नमकीन और स्नैक्स का नाम सुनकर अक्सर हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। अक्सर वह चीज़ हमारे दिमाग में घूमने लगती है, जो हमें सबसे ज़्यादा पसंद होती है। भुजिया, दालमोंठ, सेव और कई नमकीन स्नैक्स को शाम की चाय के लिए तैयार किया जाता है। इन हल्के-फुल्के स्नैक्स से पेट और मन तो भर जा सकता है, लेकिन नियत नहीं। इस बारिश में अगर आपके दोस्त ज़िद्द करे आपके घर चाय पीने की, तो उन्हें चाय के साथ ये खास नमकीन ज़रूर दे। साथ ही ये भी जाने कि कैसे रख सकते है इन नमकीनों का ख्याल क्योंकि अक्सर हर किसी को शिकायत होती है कि बारिश में नमकीन कुरकुरे नहीं रहते और उनका स्वाद भी बदल जाता है।

आलू भुजिया सेव नमकीन

बेसन मिले आलू सेव का स्वाद लाजवाब होता है.

आलू भुजिया सेव नमकीन का स्वाद बड़ा ही अलग और खास होता है। इसे हर कोई बडे़ मज़े से खाता है। आलू सेव को कई तरह से बनाया जाता है। हर तरह से बनाए गए सेव का स्वाद अलग होता है। लेकिन इन्हें बनाने का तरीका एक ही होता है।

रतलामी सेव नमकीन

सेव बनाने में मुख्य रूप से मूंगफली के तेल का उपयोग किया जाता हे।

मध्य प्रदेश के एक प्रमुख शहर रतलाम की प्रसिद्धि का एक प्रमुख कारण इस शहर के अलग अलग तरह के नमकीन जैसे समोसा, कचोरी, पोहे और फलाहारी नमकीन है। नमकीन की इन श्रेणियों में सेव का अपना प्रमुख स्थान है। मुख्य रूप से बेसन एवं मसालों से निर्मित इस नमकीन की बिक्री भारत के अलग अलग प्रदेशों में दूर दूर तक होती हे। सेव के प्रकारों में मुख्य रूप से लोंग, लहसून एवं काली मिर्च से बनी सेव की डिमांड ज़्यादा है।।

बीकानेरी भुजिया

बिकानेरी भुजीया बहुत तीखी होती है।

बीकानेरी भुजिया देशभर में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली नमकीन है और इसके चलते राजस्थान का बीकानेर भी काफी मशहूर हो गया है। बीकानेर की यह प्रसिद्ध नमकीन बेसन के बारीक सेव या जवे की तरह बनती है। 1877 में बीकानेर के राजा ड़ूगर सिंह के शासनकाल में भुजिया को ईजाद किया गया। तब इसे ड़ूगरशाही के नाम से जाना जाता था।

लहसुन नमकीन

लहसुन को अच्छे से तेल में फ्राय कर बनाया जाता है।

आमतौर पर हम लहसुन का इस्‍तेमाल खाने में तड़का लगाने या ग्रेवी बनाने के लिए करते हैं। लहसुन किसी भी सब्‍जी के स्‍वाद को जानदार बना देता है,लेकिन लहसुन में ऐसे गुणकारी तत्‍व मौजूद होते हैं, जो आपको कई बीमारियों से दूर रखते हैं। लहसुन एक वंडर फूड है। आयुर्वेद में तो लहसुन को औषधि माना गया है। इसी को ध्यान में रख कर लोगों के बीच लहसुन नमकीन बहुत ज़्यादा प्रचलित है।

चिवड़ा नमकीन

इसे घर पर बनाना बहुत ही आसान है।

चिवड़ा पोहे या चूरे से बना हुआ नमकीन होता है, जिसमे मूंगफली या ड्राई फ्रूट्स मिला के बहुत ही स्वादिष्ट नमकीन बनती है| चिवड़ा नमकीन भारत की एक बहुत ही प्रसिद्ध नमकीन है, जिसे चिवड़ा (पोहा), मूंगफली और सूखे नारियल और कई तरह के ड्राई फ्रूट्स को मिलाकर बनाया जाता है। यह नमकीन अक्सर त्यौंहारों और शादी-विवाह जैसे ख़ास मौकों से लेकर रोज़मर्रा तक के जीवन में ख़ास जगह रखती है। इसे आप चाय के साथ खाए और मेहमानों को खिलाये।

मूंग और चना दाल नमकीन

ये दाल महीनों ड़िब्बे में बंद कर रख सकते हैं।

मूंग दाल की नमकीन बहुत ही टेस्टी और हल्की होती है। ये चाय के साथ बहुत ही अच्छी लगती है। इसे 15-20 दिनों तक स्टोर करके रख सकते है। चने की दाल और मूंग दाल को फ्राय कर तैयार होने वाली ये दाल नमकीन काफी क्रिस्पी और मज़ेदार होती है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।

अक्सर मानसून के मौसम में ये परेशानी रहती है कि नमकीन का पैकेट खोलने के बाद इसे ख़राब होने से कैसे बचाया जाए। अगर आपकी भी यही परेशानी है, तो आप परेशान ना हो क्योंकि हम आपको बताएंगे सबसे आसान उपाय। सबसे पहले तो अगर आपकी नमकीन थोड़ी सील गई या गीली हो गई है, तो आप इसे धीमी आंच में तवे या कढ़ाई में गर्म कर ले। ऐसा करने से नमकीन फिर कुरकुरी और स्वादिष्ट हो जाएगी।

आप अपनी नमकीन को किसी एयर टाइट ड़िब्बे में भी बंद कर सकते है। अब इंतज़ार किस चीज़ का है, इस बारिश में जमकर चाय और नमकीन मज़ा ले।

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।