चैत्र नवरात्री की शुरुआत हो चुकी है और इन दिनों में लोग उपवास करते हैं। उपवास करने के दौरान आपको आपकी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की ज़रुरत पड़ती है। इस दौरान हमें क्या खाना है और क्या नहीं, ये तय करना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि उपवास के दौरान खायी गई चीज़ें हमारी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो उपवास के दौरान आपको नहीं खाएं चहिये।

नमक

उपवास में सेंधा नमक खाने की सलाह दी जाती है

जैसा कि आप जानते हैं कि उपवास के दौरान सेंधा नमक खाया जाता है। लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है कि सेंधा नमक उपवास में आखिर क्यों खाया जाता है? दरअसल, सादे नमक में ज़्यादा मात्रा में सोडियम होता है, जिसकी वजह से उपवास में सेंधा नमक खाने की सलाह दी जाती है। यह प्राकृतिक नमक होता है, जो प्रोसेस्ड ना होने के कारण पेट का ख्याल रखता है।

लहसुन-प्याज़

प्याज़ और लहसुन खाने से पेट की गर्मी बढ़ती है

वैसे तो आम दिनों में बगैर लहसुन और प्याज़ के हमारे घरों में खाना नहीं बनाया जाता और ऐसा इसलिए, क्योंकि यह खाने के स्वाद को दुगुना कर देती है। वहीं उपवास के दिनों में लहसुन और प्याज़ ना खाएं की सलाह दी जाती है। इसका कारण है कि प्याज़ और लहसुन खाने से पेट की गर्मी बढ़ती है और यह उपवास के दौरान हमारे पेट का पाचन तंत्र बिगाड़ देता है। वहीं जब हम भूखे रहते हैं, तो पेट को ठंडा रखने की सलाह दी जाती है और प्याज़ और लहसुन की तासीर गर्म होती है। यह भी कारण है कि उपवास में इनका उपयोग निषेध माना जाता है।

मैदा

उपवास में मैदे की बजाय कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने की सलाह दी जाती है

मैदे का इस्तेमाल वैसे तो कई डिशेस में होता है, लेकिन उपवास के दौरान इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उपवास के दौरान मैदे से बने चीज़ें खाने से आपके पेट को इसे पचाने में खासी मेहनत करनी पड़ती है, जिसकी वजह से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और आपको गैस, अपच और एसिडिटी जैसी शिकायत हो सकती है। इसलिए उपवास में मैदे की बजाय कुट्टू के आटे से बने व्यंजन खाने की सलाह दी जाती है।

दाल-चावल

आपने कभी ध्यान दिया है कि उपवास में दाल-चावल का सेवन नहीं किया जाता। ऐसा किसलिए होता है? असल में व्रत रखने से शरीर के डायजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है और इसलिए उपवास रखने सलाह लोगों को दी जाती है। लेकिन जब आप उपवास में दाल-चावल का सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीर को आलस से भर देता है, जिसकी वजह से आपको नींद आने और थकान जैसा अनुभव होता है। इसलिए दाल- चावल की जगह भगर का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

तो इस चैत्र नवरात्र में इन चीज़ों से करें परहेज़ और रखें अपनी सेहत का ख़ास ख़याल।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..