भारतीय किचन में सब्ज़ी बनाने से पहले हमेशा बघार या कहें तड़का लगाने की परंपरा है। कहते हैं कि खाने में लगाया गया ये तड़का खाने का स्वाद दुगुना कर देता है। लेकिन इसका काम सिर्फ स्वाद बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जो आपको अच्छी सेहत का तोहफा भी दे सकते हैं। आइये जानते हैं भारतीय खाने में इस्तेमाल किये जाने वाले ये मसाले आपको किस तरह फायदा पहुंचाते हैं।

किन मसालों का होता है इस्तेमाल

इसमें कई तरह का खड़ा मसाला, जैसे लाल मिर्च, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी इत्यादि का इस्तेमाल होता है

credit: vegrecipesofindia.com

जैसा कि आप सभी जानते हैं भारत के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह से खाने में तड़का लगाया जाता है। कहीं दाल में लगाया जाता है पंजाबी तड़का, गुजराती तड़का, कश्मीरी तड़का तो कहीं पंचफोड़न तड़का, हर कोई इसे पसंद करता है। तड़के के लिए लोग अलग-अलग तरह के मसालों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें मुख्य रूप से राई, हींग और जीरे का नाम तो आता ही है, साथ ही इसमें कई तरह का खड़ा मसाला, जैसे लाल मिर्च, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी इत्यादि का इस्तेमाल होता है। आइये जानते हैं आपकी सेहत को ये बघार किस तरह फायदा देते हैं।

पंजाबी तड़का

पंजाबी तड़के में खास तौर पर जीरा, अदरक, लहसुन, प्याज, अदरक इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है। इस तड़के का खाने में इस्तेमाल करने पर पोटेशियम, फॉस्फोरस और ज़िंक के अलावा कैल्शियम और आयरन की भी आपूर्ति होती है। इसे खाने से आपको अपच और पेट से सम्बंधित समस्याएं नहीं होती। साथ ही इसमें एंटी बैक्टेरियल और एंटी बायोटिक तत्व पाए जाते हैं, जिससे न सिर्फ शरीर के अंदर, बल्कि बाहरी त्वचा से सम्बंधित समस्याएं नहीं होती।

पंच फोड़न तड़का

इसमें फ्लेवोनॉइड और एमिनो एसिड की मात्रा भी अधिक पाई जाती है, जिससे खास तौर पर आंत के रोगों में फायदा पहुंचता है

credit: profusioncurry.com

पंच फोड़न तड़के में राई, जीरा, मेथी, सौंफ और कलोंजी का इस्तेमाल किया जाता है। जो हमारे शरीर के लिए बेहद फ़ायदेमंद माना जाता है। इसमें कई तरह के विटामिन्स और फॉलिक एसिड पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें फ्लेवोनॉइड और एमिनो एसिड की मात्रा भी अधिक पाई जाती है, जिससे खास तौर पर आंत के रोगों में फायदा पहुंचता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली कलौंजी आपके दांतों और मुंह से सम्बंधित समस्याओं में फायदा पहुंचाती है।

गुजराती तड़का

गुजराती तड़के में राई, लाल मिर्च, हींग और मेथी का इस्तेमाल होता है, जो आपके शरीर को, खास तौर पर दिल की सेहत को ठीक रखता है। ये आपके कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और कब्ज़, अपच इत्यादि समस्याओं को दूर करता है।

कश्मीरी तड़का

कश्मीरी तड़के की तो बात ही निराली है, क्योंकि इसमें जावित्री, फूल चक्री, काली मिर्च, लौंग, जायफल और बड़ी इलायची का इस्तेमाल होता है। ये आपके पेट के साथ-साथ मुंह की सेहत का भी ख़याल रखता है। इसे खाने से जी मिचलाने से लेकर उलटी और ज़्यादा हिचकी आने की समस्या में फायदा पहुंचता है। इसमें उच्च मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो हमारी त्वचा को खूबसूरत बनाते हैं। साथ ये आपको सर्दी-ज़ुकाम से बचाता है।

इस तरह ये तड़के आपको स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खज़ाना भी देते हैं। तो क्यों नहीं आप भी घर पर इसे ट्राय करते?

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..