क्या आपको हर वक़्त थकान बनी रहती है ? क्या आपके चेहरे पर झाइयां और झुर्रियां दिखने लगी हैं? और क्या आपके घुटनों में दर्द बना रहता है ? इन सभी सवालों के जवाब यदि हां में हैं तो अब समय आ गया है कि आप अपनी डाइट में कुछ विटामिन सप्लीमेंट्स शामिल करें। 40 प्लस की उम्र में अधिकांश महिलाओं को उपरोक्त समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स की मानें तो डाइट में कुछ चुनिंदा विटामिन्स को शामिल करने से 40 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाएं अपनी सेहत में काफी सुधार पा सकती हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ विटामिन्स के बारे में।

स्ट्रोंटियम –

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होती चली जाती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी से लड़ने में स्ट्रोंटियम विटामिन सबसे असरदार है। एक्सपर्ट्स भी 40 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को अपनी डाइट में 340 एमजी स्ट्रोंटियम शामिल करने की सलाह देते हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ़ मेडिसिन द्वारा की गई एक हालिया स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है कि स्ट्रोंटियम के सेवन से महिलाओं की हड्डियों को मजबूती मिलती है।

राइबोज़-

महिलाएं जिन्हें कमज़ोरी की शिकायत रहती है उनके लिए राइबोज़ विटामिन किसी वरदान से कम नहीं हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो राइबोज़ के नियमित सेवन से महिलाओं के शरीर में एनर्जी लेवल मेंटेन रहता है। इसका सेवन 3 हफ़्तों तक लगातार करने से शरीर में 60 प्रतिशत तक एनर्जी मिलती है।यही नहीं राइबोज़ के सेवन से एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में रुकावट) और हृदय संबंधी रोगों में भी लाभ मिलता है।

40 पार करने के बाद महिलाओं को लेने चाहिए ये विटामिन

विटामिन डी 3 दूर करता है डिप्रेशन

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विटामिन डी 3-

विटामिन डी 3 का सेवन करना 40 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए खासा लाभदायक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन डी 3 के सेवन से डिप्रेशन के लक्षण दूर होते हैं साथ ही वेट लॉस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

कैल्शियम

कैल्शियम सबसे प्रभावी मिनरल्स में से एक है इसका सेवन यदि विटामिन डी के साथ किया जाए तो गजब का फायदा मिलता है। यह ना सिर्फ हड्डियों के लिए एक पोषक तत्व है बल्कि शरीर के ओवरआल विकास में भी इसका बड़ा योग्यदान है।हरी पत्तेदार सब्जियों में आपको अच्छी खासी मात्र में कैल्शियम मिल जायेगा इसलिए इन्हें अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें।

हाइड्रोक्लोरिक एसिड

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है शरीर में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्र घटने लगती है। हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कमी के चलते ही अधिकांश महिलाओं को अपच और आतों में सूजन की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स के अनुसार 40 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को अपनी डाइट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बतौर सप्लीमेंट शामिल करना चाहिए।

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