भारतीय घरों में शायद ही कोई ऐसी सब्ज़ी हो, जिसे बिना आलू के बनाया जाता है। आलू बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद है। तकरीबन हर सब्ज़ी का स्वाद आलू से बढ़ जाता है, इसलिए कहा जाता है कि आलू के बिना भारतीय खाना लगभग अधूरा है। लेकिन जो अपने वज़न को लेकर सतर्क रहते हैं, उन्हें आलू खाने की इजाज़त नहीं होती। कहा जाता है कि आलू शरीर के वज़न को बढ़ाता है। इसीलिए इन्हें आलू से दूरी बरतनी पड़ती है। वहीं शुगर के रोगियों को भी आलू खाने की मनाही होती है। यदि आप भी आलू प्रेमी है और आपको आलू खाना बेहद पसंद है, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है, क्योंकि आलू के पांच ऐसे बड़े नुकसान है जिसके बारे में लोग आपको नहीं बताते। आइए जानते हैं वह क्या है।

एसिडिटी: यह सही है कि आलू खाने की वजह से आपको गैस की समस्या होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। आलू में ज्यादातर फैट पाया जाता है, जिसकी वजह से आलू खाने के बाद पेट फूलने की शिकायत लोगों को होती है।यदि आप भी एसिडिटी और गैस से परेशान है, तो आलू से परहेज करना आपके लिए बेहद ज़रूरी होगा।

शुगर की समस्या से पीड़ित लोगों को आलू खाने की मनाही होती है

शुगर: यदि आपको डायबिटीज़ है, तो आलू से तौबा कर लें। यह आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। शुगर को नियंत्रण में रखने वाले आलू के सेवन में भी नियंत्रण रखते हैं। आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जो शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ाता है। इसीलिए शुगर की समस्या से पीड़ित लोगों को आलू खाने की मनाही होती है।

ब्लड प्रेशर: आलू खाने से आपको ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। असल में हफ्ते में 4 या उससे ज्यादा बार आलू खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है। ज़रूरी है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचाव के लिए आलू का सेवन कम से कम करें।

जो वज़न कम करना चाहते हैं, उन्हें आलू खाने से तौबा करनी होगी।

वेट गेन: राजकोट की जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट प्रियंका वेगड़ बताती है कि आलू वज़न बढ़ाने का काम करता है। उन लोगों के लिए यह बेहद अच्छा है जो लोग अपना वज़न बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन इसके विपरीत जो वज़न कम करना चाहते हैं, उन्हें आलू खाने से तौबा करनी होगी। आलू में सबसे ज्यादा फैट और कैलरीज़ पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। इसीलिए आलू खाना वेट गेन की समस्या को न्योता देता है।

यदि आप भी आलू से परहेज के बारे में सोच रहे हैं तो जल्द से जल्द इस पर अमल करें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..