सुषमा स्वराज के निधन पर जहां हर कोई शोक जता रहा है, वहीं बॉलीवुड को भी उनके निधन से बड़ा झटका लगा है। जहां कई फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर अपना दुख ज़ाहिर किया है, वहीं हाल ही में फिल्म ‘मिशन मंगल’ के प्रमोशन के लिए मीडिया से मिली तापसी पन्नु और विद्या बालन दोनों ने ही सुषमा स्वराज की बायोपिक में काम करने की इच्छा ज़ाहिर की है। जहां तापसी की सुषमा स्वराज से जुड़ी बचपन की कई यादें हैं, वहीं विद्या बालन भी उन्हें एक बेहतरीन नेता मानती हैं।

फिल्म ज़रुर करूंगी

तापसी की ‘सांड की आंख’ दीवाली पर रिलीज़ होगी

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दीवाली पर फिल्म ‘सांड की आंख’ लेकर आ रही तापसी के मुताबिक वह सुषमा स्वराज की बायोपिक ज़रुर करना चाहेंगी। सुषमा स्वराज के साथ तापसी की कई बचपन की यादें भी जुड़ी है। तापसी के मुताबिक सुषमा स्वराज की ज़िंदगी ऐसी है, जिस पर हर कोई बायोपिक ज़रुर करना चाहेगा। तापसी की मानें तो, “मैंने बचपन में जब पहली बार उन्हें टीवी पर देखा था, तो मैं उन्हें बस देखती रह गई थी। वो बहुत ही स्ट्रांग थी। वो जब भी टीवी पर आती थी, तो मैं रुक कर उन्हें ज़रुर देखती थी और सुनती थी। मैं उनसे कभी नहीं मिली, लेकिन मेरी अपब्रिंगींग में उनका काफी असर रहा है और अगर मौका मिला तो भला क्यों मैं उन पर फिल्म नहीं करूंगी। हर अभिनेत्री उन पर फिल्म करना चाहेगी।”

यह मौका नहीं है

विद्या बालन इंदिरा गांधी पर वेब सीरीज़ की तैयारी कर रही हैं

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सुषमा स्वराज के निधन से विद्या बालन भी काफी निराश है। हालांकि उनकी मुलाकात कभी भी सुषमा स्वराज से नहीं हुई थी, लेकिन विद्या का मानना है कि उनके जैसी कोई भी दमदार महिला राजनीति में नहीं थी। हालांकि सुषमा स्वराज पर फिल्म बनने को लेकर विद्या का मानना है कि यह वक्त उन्हें श्रद्धांजलि देने का है, ना कि उन पर आधारित फिल्म पर बात करने का। विद्या के मुताबिक, “मैं उनको पर्सनली नहीं जानती थी लेकिन एक बार एयरपोर्ट पर मिली थी वो, जिस तरह की पर्सनालिटी थी वह देख कर ऐसा लगता था कि वह आज की मजबूत और स्ट्रांग महिला को रिप्रेज़ेंट करती हैं। वह आज की राजनीति में एक बहुत बड़ा नाम थी और काफी लम्बे समय राजनीति में थी। उन्होंने बहुत सारे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो संभाले है। यह वक्त उन्हें याद करने का है। लेकिन अगर आप बात कर रहे हैं उन पर फिल्म की, तो वो इस बात पर निर्भर करता है कि कौन लिखेगा और कैसा लिखेगा। मुझे बहुत सारे अच्छे लोगों की बायोपिक ऑफर हुई हैं, जिसे मैंने मना किया है।”

हालांकि इस बात में कोई दो राय नहीं कि सुष्मा स्वाराज ऐसी नेता है, जिन्हें जनता का हमेशा ही प्यार मिला है। ऐसे में उनकी बायोपिक बनेगी, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।