भारतीय खान-पान में हमेशा ही को तवज्जो दी जाती है। लेकिन आज की लाइफ स्टाइल को देखते हुए लोग घी खाना छोड़ चुके हैं, उनका मानना है कि घी खाने से वज़न बढ़ता है। इसकी वजह माना जाता है यूरोपियन चिकित्सा पद्धति को, पश्चिमी विज्ञान ने ही घी के सेवन के फ़ायदों को सिरे से नकार दिया है, जिसकी वजह से लोग घी जैसी स्वास्थ्यप्रद चीज़ से किनारा करने लगे हैं।

यदि घी के फ़ायदों पर ध्यान दिया जाए, तो इसके फायदे इतने हैं कि आप गिनते-गिनते थक जाएंगे। खास तौर पर देसी घी के, जिसे घर में बनाया जाता है। इसे खाने से वज़न बढ़ता नहीं, बल्कि घटता है। आइए जानते हैं कैसे-

आसानी से पचता है घी

देसी घी में ब्यूटेरिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला सैच्युरेटेड फैट शरीर में जाकर जल्दी गल जाता है। इसीलिए देसी घी, वनस्पति घी या तेल की तुलना में आसानी से पच जाता है। आयुर्वेद की माने तो घी खाने से एसिडिटी से छुटकारा मिलता है और यह पेट की गर्मी को शांत करता है। यह कब्ज़ से बचाता है और शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालता है।

वज़न कम करता है घी
घी में पाए जानेवाले और आसानी से गल जानेवाला सैच्युरेटेड फैट, शरीर में जमे जिद्दी फैट को घटाने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है

फेमस बॉलीवुड सेलब्रिटी न्यूट्रीशनिस्ट रुजुता दिवेकर बताती हैं कि घी में कॉन्ज्यूगेटेड लिनोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, यह तत्व शरीर का वज़न कम करने के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है। घी में पाए जानेवाले और आसानी से गल जानेवाला सैच्युरेटेड फैट, शरीर में जमे जिद्दी फैट को घटाने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। इसीलिए घी से किनारा करने की बजाय, आपको रोजाना 1 टेबलस्पून घी खाना चाहिए।

हार्मोन को संतुलित करता है घी

घी में विटामिन ए, विटामिन के 2, विटामिन डी, विटामिन ई होते हैं, जो हार्मोन को बनाने और संतुलित करने के लिए ज़रूरी माने जाते हैं। यही वजह है कि प्रेगनेंसी के बाद स्तनपान कराने वाली महिलाओं को देसी घी खिलाया जाता है।

और भी हैं कई फायदे

देसी घी में एंटी कैंसर, एंटी वायरल गुण होते हैं

देसी घी में एंटी कैंसर, एंटी वायरल गुण होते हैं। हर उम्र के व्यक्ति के लिए घी का सेवन फ़ायदेमंद माना जाता है। इसमें पाए जानेवाले विटामिन और पोषक तत्व हड्डियां मज़बूत बनाकर उसमें लचीलापन लाते हैं और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

यही नहीं, घी हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज को हटाता है। देसी घी में पाए जानेवाले ‘विटामिन के’ से दिल की नर्व्स से ब्लॉकेज हटता है और यह शरीर में फंसे बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाता है। इसीलिए देसी घी खाना दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है।

घी की एक बहुत बड़ी खूबी यह भी है कि यह जल्दी खराब नहीं होता। इसे ठंडा करने या रेफ्रिजरेटर करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह सामान्य तापमान पर भी स्टोर किया जा सकता है।

रुजुता की मानें तो भैंस के दूध के बने घी की बजाय गाय के दूध से बने घी को बेहतर है। वहीं बाज़ार से लाए हुए घी की अपेक्षा घर पर बनाए हुए घी को खाना ज्यादा फ़ायदेमंद माना जाता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..