कुछ लोग तो यहां लंबी दूरी तय कर सिर्फ इफ़्तार करने के लिए आते हैं। मोहम्मद अली रोड की दीवानी सिर्फ आम जनता ही नहीं, कई बॉलीवुड सितारे भी हैं, जो रमज़ान के दिनों में इन गलियों और यहां के व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते हैं।

फ़िल्मी सितारों का दावत-ए-इफ़्तार

 

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वरुण धवन अपनी फ़िल्म ढिशुम के प्रमोशन के लिए यहाँ आये थे

Credit: bollywoodmdb

आमिर ख़ान की फ़िल्म “धोबी घाट “और यशराज की फ़िल्म ” दावत-ए-इश्क” में हमें मोहम्मद अली रोड की झलक और उसकी लोकप्रियता देखने को मिलती है। बॉलीवुड में सिर्फ आमिर ही नहीं युवा दिलों की धड़कन वरुण धवन, जॉन अब्राहम , रितेश देशमुख , संजय दत्त जैसे और भी अभिनेता रमज़ान की रौनक देखने और इफ़्तार का लुत्फ़ उठाने आते है। तो चलिए हम आपको भी ले चलते है मोहम्मद अली रोड, जहां रमज़ान में लगती है इफ़्तार की बहार।

रमज़ान का महीना होता है बेहद खास

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शाम ढलते ही इस इलाके की रौनक देखते ही बनती है

मुसलमानों के लिए रमज़ान का महीना कुछ खास होता है। जहां इन दिनों वे रोज़े और इबादत में मशगूल रहते हैं, वहीं इफ़्तारी उनके लिए एक दावत के समान है। लोग मुंबई के अलग अलग जगह में रहने के बावजूद भी मोहम्मद अली रोड रमज़ान के महीने में ज़रूर जाते हैं क्योंकि यहां आपको कई विकल्प मिलते हैं, जिसमें से यह तय करना आपके लिए कठिन हो जाएगा कि आखिर क्या क्या खाया जाए।

यहां का संजू बाबा चिकन है मशहूर

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आपको आपके ज़ायके के हिसाब से कबाब भी मिल जाएंगे

मोहम्मद अली रोड का नज़ारा किसी त्योहार से कम नहीं होता। वहां के व्यंजनों की खुशबू आपको खींच कर ले जाएगी। दिल्ली के करीम की ही तरह मशहूर मोहम्मद अली रोड के नूर मोहम्मदी कई ज़मानों से अपने स्वाद के लिए जाना जा जाता है। फ़िल्मी सितारों से लेकर बड़े-बड़े व्यापारिक घरानों और मशहूर हस्तियों में इसके खाने के चर्चे हैं। इसकी रेसिपी सदियों पुरानी है, लेकिन समय के साथ इसका ज़ायका बेहतर होता गया हैं । यहां का संजू बाबा चिकन (संजय दत्त की पसंदीदा डिश होने के कारण रखे जाने वाला नाम) डिश सभी की जान है।

दर्ज़नो पकवान जिन्हे देख जी ललचाए

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शाम के वक़्त कई समूह आपको यहां अपना रोज़ा खोलते नज़र आ जाएंगे

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इफ्तार के बाद यहा्ं खाने का सिलसिला शुरू होता है जो सेहरी तक चलता रहता है। कुल्चे नहारी और शीरमाल कबाब जैसी पारंपरिक डिश के साथ नए-नए व्यंजन भी रमज़न में खूब मिलते हैं ,जो आम दिनों में नहीं मिलते। गिलाफी कुल्चे, पेशावरी रोटी, बाकर खानी, शाही टुकड़े, फिरनी, सेवईं और भुने मुर्गे की दर्जनों वैराईटी रमज़ान के दिनों का खास आकर्षण हैं।

रंग बिरंगी बिरयानी पेश-ए-ख़िदमत

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यहां रोज़ा खोलने के लिए फिरनी से लेकर सेवईं तक सब कुछ मिलता है।

रमज़ान में रोज़ा एक गिलास पानी और खजूर से तोड़ते हैं। इसके अलावा कई लोग रोज़ा खोलने के लिए हलीम खाना पसंद करते हैं। यह मीट, गेहूं और दाल से बनाया जाता है। हलीम जिसे मुंबई में खिचड़ा कहते हैं वो भी यहां काफी प्रसिद्ध है। बात इफ़्तार की हो और बात बिरयानी की न हो ये कैसे हो सकता है। यहां की रंग बिरंगी बिरयानी भी काफी मशहूर है। यहां के सींक कबाब कितने फेमस है , उसका अंदाज़ा आपको यहां की भीड़ से लग ही जाएगा।

अगर आप रमज़ान में साउथ मुंबई घूमने का विचार बना रहे हैं तो, मोहम्मद अली रोड जाना ना भूले। यहां के स्वादिष्ट और प्रसिद्ध खाने की खुशबू आपका मन मोह लेगी।

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।