मोटीवेशनल स्पीकर आयशा चौधरी की ज़िंदगी से प्रेरित फिल्म ‘द स्काई इज़ पिंक’ आपको ज़िंदगी से जुड़े कई अहम पहलूओं पर सोचने के लिए मजबूर करती हैं। शोनाली बोस निर्देशित इस फिल्म में प्रिंयका चोपड़ा, ज़ायरा वसीम और फरहान अख़्तर जैसे किरदारों ने अहम भूमिका निभाई है। फिल्म आयशा यानी ज़ायरा के नज़रिए से उसके माता-पिता की कहानी हैं।

फिल्म की कहानी

फिल्म 2 घंटे 29 मिनट की है
फिल्म 2 घंटे 29 मिनट की है

Image Credit: Movie – The Sky Is Pink

फिल्म में मूज़ (माँ) यानी प्रियंका चोपड़ा है और पांडा (पापा) यानी फरहान अख्तर है। दरअसल, उनकी बेटी आयशा यानी ज़ायरा वसीम उन्हें फिल्म में इसी नाम से बुलाती हैं और आपको पूरी फिल्म में उसी से नज़रिए से अपने माता-पिता की कहानी सुनने को मिलेगी। उसके माता-पिता के जिन्स की वजह से उसे पैदाईशी ही SCID यानी ( सिवियर कम्बाइन इम्यून डेफिशियेंसी) है। जिसकी वजह से इसका इम्यून काम ही नहीं करता और उसे किसी भीड़-भीड़ वाली जगह पर नहीं ले जाया जा सकता। उसके इलाज के लिए मूज़ और पांडा को लंदन जाना पड़ता है, जहाँ उसके इलाज के लिए पैसे इकट्ठा किए जाते हैं। बेटी के ही इर्द गिर्द घूमते मूज और पांडा को, आयशा के इलाज के लिए कई सालों अलग-अलग (लंदन और दिल्ली) भी रहना पड़ता है। हालांकि आयशा धीरे-धीरे ठीक तो हो जाती हैं, लेकिन वो ज़्यादा जी नहीं पाती। अपने मम्मी-पापा और बड़े भाई ईशान ( रोहित) के बीच हमेशा लाड प्यार से पली आयशा को जब पता चलता है कि वो सिर्फ कुछ ही दिनों ही मेहमान है,तो वो कैसे मरने का गम मनाने की जगह, ज़िंदगी को जीती है, यही इस फिल्म की कहानी है। 21 साल की उम्र में ही अपनी किताब पब्लिश करने वाली और मोटीवेशनल स्पीकर बनने वाली आयशा की असली ज़िंदगी से ही इस फिल्म की कहानी प्रेरित है।

किरदारों का अभिनय

कुछ समय पहले ही ज़ायरा ने इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान किया है
कुछ समय पहले ही ज़ायरा ने इंडस्ट्री छोड़ने का ऐलान किया है

Image Credit: Movie – The Sky Is Pink

फिल्म में अगर किरदारों के अभिनय की बात करे, तो फिल्म में प्रियंका, फरहान और ज़ायरा, तीनों की परफॉर्मेंस काफी पॉवरफुल है। फिल्म में फरहान और प्रियंका के किरदारों की लगभग 20 साल की जर्नी को दिखाया गया है, जिसे दोनों के ही बखूबी निभाया है। उम्र के हर पड़ाव के उनके लुक्स और हाव-भाव को दोनों की कलाकार दर्शकों तक पहुँचाने में कामयाब रहे हैं। जहाँ प्रियंका एक जिद्दी लेकिन बहादुर लड़की है और एक परफेक्ट मां के किरदार में है, तो फरहान अपने परिवार के लिए कुछ भी कर गुज़रने वाले प्रेक्टिकल, लेकिन एक लंविंद पिता है किरदार में है।

फिल्म में ज़ायरा वसीम बेहतरीन है। उनके हर सीन में दर्शक उनके साथ रोते हैं। हालांकि कुछ समय पहले ही उन्होनें इंडस्ट्री को अलविदा करने का ऐलान किया है, लेकिन इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को देखकर लगता है, मानो उनका इंडस्ट्री में ना रहना उनसे ज़्यादा इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है। फिल्म में फरहान और प्रियंका के बेटे का किरदार ईशान यानी रोहित सराफ ने निभाया है। वह भी फिल्म के लिए परफेक्ट है।

फिल्म देखें या नहीं

फिल्म को टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में काफी पसंद किया गया था
फिल्म को टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में काफी पसंद किया गया था

Image Credit: Movie – The Sky Is Pink

फिल्म की सबसे खूबसूरत बात है, फिल्म का टाइटल। दरअसल, फिल्म में प्रियंका अपने 5 साल के बच्चे को समझाती है कि अगर वो अपनी ड्राईंग में आसमान को पिंक करना चाहता है, तो उसके लिए उसका आसमान पिंक ही है। यह कोई और तय नहीं कर सकता कि उसका आसमान नीला है या पिंक। दरअसल फिल्म में प्रियंका का यही डायलॉग फिल्म का सार भी है कि आप अपनी ज़िंदगी कैसे जीना चाहते है, यह सिर्फ आप ही तय कर सकते हैं। फिल्म में शोनाली का निर्देशन काफी सुलझा हुआ है, उन्हें पता है कि उन्हें किस एक्टर से क्या और कितना चाहिए। फिल्म में जहाँ सभी सितारों की पावरफुल परफॉर्मेंस है, वहीं फिल्म आपको बहुत ही भारी संदेश देती है। आप थिएटर से आँसूओं के साथ निकलते हैं और लंबे समय तक इसी फिल्म के बारे में सोचते रहते हैं। फिल्म आयशा की ज़िंदगी के जश्न से ज़्यादा उसके माँ-बाप का उसे बचाने का संघर्ष ज़्यादा है। फिल्म 149 मिनट की है। हालांकि फिल्म को थोड़ा छोटा आसानी से किया जा सकता था।

फिल्म के आखिर में एक संदेश है कि अगर हर किसी में से मौत का डर अगर निकल जाए, तो ज़िंदगी खूबसूरत है, यह बात हम भी जानते है, लेकिन यह फिल्म आपको उसे रियल लाइफ कहानी से समझाने में मदद करेगी।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को 3 स्टार देता हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।