गुड़ी पाड़वा महाराष्ट्र में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मराठी कम्युनिटी के लिए एक पवित्र और प्रसिद्ध त्योहार के रूप में जाना जाता है। खास तौर पर महाराष्ट्र में इस त्यौहार की धूम होती है। आज के दिन लोग अपने घर की सफाई कर नए कपड़े पहनते हैं और किचन में सुवासित पकवान बनाने में व्यस्त हो जाते हैं। यह महाराष्ट्र में नए साल के उपलक्ष में मनाया जाता है।

पौराणिक गाथाओं की माने तो इस दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी और इसी वजह से आज गुड़ी को घर की छत पर ऊंचा उठाकर लगाया जाता है और इसी के साथ भगवान विष्णु से आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन जो व्यक्ति सच्चे दिल से प्रार्थना करके अपने लिए मुराद मांगता है वह पूरी हो जाती है। लेकिन गुड़ी पड़वा के दिन भारतीय किचन में कुछ खास पकवानों को खास जगह दी जाती है। आइए जानते हैं इन पकवानों में क्या क्या शामिल है।

पूरन पोड़ी

यह रोटी खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है

यह एक मीठी रोटी की तरह होती है, जिसमें चने की दाल, गेहूं का आटा, शक्कर, घी और केसर का इस्तेमाल होता है। चने की दाल और शक्कर को मिलाकर रोटी का भरावन बनाया जाता है और इसे रोटी में डालकर घी से सेंका जाता है। यह रोटी खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है।

आम का श्रीखंड

जिन लोगों को श्रीखंड खास तौर पर पसंद है, उनके लिए यह पसंदीदा डिश मानी जाती है

जैसा कि सभी जानते हैं गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यही वजह है कि आपको बाजार में आम आसानी से मिल जाते हैं। इसीलिए गुड़ी पाड़वा में आम का श्रीखंड बनाने का चलन है। इस श्रीखंड को बनाने में आम, शक्कर, श्रीखंड का मिश्रण और ड्राई फ्रूट इत्यादि का इस्तेमाल होता है। इसे बनाने के लिए श्रीखंड में शक्कर को मिलाकर आम के जूस के साथ फेटा जाता है और अंत में इस में ड्राई फ्रूट और केसर का पानी डालकर ठंडा सर्व किया जाता है। यह खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। जिन लोगों को श्रीखंड खास तौर पर पसंद है, उनके लिए यह पसंदीदा डिश मानी जाती है।

आम का पना

इसे सर्व करने से पहले इस में पुदीना और काला नमक डालकर तैयार किया जाता है

वैसे तो आम का पना आम तौर पर गर्मियों में सभी के यहां बनता है, लेकिन गुड़ी पाड़वा के दिन इसका खास महत्व है। इस आम के पने को बनाने में कच्चे आम, जीरा पाउडर, काली मिर्च, नमक, चीनी, पुदीने की पत्तियां इत्यादि का इस्तेमाल होता है। आम का पना बनाने के लिए आम को उबालकर उसके गूदे से रस निकालकर अलग किया जाता है। इसके बाद इसमें चीनी, काली मिर्च और नमक डालकर इसे अच्छी तरह मिलाया जाता है। इसे सर्व करने से पहले इस में पुदीना और काला नमक डालकर तैयार किया जाता है।

गुलाब जामुन

इसे तलकर चीनी की चाशनी में डूब कर रखा जाता है

वैसे तो गुलाब जामुन महाराष्ट्र में नहीं, बल्कि पूरे देश में पसंद किया जाता है। लेकिन गुड़ी पाड़वा के दिन गुलाब जामुन खास तौर पर तैयार किया जाता है। इसे बनाने के लिए मावा, दूध, मैदा, चीनी और घी का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बनाने के दौरान मावे में मैदा मिलाकर छोटे-छोटे गोले बनाए जाते हैं। इसे तलकर चीनी की चाशनी में डूब कर रखा जाता है। अंत में इसमें केसर का पानी के साथ मिलाकर ठंडा या गर्म सर्व करने की का चलन है।

इस तरह गुड़ी पाड़वा के दिन इन व्यंजनों का स्वाद आपके दिन को खुशी और स्वाद से भर देता है। तो इस गुड़ी पाड़वा के अवसर पर आप भी इन व्यंजनों को अपने किचन में जगह जरूर दें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..