खाने-पीने के मामले में आजकल लोग पहले की तुलना में कहीं अधिक जागरूक हो चुके हैं। क्या खाना सेहत के लिए अच्छा है और खाने की कौन सी चीजें अवॉयड करनी चाहिए, इसकी समझ आजकल अधिकांश लोगों में है। हालांकि, अच्छी सेहत के चक्कर में खाने-पीने की ऐसी बहुत सी पाबंदियां हैं जिन्हें लोग फॉलो करते हैं। इसी क्रम में घर का बना हेल्दी खाना जैसे घी, सब्जी में मसाले आदि तक लोग खाना अवॉयड कर देते हैं। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि कैसे घर का बना खाना खाकर भी आप बेहतरीन हेल्थ मेंटेन कर सकते हैं।

पहली और सबसे ज़रूरी बात है ये है कि घर का खाना सबसे सेहतमंद खुराक होती है इसलिए इसे मिस करना वैसे भी आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। घर का खाना जहां फ्रेश बनाया जाता है, वहीं इसमें सीमित मात्रा के अनुसार तेल मसाले डाले जाते हैं। हां यह बात ज़रूर है कि यदि आप फैट को लेकर कॉन्शियस हैं तो अपनी डाइट में थोड़े चेंजेस करके उन्हें हेल्थ के अनुसार तैयार कर सकते हैं। खासकर, सब्जी बनाते समय वह कौन से बदलाव हैं जिन्हें कर के आप भी शानदार हेल्थ पा सकते हैं, आइए जानते हैं।

सब्जियां ओवर कुक न करें

डाइटीशियन मंजरी ताम्रकार के मुताबिक, घर के खाने में दाल के अलावा सब्जियों की अहम भूमिका रहती है। कई बार इन्हें पकाते समय हम इनमें इतना अधिक तेल मसाला प्रयोग कर लेते हैं कि सब्जियों से मिलने वाले पोषक तत्व ही ख़त्म हो जाते हैं इसलिए कभी भी सब्जियों को स्वादिष्ट बनाने के लिए ओवर कुक न कर दें। जितनी ज़रुरत हो उन्हें उतना ही पकाएं। कढ़ाई में सब्जी घंटों पकाने के बजाए कुकर में इन्हें बनायें तो ये जल्दी भी बनेंगी और इनके पोषक तत्व भी कम नहीं होंगे।

स्वाद वही लेकिन कॉम्बिनेशन में बदलाव

कम हो मसाले का प्रयोग
कम हो मसाले का प्रयोग

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अक्सर सब्जी की करी वगेरह में तेज मसालों, तेल, दही और अन्य पदार्थों का इस्तेमाल होता है। यह इसे खाने में जहां स्वादिष्ट बना देता है, वहीं इसे ज्यादा हेवी भी बना देता है। ऐसे में यदि आप हेल्थ को लेकर कॉन्शियस हैं तो इसमें मसालों का सीमित उपयोग करते हुए दही और नारियल पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से ना सिर्फ करी का स्वाद बरकरार रहेगा, बल्कि तेज मसालों से होने वाली गैस, अपच आदि की दिक्कतों से भी आपको छुटकारा मिल जायेगा। आपको बता दें कि दही और नारियल पानी पाचन के लिए भी अच्छा होता है इसलिए इनका सेवन करना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा।

मसालों की जगह पत्तों का इस्तेमाल

रोज़ाना बनने वाली सब्जियों में मसालों की मात्रा थोड़ी कम करते हुए इसकी जगह करी पत्तों का इस्तेमाल करें जैसे कढ़ी पत्ता, जायफल, पुदीना की पत्तियां और धनिया पत्ती आदि। आपको बता दें कि नियमित रूप से सेवन किए जाने पर करी पत्ते खराब कोलेस्ट्रॉल से लड़ते हैं और शरीर की चर्बी पर हमला करते हैं, जिससे मोटापा कम होता है। इसलिए यदि आप हेल्थ को लेकर कॉन्शियस हैं तो अपनी डाइट में इन्हें याद से शामिल करें।

मसालों को कम करें लेकिन पूरी तरफ तौबा करना है गलत

याद रखें -अति सर्वत्र वर्जयेत् यानी किसी भी चीज की अति करना अच्छा नहीं है। आप मसाले ज़रूर खाएं लेकिन इनकी अधिकता आपको बीमार कर सकती है। मसाले जैसे हल्दी, काली मिर्च, लाल मिर्च स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी पोषक तत्व हैं इसलिए इनका सेवन करना आपके लिए हितकर रहेगा। हालांकि, यही मसाले यदि आपने अत्यधिक मात्रा में खा लिए तो हेल्थ का नुकसान होना तय है। ज्यादा मसाले पेट में गर्मी पैदा करते हैं जिससे आपको कब्ज़, दस्त, जलन और अल्सर जैसी समस्यायें हो सकती हैं।

फैट्स अच्छे या बुरे ?

यह एक बड़ी बहस है जिसमें हमेशा लोग उलझे रहते हैं। हालांकि हम आपको बता दें कि देसी घी का सेवन करने से आप आप बड़ी ही आसानी से अपना मोटापा घटा सकते हैं। दरअसल, घी में फैटी एसिड, ओमेगा -6 पाया जाता है जो शरीर में फैट के स्तर को कम करने और लिपिड और प्रोटीन को बनाए रखने में सहायक होता है। इसलिए घर के खाने में खासकर सब्जी में घी का प्रयोग करना आपके लिए फायदेमंद ही साबित होगा क्योंकि, मार्केट में मिलने वाले रिफाइंड ऑयल से आपको फायदा कम नुकसान ही ज्यादा मिलेंगे। दरअसल, रिफाइंड ऑयल रिफाइनिंग के नाम पर कई बार रिफाइन किये जाता हैं इसलिए उनसे मिलने वाले सभी फायदे नष्ट हो जाते हैं। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स खाने में ज्यादा से ज्यादा देसी घी के इस्तेमाल की बात कहते आ रहे हैं।

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