अल्सरेटिव कोलाइटिस आतों से जुड़ी एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमें रोगी को असहनीय पेट दर्द का सामना करना पड़ता है। आतों की इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को खाने-पीने में विशेष सावधानी बरतना पड़ती है। पाचन तंत्र कमजोर होने और दस्त के साथ अक्सर खून आने के चलते रोगी को थकान और कमज़ोरी बनी रहती है। अल्सरेटिव कोलाइटिस का इलाज जटिल ज़रूर है लेकिन असंभव नहीं है। इस बीमारी का पहला इलाज ही सही खाने का चुनाव करना है,जी हां, यदि आप सही आहार ले रहे हैं, तो आप इस बीमारी से काफी हद तक खुद का बचाव कर सकते हैं।अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित व्यक्ति अक्सर अनजाने में ऐसे फूड्स का सेवन कर लेते हैं जो इस बीमारी को और बढ़ाते हैं। ऐसे में कौन से ऐसे फूड्स हैं जो इस बीमारी को बढ़ावा देते हैं? आइए जानते हैं।

मसालेदार खाना: डॉक्टर सुबोध वार्ष्णेय के मुताबिक, अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों के लिए मसालेदार खाना ज़हर के समान है। दरअसल,अल्सरेटिव कोलाइटिस में रोगी की पाचन क्रिया मंद पड़ जाती है। ऐसे में ज्यादा तला, भुना और मिर्च-मसालेदार खाना पचाना शरीर के लिए संभव नहीं हो पाता और यही रोगी के लिए मुसीबत बन जाता है। तेज मसालेदार खाना पेट में गैस भी बनाता है जिस वजह से आँतों में सूजन आ सकती है। इसलिए अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित रोगियों को मसालेदार खाने से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

चॉकलेट: अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों को चॉकलेट का सेवन नहीं करना चाहिए। चॉकलेट में अच्छी-खासी मात्रा में कैफीन और शक्कर होती है, जिसकी वजह से पेट में असहनीय दर्द और मरोड़ें उठ सकती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चॉकलेट में मौजूद कैफीन पाचन की गति को भी धीमा कर देती है। इसलिए अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित लोगों के लिए चॉकलेट खाना उपयुक्त नहीं माना गया है।

कोलाइटिस के दर्द से बचना चाहते हैं तो खानपान में शामिल न करें ऐसे फूड्स

डेयरी प्रोडक्ट्स खड़ी करेंगे मुश्किल

Image Credit: medicalnewstoday.com

दूध: यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन अल्सरेटिव कोलाइटिस में दूध का सेवन और इससे बने पदार्थों को पूरी तरह अवॉयड करना चाहिए। दरअसल, कोलाइटिस के रोगियों में लेक्टोस हजम करने की गति धीमी पड़ जाती है जिसके चलते दूध और इससे जुड़े पदार्थों का सेवन करने से पाचन क्रिया प्रभावित होती है। नतीजतन पेट में भयानक दर्द उठने लगता है।

सॉफ्ट ड्रिंक्स/सोडा: सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडे में कार्बोनिक एसिड पाया जाता है जो अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों के लिए ज़हर के समान है। इन ड्रिंक्स को पीने से पेट में एसिड बनता है यह अल्सरेटिव कोलाइटिस के लिए एक घातक अवस्था है। साथ ही इन ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन से पेट में दर्द और मरोड़ उठ सकती हैं। इसलिए अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों को कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा पूरी तरह अवॉयड करना चाहिए।

शराब: शराब का सेवन तो एक स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार बना देता है। ऐसे में यदि अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित व्यक्ति इसका सेवन करता है तो उसके लिए बेहद खतरनाक स्थति निर्मित हो सकती है। शराब के सेवन से डायरिया होने की संभावना प्रबल होती है और दस्त लगने से रोगी का शरीर और दुर्बल हो सकता है। ऐसा होने पर रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी अच्छी खासी चोट पहुंच सकती है।

This is aawaz guest author account