बादाम खाने से आपकी याददाश्त बढ़ती है, ये तो आपने हर तीसरे व्यक्ति से सुना होगा। लेकिन क्या आपने किसी से भी ये जाना है कि बादाम को खाने का सही तरीका क्या है? यदि नहीं, तो आज हम आपको यही बताएंगे कि बादाम खाने का सही तरीका क्या है और कैसे बादाम खाने से आपकी सेहत को दुगुना फायदा पहुंचता है।

कैसे खाएं बादाम?

यदि आप चाहते हैं कि बादाम से आपको ज़्यादा से ज़्यादा फायदा मिले, तो आपको बादाम भिगोकर खाने चाहिए

बादाम में कई फायदेमंद तत्व होते हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में विटामिन ई के साथ-साथ ज़िंक, कैल्शियम, मैग्नेशियम और ओमेगा 3 आदि होते हैं, जो आपके शरीरको बाहरी रूप से तो बेहतर बनाते ही हैं, लेकिन अंदरूनी रूप से भी आपको मज़बूती देते हैं। जहां एक ओर लोग बादाम रोस्ट करके खाना पसंद करते हैं वहीं कुछ लोग इसे कच्चे और कुछ लोग इसे भिगोकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन यदि आप चाहते हैं कि बादाम से आपको ज़्यादा से ज़्यादा फायदा मिले, तो आपको बादाम भिगोकर खाने चाहिए। आइये जानते हैं क्यों!

क्यों भिगो कर खाएं?

ऐसा नहीं है कि सूखे बादाम खाने से आपको फायदा नहीं होगा, लेकिन भीगे हुए बादाम आपके शरीर को दुगुना फायदा पहुंचाते हैं। सूखे बादाम खाने से शरीर के उत्तकों की मरम्मत होती है, वहीं दूसरी ओर यह स्किन को खूबसूरत बनता है। लेकिन भीगे हुए बादामों में मौजूद तत्वों को आपका शरीर अच्छी तरह से सोख सकता है। बादाम के छिलकों को पचाने में पाचन तंत्र को बेहद मेहनत करनी पड़ती है और इसके छिलकों में पाए जानेवाला टैनिन पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं होने देता। साथ ही इसके छिलके पेट में पित्त की मात्रा बढ़ाते हैं। इसलिए ज़्यादा फायदे के लिए रात भर भिगोए हुए बादामों को छिलके उतारकर खाने की सलाह दी जाती है। इससे आपको पूरी मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।

दिन में कितने बादाम खाना है सेहतमंद?

इसके छिलके पेट में पित्त की मात्रा बढ़ाते हैं

जहां एक ओर बादाम खाना बेहद फायदेमंद है, लेकिन वहीं दूसरी ओर इसे सिमित मात्रा में ही खाया जाना चाहिए। यदि इसे ज़्यादा मात्रा में खा लिया जाए, तो व्यक्ति को त्वचा सम्बन्धी रोग हो सकते हैं और साथ ही पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। इसलिए एक दिन में 7 से 8 बादाम का ही सेवन किसी भी व्यक्ति को करना चाहिए।

इस तरह बादाम को सही तरीके और सही मात्रा में खाया जाए, तो इससे आपको दुगुना फायदा हो सकता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..