बहुत सारे लोगों को लेह और लद्दाख का एडवेंचर और वहां के खूबसूरत दृश्य रोमांचक लगते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं जो यहां के स्टोक रेंज के बारे में जानते हैं। दरअसल, स्टोक रेंज बाइकिंग और ट्रेकिंग के क्षेत्र से थोड़ी ही दूरी पर है। स्टोक रेंज पर 15 शताब्दी पुराना एक मठ स्थित है जो अब तक यात्रियों के लिए बंद था।

इस मठ के दरवाज़े के पीछे, लद्दाख में निवासियों ने थांगता पेंटिंग्स स्थापित की है। इस मठ की स्थापना 1410 में हुई थी और यह तिब्बती बौद्ध धर्म से जुड़ा हुआ है। इस मठ से आपको सुन्दर सिंधु नदी देखने को मिलती है।

इस मठ के आंगन में आपको यहां की संस्कृति और पौराणिक वस्तुओं की एक झलक भी देखने को मिलती है।

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मैथो मोनेस्ट्री म्यूज़ियम का मामोमू प्रोजेक्ट गौतम बुद्ध के समय से ही, सिल्क के कपड़ों पर बनाई गयी इन थांगता पेंटिंग्स के माध्यम से, लोगों को जीवन से जुड़ी कई प्रेरणादाई सीख दे रहा है। इस मठ में प्राचीन कलाकृतियों, पीतल की मूर्तियों, टिबेटियन डांस मास्क और पारम्पारिक वस्तुओं और कपड़ों का भंडार है। लेकिन यहां सबसे प्रसिद्ध है यहां की अनगिनत थांगता पेंटिंग्स। पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा थांगता पेंटिंग्स यहीं पर है, जो 14 वीं शताब्दी की याद दिलाती है। साथ ही यहां की कुछ पेंटिंग्स ऐसी भी हैं, जो12 वीं शताब्दी में बनाई गयी थी, लेकिन 2-3 साल पहले ही इसकी खोज की गई हैं।

कुछ थांगता पेंटिंग्स 14 वीं शताब्दी जितनी पुरानी हैं

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टेक्नीशियन और विशेषज्ञ ही नहीं,बल्कि यहां के निवासी ही अपनी विरासत की रक्षा करते हैं। इस म्यूज़ियम को लद्दाख के किसी अन्य बड़े घर की तरह पारंपरिक तरीके से बनाया गया है, जिसमें मिट्टी की ईंटों और चिनार की लकड़ी का उपयोग किया गया है। इसकी दीवारों और दरवाज़े-खिड़कियों पर भी लकड़ी से अच्छा काम किया गया है। यह तीन – मंज़िला म्यूज़ियम हैं।

लद्दाख की महिलाएं इन पारम्पारिक थांगता पेंटिंग्स का बहुत ध्यान रखती है।

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चूंकि यह गांव लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से एकदम जुदा है, यहां पर यात्रियों के रहने के लिए ज़्यादा सुविधाएं मौजूद है। इसलिए इससे पहले की ज़्यादा लोग यहां आकर इसे एक पर्यटन स्थल बना दें और भीड़ करें, आप इस जादुई क्षेत्र की खूबसूरती का आनंद लेकर आ जाएं।

मैथो गांव, ज़ांस्कर रेंज और सिंधु नदी के पास एक घाट पर स्थित है। सिंधु नदी के पास स्थित इस गांव के लोग खुशमिज़ाज होते हैं और उनका जीवन इसी मठ के इर्द-गिर्द घूमता है।

मैथो मोनैस्ट्री लेह से 45 मिनट की ड्राइव पर है। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय गर्मियों के दौरान होता है क्योंकि मानसून और सर्दियां के दौरान वहां रहना मुश्किल होता है।