मौका भी है और दस्तूर भी! यही कह कर हम दोस्तों से पार्टी लेने या पार्टी देने का बहाना ढूंढते हैं। ये तो सभी जानते है कि कोई भी पार्टी थोड़ी वाइन और बीयर के बिना अधूरी है। बीयर और वाइन पीने में कोई एतराज़ नहीं है, लेकिन बस ध्यान रखना हैं कि इसका सेवन ज़्यादा नहीं एक लिमिट में होना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे की कैसे ले बियर और वाइन और क्या है इन दोनों में फर्क।

अगर घर पर आप पार्टी रख रहे हैं, तो आपको याद रखना चाहिए कि ड्रिंक्स सर्व करते वक़्त ये जानना बहुत ज़रूरी हैं कि आप किस ड्रिंक के साथ कौन सी चीज़ों को सर्व कर सकते हैं, जो आपकी पार्टी में चार चांद लगा दे।

कुछ खास टिप्स

ड्रिंक्स में आइरिश क्रीम और डार्क चॉकलेट आइसक्रीम मिलाकर भी एक यूनीक कॉकटेल तैयार किया जाता है।

ड्रिंक्स में आप किसी भी ड्रिंक और फ्लेवर में कुछ भी मिक्‍स करके कॉकटेल बना लें, हर किसी के लिए कुछ अलग रूल्‍स होते हैं और अलग-अलग इंग्रेडिएंट्स भी। वोदका से लेकर वाइन, रम, व्हिस्की और बियर के साथ डिफरेंट जूसेस और सोड़ा या कुछ सॉफ्ट ड्रिंक्‍स मिलाकर इंट्रस्‍टिंग कॉकटेल्स बनाई जा सकती हैं। अक्सर देखा गया हैं कि कई लोगों को ड्रिंक्स का कड़वा स्वाद पसंद नहीं है, तो ऐसे में आप इसे आसानी से अपने स्वाद के अनुसार स्वादिष्ट कॉकटेल बना सकते हैं।

जूस के साथ बीयर

बीयर को उबालकर बनाया जाता है।

कई लोग बीयर को ड्रिंक ही नहीं मानते। इसके साथ ऑरेंज फल्वेर वाली कोल्ड ड्रिंकस का कॉम्बिनेशन अच्छा हो सकता है। एकदम डिफरेंट टेस्ट के लिए अपनी पसंद के बीयर फ्लेवर में लेमन जूस और ऑरेंज जूस का कॉम्बिनेशन भी बना सकते हैं। इससे आपको नशा भी नहीं होगा और आप पार्टी का लुत्फ़ भी पूरे होश के साथ उठा सकते हैं।

वाइन को ऐसे लें

वाइन का रोज़ाना एक ग्लास शरीर को तरोताजा रखने में मददगार होता है

वाइन पीना आज कल स्टेटस सिम्बल माना जाता है। अगर आप पार्टी में हार्ड ड्रिंक पीना पसंद करते हैं, तो वाइन के साथ सोडा मिक्‍स करके कॉकटेल बना सकते हैं। वहीं इसे हल्का करने के लिए ड्रिंक में एप्पल जूस, ऑरेंज जूस और चेरी का कॉम्बिनेशन बेस्ट रहेगा. फ्लेवर बढ़ाने के लिए वाइन को ऑरेंज, एप्पल, पाइनएप्पल और पीच के पीसेज़ डाल कर सर्व कर सकते हैं.

बीयर और वाइन में होता है थोड़ा फर्क

ड्रिंक्स के ज़्यादा पीने को हानिकारक ही माना जाता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर ने माना है कि वाइन पीने के 54 मिनट बाद रक्त में अल्कोहल की मात्रा सबसे ज़्यादा होती है और बीयर पीने के 64 मिनट बाद अल्कोहल की मात्रा खून में सबसे ज़्यादा होती है। यानी वाइन के ग्लास का नशा बीयर के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ी से दिमाग पर चढ़ता है।

बीयर के एक पाइंट (लगभग 568 मिली लीटर) और वाइन के एक मिडियम ग्लास (175 मिली लीटर) में अल्कोहल की मात्रा लगभग एक समान होती है। इन दोनों में 16 से 24 मिलीलीटर अल्कोहल होता है। वाइन या बीयर का असर तभी आप पर होता है जब अल्कोहल आपके रक्त में शामिल होता है। यह किस रफ़्तार से होता है, ये काफी हद तक आपकी ड्रिंक और उसे कितने समय में पीया जा रहा है, उस पर निर्भर करता है।

पीने का सही तरीका

ड्रिंक्स के साथ लोग नॉनवेज लेना भी बहुत पसंद करते है।

जब भी आप वाइन या बीयर लें तो साथ में हेल्दी स्नैक्स लें। हेवी स्नैक्स नुकसानदेह होते हैं। तली हुई चीजों की बजाय भुनी या अंकुरित चीजें खाना बेहतर है। बहुत कम मात्रा में अखरोट, बादाम, मूंगफली, भुना पनीर या सलाद भी ले सकते हैं। खाली पेट ड्रिंक्स लेंगे तो नशा ज़्यादा होगा। अगर पानी और सोड़ा डालेंगे तो असर कम होगा। खाने के साथ लेने पर नशा और कम होगा।

अध्ययनकर्ताओं का दावा है कि वाइन और बीयर का सेवन करने वाले लोग यदि इसका नियमानुसार कम अनुपात में सेवन करें, तो यह उनके दिल की सेहत के लिए मददगार हो सकता है। तो जब अगली बार पार्टी करें तो इन बातों को याद रखना ना भूले।

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।