शायद ही ऐसा कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसे चॉकलेट खाना पसंद नहीं हो। मनपसंद डेज़र्ट के रूप में हम चॉकलेट खाना पसंद करते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें चॉकलेट का स्वाद पसंद है और कुछ ऐसे होते हैं जो चॉकलेट को अलग अलग खाद्य पदार्थों के साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन चॉकलेट को लेकर कुछ ऐसी बातें या कहें फन फैक्ट्स हैं, जिसके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। आज हम आपको कुछ ऐसे ही फैक्ट्स बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़ कर आप खुश हो जाएंगे।

आपको जान कर हैरानी होगी कि चॉकलेट पहले लोग चॉकलेट को मीठा नहीं, बल्कि तीखे स्वाद के साथ भी पसंद करते थे। अमेरिका में पहले कोको के बीज जो को पीस कर उसमें मसाले और मिर्च मिलायी जाती थी। इसी वजह से उसका स्वाद तीखा हुआ करता था। कई वर्षों तक लोग इसका प्रयोग एक पेय के रूप में किया करते थे। लेकिन चॉकलेट को मिठास यूरोप में जाकर मिली। यूरोप में सबसे पहले स्पेन से मीठी चॉकलेट की खोज हुई।

चॉकलेट एक ऐसा डेज़र्ट है, जिसे हिटलर भी पसंद करता था। कहा जाता है कि हिटलर दिन में एक किलो चॉकलेट खा जाता था। इसलिए उसके खाने के साथ-साथ चॉकलेट से बने डेज़र्ट का भी ख़ास खयाल रखा जाता था।

एक किलो चॉकलेट बनाने के लिए करीब-करीब 800 कोको बीन्स की ज़रुरत पड़ती है

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जैसा कि आप सभी जानते हैं, चॉकलेट कोको के बीजों से बनती है। यह बीज जिस पेड़ पर उगते हैं, वह 200 साल तक जीवित रहता है। यह पेड़ साल भर में 2500 कोको बीन्स पैदा करता है। जिसमें से एक किलो चॉकलेट बनाने के लिए करीब-करीब 800 कोको बीन्स की ज़रुरत पड़ती है।

आप शायद नहीं जानते होंगे कि कोको बीन्स 300 अलग-अलग फ्लेवर्स में उपलब्ध होते हैं, जिसकी 400 से ज़्यादा अलग-अलग सुगंध हमें मिलती है। हर साल चॉकलेट इंडस्ट्री में करीब 38 लाख टन कोको बीज का इस्तेमाल होता है।

यदि आप भी चॉकलेट से गहरा ताल्लुक रखते हैं, तो आपको ये पता होगा कि बेल्जियम को चॉकलेट का स्वर्ग कहा जाता है। यहां बनाई जाने वाली चॉकलेट लोगों के बीच काफी फेमस है। यहां चॉकलेट की 2000 से भी ज़्यादा दुकाने पाई जाती हैं।

दूसरे महायुद्ध में जर्मनी ने चॉकलेट बम का निर्माण किया था

क्या आपने कभी सुना है कि कोको की अच्छी पैदावार के लिए किसी मनुष्य की बलि दी गई हो? नहीं ना, लेकिन ये सच है। दरअसल प्राचीन माया सभ्यता में लोग चॉकलेट के लिए उगाए जाने वाले कोको की अच्छी पैदावार के लिए मनुष्य की बलि देते थे। वे जेल में बंद किसी अपराधी को स्वादिष्ट कोको का एक कप पिलाने के बाद उसे हलाल कर देते थे।

दूसरे महायुद्ध में जर्मनी ने चॉकलेट बम का निर्माण किया था, जिसके रैपर को फाड़ने के 7 सेकण्ड बाद वो फट जाता था।

तो ये थीं चॉकलेट को लेकर ऐसी बातें, जिसे पढ़ कर आप हैरान हुए बिना नहीं रह पाएंगे। तो आप कब खा रहे हैं चॉकलेट।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..