वेट लॉस करने के लिए अक्सर लोग ग्रीन टी पीते हैं।

ग्रीन टी पीना आज कल एक आम चलन हो गया है।

पहले लोग ग्रीन टी के बारे में नहीं जानते थे, लेकिन आज हर तीसरा व्यक्ति ग्रीन टी का सेवन करता है।

लेकिन क्या आपने कभी ग्रीन कॉफी के बारे में सुना है? जी हां ग्रीन टी की ही तरह ग्रीन कॉफी भी वेट लॉस करने में आपकी सहायता कर सकती हैं। इसके साथ-साथ इसका सेवन करने से आपको और भी कई फायदे होंगे
आइए जानते हैं ग्रीन कॉफी के बारे में कुछ खास बातें।

वज़न कम करती है ग्रीन कॉफी

ग्रीन कॉफी में एंटीआक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है, जो आपका वज़न कम करने में मदद करती है।

अक्सर लोग सवाल करते हैं कि ग्रीन कॉफी और ग्रीन टी में क्या फर्क है? ग्रीन कॉफी से वज़न कैसे कम कर सकते हैं? यह कैसे बनती है और ग्रीन कॉफी पीने का तरीका क्या है?

आइए जानते हैं ग्रीन कॉफी और उसे पीने से होने वाले वेट लॉस के बारे में ज्यादा बातें। दरअसल ग्रीन कॉफी को फैट बर्न सप्लीमेंट के रूप में जाना जाता है।

कहा जाता है कि इसे रोज़ाना पीने से आप 30 दिन में 15 किलो तक वजन कम कर सकते हैं, हालांकि हम ऐसी बात को तवज्जो नहीं देते, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक ग्रीन कॉफी के सही तरीके से सेवन करने पर आप 1 महीने में 3 से 5 किलो वजन घटा सकते हैं।

व्यस्त दिनचर्या के कारण जो लोग योग और एक्सरसाइज़ नहीं कर सकते हैं, उनके लिए ग्रीन कॉफी पीना फ़ायदेमंद होता है।

क्या है ग्रीन कॉफी?

ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित करता है

 

ग्रीन कॉफी और नॉर्मल कॉपी में काफी बड़ा अंतर है।

ग्रीन कॉफी वास्तविक कॉफी का एक नेचुरल रूप है। ग्रीन कॉफी कच्चे कॉफी बींस से बनती है, जिसे भुना नहीं जाता। हालांकि कॉफी बींस भूनने के बाद उसकी खुशबू और टेस्ट अच्छा आता है, लेकिन ग्रीन कॉफी में वो टेस्ट आपको नहीं मिल पाएगा।कॉफी बींस भूनने में इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक औषधीय गुण नष्ट हो जाते हैं।

लेकिन जब हम ग्रीन कॉफी बींस से बनी कॉफी पीते हैं, तो इसमें ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और वेट लॉस करने के और भी गुण हमें मिल जाते हैं।

ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित करता है। नियमित रूप से ग्रीन कॉफी का सेवन करने से बॉडी में फैट खत्म होने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।

मोटापा कम करने में ग्रीन कॉफी फ़ायदेमंद होती है, क्योंकि इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्म अच्छा होता। है और बॉडी में जमा फैट बर्न होने लगता है, इसी से वेट लॉस की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

मेटाबोलिज्म बढ़ने से शरीर में एनर्जी और स्टैमिना भी बढ़ता है। थायराइड से परेशान लोगों में मोटापा बढ़ते खास तौर पर देखा गया है। अगर आप भी थायराइड से ग्रसित हैं, तो वेट लॉस के लिए ग्रीन कॉफी का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन उससे पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

कब करें ग्रीन कॉफी का सेवन?

सुबह ब्रेकफास्ट से पहले ग्रीन कॉफी पीने से जल्दी वेट लॉस किया जा सकता है।

खाने के आधा घंटा पहले इसका सेवन कर सकते हैं, वहीं ग्रीन कॉफी पीने के आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद कुछ नहीं खाने-पीने की सलाह दी जाती है।

अगर आप ग्रीन कॉफी टेबलेट या कैप्सूल ले रहे हैं, तो इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी आपको डॉक्टर से पूछना चाहिए।

कैसे बनाएं ग्रीन कॉफी?

अक्सर ग्रीन कॉफी को बनाने और इसका सेवन करने से पहले लोगों के मन में सवाल उठता है, इसे कैसे बनाएं?

ग्रीन कॉफी बींस और पाउडर दोनों के रूप में उपलब्ध है। पाउडर और बीज के अलावा आजकल ग्रीन कॉफी टेबलेट भी आती है। ग्रीन कॉफी यदि आप बींस के साथ बना रहे हैं, तो इसमें पानी, शहद और इलायची का इस्तेमाल होता है।

रात भर आपको बींस को पानी में भिगोकर छोड़ दें, सुबह इस पानी को खंगालकर 15 मिनट धीमी आंच पर उबाल लें, ग्रीन कॉफी तैयार है।अब इसे बेहतर टेस्ट का बनाने के लिए इसमें शहद और इलायची मिलाई जा सकती है।

ग्रीन कॉफी अगर आप पाउडर से बना रहे हैं तो आपको नॉर्मल कॉफी की ही तरह इसे बनाना होगा। पाउडर में गर्म पानी मिलाकर इससे थोड़ी देर के लिए रखें और करीब 10 मिनट बाद इसे छान लें और इस का लुफ्त उठाएं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..