संगीत की दुनिया में सूफी गायक और कव्वाल नुसरत फतेह अली खान साहब का नाम उन बुलंद सितारों की तरह है, जो संगीत के आसमान को रौशन करते हैं। नुसरत फतेह अली खान साहब के गीत आज भी लोगों की जुबां पर उसी तरह है, जैसे समय बीत जाने पर भी मीठे का स्वाद जुबां पर रह जाता है।

आज हम बात करेंगे, नुसरत साहब की एक ऐसी ग़ज़ल की, जो संगीत प्रेमियों के बीच चर्चित है। नुसरत साहब की इस ग़ज़ल का नाम है, ‘यह जो हल्का-हल्का सुरूर है’। यह गज़ल जब नुसरत साहब ने लोगों के सामने गायी थी, तो इतनी वाहवाही बटोरी थी कि उसकी गूंज आज भी लोगों के कानों में सुनाई देती है। इस गाने को जहां नुसरत साहब की आवाज़ मिली है, वहीं इस गाने के बोल लिखे हैं अनवर फ़र्रुखाबादी ने।
 
ज़रा देखिए इस गाने की एक झलक, जिसमें नुसरत साहब की जादुई आवाज़ कैसे जादू चला रही है।

 
हाल ही में नुसरत साहब को ट्रिब्यूट करते हुए देते हुए गायक स्टेबिन बैन में इस गाने का कवर लोगों के साथ शेयर किया है। इस कवर सॉन्ग में आप अदाकारा नीति टेलर की एक झलक देख सकते हैं। इस गाने को एक नया रूप देते हुए स्टेबिन ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। इस गाने के का म्यूज़िक दिया है विकी और हार्दिक ने और वीडियो में आप देख सकते हैं स्टेबिन के साथ नीति की झलक।

 
पहचान म्यूज़िक के बैनर तले रिलीज़ हुए इस गाने को की खास बात यह है कि रिलीज़ के सिर्फ 3 दिन बाद इसके 2.2 मिलियन व्यूज़ यूट्यूब पर हो चुके हैं।इससे तो साफ ज़ाहिर होता है कि नुसरत साहब के इस गाने को नए कलेवर के साथ पेश करने वाले स्टेबिन के इस गाने को लोगों ने बेहद पसंद किया है।
 
आप भी देखिए इस नए और यूट्यूब पर ट्रेंडिंग गाने की एक झलक और हमें जरूर बताएं कि यह आपको कैसा लगा!
मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..