सनी देओल बहुत जल्द अपने बेटे करण देओल को इंडस्ट्री में लॉन्च कर रहे हैं। दरअसल, उनके बेटे की फिल्म ‘पल पल दिल के पास’ का आज टीज़र रिलीज़ किया गया। इस फिल्म का निर्देशन खुद सनी देओल ने किया है। खास बात है कि आज से 36 साल पहले इसी दिन सनी देओल की पहली फिल्म ‘बेताब’ रिलीज़ हुई थी। खास बात है कि इंडस्ट्री और फैंस को देओल परिवार की तीसरी जनरेशन को देखने का मौका मिलेगा। आप भी देखिए इस टीज़र की एक झलक।

सन्नी देओल का निर्देशन

सन्नी ने 2 साल बाद निर्देशन किया

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हालांकि टीज़र में भले ही करण देओल की बहुत छोटी ही झलक ही देखने को मिल रही हो, लेकिन इससे टीज़र से साफ है कि करण बहुत हद तक अपने पिता सनी देओल जैसे ही दिखते हैं। फिल्म में करण के साथ सहर बांबा दिखाई देंगी। खास बात है कि सहर के रोल के लिए लगभग 400 लड़कियों का ऑडिशन लिया गया था। फिल्म में करण देवल एक एडवेंचरस गाइड की भूमिका निभा रहे हैं। टीज़र को हिमाचल की बर्फ की पहाड़ियों के बीच फिल्माया गया है। जहां आज इस फिल्म का पहला टीज़र लॉन्च किया गया, वहीं इस फिल्म का पहला पोस्टर यानी लुक इसी साल वैलेंटाइन डे के दिन लॉन्च किया गया था। इस मौके पर सन्नी ने कहा, “मेरे लिए यह दिन खास है। इसी दिल 36 साल पहले मेरी फिल्म रिलीज़ हुई थी।” दरअसल करण की फिल्म 20 सितंबर को रिलीज़ होगी।

सन्नी देओल की बेताब हुई 36 साल की

इस फिल्म को दक्षिण की दो भाषा में बनाया जा चुका है

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जहां ‘पल पल दिल के पास’ का टीज़र लोगों को पसंद आ रहा है, वहीं आज ही के दिन 36 साल पहले रिलीज़ हुई ‘बेताब’ से जुड़ी कुछ खास बातें हम आपको बताते हैं। यह फिल्म सनी देओल और अमृता सिंह की डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म का संगीत राहुल देव बर्मन ने दिया था और काफी हिट रहा था। इस फिल्म का साल 1987 में तेलुगू में फिल्म ‘सम्राट’ नाम से रमेश बाबू के साथ और फिर साल 2011 में कन्नड़ भाषा में रीमेक हुआ है। हालांकि 1983 में रिलीज़ हुई इस फिल्म का फिल्मफेयर की कई कैटेगरी के लिए नॉमिनेशन जरूर हुआ था, लेकिन यह फिल्म एक भी अवार्ड नहीं जीत पाई गई। यह फिल्म सेंसर बोर्ड से UA सर्टिफिकेट पाने वाली पहली फिल्म थी। इस फिल्म से पहले तक या तो U या फिर A सर्टिफिकेट ही सेंसर बोर्ड द्वारा भारतीय सिनेमा में दिए जाते थे।

हालांकि आज का दिन देओल परिवार और उनके फैंस के लिए तो खास होने की वाला है। उम्मीद है कि देओल परिवार की यह तीसरी जनरेशन भी लोगों का दिल जीतने में कामयाब होगी।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।