जहां आज पूरा विश्व योग दिवस को मना रहा है, वहीं कई ऐसे भी लोग है जिनकी कायापलट सिर्फ और सिर्फ योग के माध्यम से हुई है। बॉलीवुड के ऐसे ही कई सितारों के बारे में तो आप जानते ही हैं, उन्ही सितारों में एक है शिल्पा शेट्टी। विश्व योग दिवस पर आवाज़ डॉट कॉम शिल्पा के साथ खास बातचीत लेकर आया है।

प्रश्न – आपके लिए योग का क्या महत्व है

उतर – योग मेरे लिए एक आशीर्वाद है। ज़िंदगी में अनुशासन बहुत ज़रूरी है और योगा की वजह से मेरी जिंदगी फिर से अनुशासित हुई है। जब मैं आसन करती हूं तुम मुझे पता है कि वह मैं खुद के लिए कर रही हूं और वह मुझे मैं अपनी सेहत को सुधारने के लिए कर रही हूं। मेरे हार्मोन्स के लिए और मेरे दिमाग को शांत रखने के लिए, क्लीन करने के लिए कर रही हूं। जब मेरा दिमाग खुश होगा तभी तो मेरी सोच पॉजिटिव होगी और जब मेरे विचार पॉजिटिव होंगे तभी मैं अच्छा काम कर सकती हूं। मुझे लगता है कि योगा से बहुत कुछ बदला जा सकता हैं। मैं रोज़ समय निकालकर प्राणायाम करती हूं। मैं योगा को बहुत ही अलग तरीके से देखती हूं मेरी जिंदगी का हिस्सा नहीं है यह मेरी जिंदगी बन चुका है।

प्रश्न – क्या आपका बेटा भी योगा करता हैं।

उत्तर – वह कई अच्छे आसन बड़ी आसानी के कर लेता है। मुझे लगता है कि हर स्कूल में योगा होना ही चाहिए क्योंकि यही सही उम्र होती है योगा सीखने की, जब इन बच्चों का शरीर एकदम फ्लेक्सिबल होता हैं तो स्कूल में इसे कम्पलसरी किया ही जाना चाहिए।

प्रश्न – आपको लगता है कि आज की युवा पीढ़ी योग करती हैं ?

उतर- मुझे लगता है कि उस दिशा में बदलाव आया है। आज की युवा पीढ़ी भी योगा की तरफ बढ़ रही है। कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि योग से वेट लॉस नहीं होता है और कुछ लोग सोचते हैं कि योगा करने के लिए फ्लैक्सिबिलिटी की ज़रूरत है। यह सारी चीजें ग़लतफ़हमियाँ है योगा के बारे में, जिसे दूर करना बहुत जरूरी है।

मैं तो दबाकर घी खाती हूं

शिल्पा ने हाल ही में अपना योग से जुड़ी ऐप भी शुरु किया है


प्रश्न – योगा के साथ डाइट का कितना महत्व है, आपने हाल ही में एक ऐप लांच की है, तो क्या इस बारे में कोई ज़िक्र उसमें किया गया हैं?

मैं अपनी ऐप के ज़रिए और आप लोगों के लोग बताना चाहता हूं कि डाइट के बारे में समझ होना बहुत ही जरूरी बहुत महत्वपूर्ण है कि आप जो भी करते हैं उसमें 70% इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या खा रहे हैं, लेकिन डाइट का मतलब यह नहीं है कि आप तेल खाना बंद कर दो या फिर मत खाओ। मुझे लगता है कि सब खाना चाहिए, मैं तो दबाकर जीरा आलू खाती हूं। लोगों आलू से परहेज़ करते हैं, मैं तो खाने में जब तक एक चम्मच घी नहीं खाती तब तक मेरा खाना हजम ही नहीं होता।

प्रश्न – आप मां भी है,, काम भी करती हैं, तो एक साथ इतने सारे काम सम्भालना मुश्किल होता हैं?

उतर- मैं टीवी इसलिए करती हूं क्योंकि वो आसान है और हफ्ते में एक बार ही जाना पड़ता है। लेकिन मुझे लगता है कि आपको अपनी प्रायोरिटी सेट करनी होगी और तय करना होगा कि क्या करना है क्या नहीं। मुझे बहुत खुशी होती है कि मेरे पास यह लग्जरी है कि मैं अपने समय को आसानी से कई चीज़ो में बांट सकती हूं, लेकिन बहुत लोगों के पास यह लग्ज़री नहीं होती है। कई महिलाओं को 8 से 10 घंटे काम करना होता है, फिर घर आकर खाना भी पकाना होता है अपने परिवार के लिए और सुबह निकलने से पहले अपने परिवार के लिए भी खाना बनाना होता है। इसलिए महिलाएं बहुत ही मुश्किल जिंदगी जीती हैं। तो बहुत जरूरी है यह जानना कि आपको अपनी जिंदगी में क्या चाहिए।

प्रश्न – आपने अपनी ज़िंदगी में योगा को कब अपनाया? योगा से पहले की शिल्पा और योगा के बाद के शिल्पा में क्या फर्क देखती हैं?

उतर- मैंने अपनी ज़िंदगी में योगा को इसलिए अपनाया क्योंकि मैं खुद को रिहैबिलिटेट करना चाहती थी। उसके बाद जो उसका प्रभाव मेरे दिमाग पर पड़ा और जिस तरह से मैंने वजन कम किया, मैंने अपनी एनर्जी को बढ़ाया तो मैं योग को कभी छोड़ ही नहीं पाई। मुझे सांस लेने में पहले बहुत दिक्कत होती थी। शायद एलर्जी की वजह से या धूल की वजह से। लेकिन आप जितना योगा करते जाएंगे आपको इस बात का एहसास होगा कि आपको आपके शरीर में कहीं बेहतर बदलाव दिखने लगते हैं। योगा के बाद मेरा 2.0 वर्जन लोगों को देखने को मिला। ऐसा नहीं कि मैं पहले बुरी थी लेकिन योगा ने मुझे स्ट्रेस से डील करना सिखाया। हम सबकी जिंदगी में स्ट्रेस है, लेकिन मेरी जिंदगी में कुछ ज़्यादा ही है क्योंकि मुझे बहुत सारे लोगों की एक्सपेक्टेशन पर खरा उतरना होता है। ऐसा नहीं सिर्फ फैंस, बल्कि फैमिली भी हमसे बहुत कुछ चाहती हैं। हमें एकसाथ बहुत सारे रोल निभाने होते हैं।

प्रश्न- आप योगा से तब से जुड़ी हुई है, जब इसके बारे में लोग भारत में इतनी बात नहीं करते थे। विदेशों में सफल होने के बाद अब लोग यहां पर भी योगा के पीछे दौड़ रहे हैं. तो आपका क्या मानना है कि जब विदेशों में कुछ मशहूर हो जाए उसके बाद हमारे यहां इसकी कद्र होती हैं?

मुझे खुशी है कि मैंने योगा की वैल्यू उस समय पर की थी, जब विश्व योग दिवस की शुरुआत तक नहीं हुई थी। योगा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है मुझे लगता है कि हमें अब इस को पहचानने देने की, इसके पीछे के विज्ञान को पहचान देने की बहुत ही ज़्यादा ज़रूरत है। योगा इसी देश का है और जिस पर हमें बहुत गर्व होना चाहिए और यह सही समय है कि अब हम सभी योगा करें और मैं तो योगा को हमेशा ही करती रहूंगी और उससे जुड़ी रहूंगी।

शिल्पा शेट्टी के साथ यह खास बातचीत आप हमारे पॉडकास्ट www.aawaz.com पर भी सुन सकते हैं।