गर्मियों में मिलनेवाले फल का ज़िक्र जब भी आता है, तब हमारे मन में सिर्फ आम का ही ख्याल आता है। यह एक ऐसा रसीला और स्वादिष्ट फल है, जिसे हर कोई पसंद करता है। खास बात है कि फलों के राजा के नाम से जाने जाते आम से कई तरह की डिशेज़ भी बनाई जा सकती है। इतना ही नहीं, आम जितना भारत में प्रसिद्ध है, विदेशों में भी लोग इसके इतने ही दीवाने हैं। लेकिन लोगों में एक बात सामान्य है तो वह है लोगों का आम खाने का तरीका। आम का रस एक ऐसी डिश है, जिसके बिना गर्मियों में लोगों का खाना अधूरा रह जाता है। आज हम आपको आम का रस बनाने ले अलग-अलग तरीकों से अवगत करवाएंगे।

दूध के साथ

आम रस बनाने के लिए दूध का इस्तेमाल हर कोई करता है। आम तौर पर दूध के साथ मिलाकर आम रस बनाना लोग बेहद पसंद करते हैं। इसके लिए आम के छिलके उतारकर इसे बड़े-बड़े टुकड़ों काट लिया जाता है। इसके बाद इसमें ठंडा दूध और शक्कर डाली जाती है। मिक्सी में इसे फेंटकर इसे स्मूद बनाया जाता है। लेकिन इस आमरस में इस बात का ध्यान दिया जाता है कि ये पतला ना बने। इसे लोग रोटी या परांठे के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं।

मिल्कशेक की तरह

मिल्कशेक वाला आम रस भी लोगों के घर में आम तौर पर बनाया जाता है। इसमें दूध के साथ-साथ एक भाग पानी भी मिलाया जाता है। कुछ लोग मिक्सी में इसे फेंटने से पहले बर्फ के टुकड़ों को इसमें डालना पसंद करते हैं। वहीं भारत के कुछ भागों में इसमें इलायची भी डाली जाती है। ये खास तौर पर शाम को स्नैक्स टाइम पर पिया जाता है। लोगों के बीच ये मैंगो मिल्कशेक के नाम से फेमस हैं। आपको जान कर हैरानी होगी कि कुछ लोग इसे स्मूदी की तरह पीना पसंद करते है और इसके लिए इसमें वे वैनिला आइसक्रीम मिलाना पसंद करते हैं।

इसके लिए पके और मीठे आमों के छिलकों को सावधानी से उतारा जाता है

केसर के साथ

भारत के कुछ इलाकों में आम रस बनाते वक्त केसर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए वह मीठे आमों का प्रयोग करते हैं। आम के टुकड़ों के साथ फुल क्रीम दूध, शक्कर डाल कर इसे मिक्सी में फेंटा जाता। इसके बाद दूध में भिगाई हुई केसर को इस मिश्रण में डाल कर इसे एक बार और स्टर किया जाता है। इसके बाद इस मिश्रण को ठंडा-ठंडा परोसा जाता है।

टुकड़ेवाला आम रस

यह आम रस बनाने का एक अलग तरीका है। इसके लिए पके और मीठे आमों के छिलकों को सावधानी से उतारा जाता है। इसके बाद प्याज़ की तरह इसमें आड़े और तिरछे कट लगाए जाते हैं। जिससे इसके छोटे टुकड़े गुठली से अलग हो जाते हैं। इसके बाद पीसी हुई शक्कर के साथ इसे हलके हाथों से मिलाया जाता है। इस तरह के रस को बनाने में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इसे फेंटा ना जाए। इससे आपको आम के टुकड़ों के स्वाद का लुत्फ़ उठाने में आसानी होती है।

इसके लिए पके और मीठे आमों के छिलकों को सावधानी से उतारा जाता है

पानी के साथ

आपको जान कर हैरानी होगी कि महाराष्ट्र में आम रस में दूध का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि आम के टुकड़ों में ठंडा पानी मिलाकर इसे मिक्सी में फेंटा जाता है। साथ ही इसमें पीसी हुई शक्कर डाली जाती है। जिन लोगों को दूध का स्वाद पसंद नहीं होता, वे इस तरह आम का रस बना सकते हैं। इस आम रस के साथ महाराष्ट्र में पूरी खाने का चलन है।

तो देर किस बात की, जल्द से जल्द आम रस की इन रेसिपीज़ को ट्राय करें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..