अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि खाना पकाने की वजह से उसके पोषक तत्व ख़त्म हो जाते हैं। यही वजह है कि कई लोग कच्चे खाने को खाना पसंद करते हैं। इसके अलावा हम कई तरह की सब्ज़ियां कच्ची इसलिए खाते हैं, जिससे हम अपना वज़न कम कर सकें। लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं, जिन्हे कच्चा खाना आपके लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। ये पदार्थ कच्चे खाने से आपको इनके खतरनाक साइड इफेक्ट का शिकार होना पड़ सकता है। आइये जानते हैं कौन से पदार्थों को कच्चा खाना आपके लिए मुसीबत बन सकता है।

अंडे

अंडे प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत माने जाते हैं। यही वजह है कि लोग रोज़ाना अंडे खाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार जिम जाने वाले लोगों को कच्चे अंडे खाते हुए देखा गया है। ऐसा करना आपके लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। क्योंकि अंडों में कई बार सैल्मोनेला वायरस होने का अंदेशा होता है, जो आपको नुक्सान पहुंचा सकता है। यह वायरस पेट सम्बन्धी समस्याओं को न्योता दे सकता है, जिससे उबरना आपके लिए काफी तकलीफदेह साबित हो सकता है।

आलू

आलू के इस हरे हिस्से में सोलेनाइन नामक कैमिकल तैयार हो जाता है

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आपने अक्सर आलुओं के उस कच्चे हिस्से को देखा होगा, जो धूप में रहने की वजह से या पुराने हो जाने के कारण हरा रंग ले लेते हैं। इस तरह का हरा रंग लिए हुए आलुओं को कच्चा खाना आपके लिए नुकसानदेह साबित होगा। आलू के इस हरे हिस्से में सोलेनाइन नामक कैमिकल तैयार हो जाता है, जिसके आपके शरीर में जाने से आपको पेट सबंधी समस्याएं, जैसे अपच, पेट में मरोड़, उल्टी और गैस जैसी शिकायत हो सकती है। साथ ही आपको सिरदर्द की भी समस्या हो सकती है। इसलिए आलुओं को हमेशा ठंडी जगह पर रखना चाहिए और उन्हें अधिक दिनों तक रखना टालना चाहिए।

लाल सेम

आपने सेम यानी कि बीन्स के व्यंजन तो बनाए ही होंगे। सेम के कई प्रकार बाज़ार में उपलब्ध है, जिसमें हरी सेम, फ्रेंच बीन्स और लाल सेम यानी राजमा होती हैं। लेकिन लाल सेम को देख-परख कर खाना चाहिए। यदि आप लाल सेम को कच्चा खा लें, तो यह आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इसमें हेमायग्लूटिनिन नामक एक विषैला पदार्थ होता है, जो शरीर में जाते ही पेट में दर्द, उल्टी, सूजन जैसी समस्याओं को न्योता दे देता है। यदि आप लाल सेम यानी राजमा खाने के इच्छुक हैं, तो इसे पहले कुछ घंटों के लिए पानी में भिगाकर रखें और इसके बाद इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करें।

कसावा

इसकी पत्तियों में सायनाइड की अच्छी-खासी मात्रा पाई जाती है

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यह एक तरह की सब्ज़ी है, जो आलू की तरह कंदमूल होती है। इसका इस्तेमाल भारत के अलावा विदेशों में भी बड़े पैमाने पर होता है। यदि आप कसावा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे कच्चा कभी भी ना खाएं। असल में इसकी पत्तियों में सायनाइड की अच्छी-खासी मात्रा पाई जाती है, जिससे कीटाणु इससे दूर रहते हैं, लेकिन इसकी जड़ों में भी कुछ मात्रा में सायनाइड मौजूद होता है। इसलिए इसे कच्चा खाना आपकी जान को जोखिम दे सकता है। इसे पकाने से पहले पानी से दो-तीन बार धोकर अच्छी तरह से पका कर ही इसे खाना चाहिए।

चिकन

ये तो सभी जानते हैं कि चिकन को कच्चा खाना बीमारी को न्योता देने वाली बात है। फिर भी कुछ लोग चिकन को कच्चा खाते हैं। जैसा कि सभी जानते है कि यह मांस है, ज़ाहिर है इसमें कई तरह के कीटाणु मौजूद होते हैं। जो आपके शरीर में जाकर आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं। इसमें मौजूद बैक्टीरिया आपको कई दिनों के लिए बीमार कर सकते हैं, जिसका एक कारण फ़ूड पॉइज़निंग भी हो सकती है। यदि आप चिकन के साथ मसाला नहीं खाना चाहते, तो कम से कम इसे 15 से 20 मिनट के लिए उबाल लें। ऐसा करने से इसके बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे और आप बिना किसी डर के इसे खा सकेंगे।

यदि आप भी अपनी सेहत को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते, तो इन पदार्थों को कच्चा खाने का विचार दिमाग से निकाल दीजिये।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..