बॉलीवुड में फिल्मों की रिलीज़ से पहले उनका खबर में बने रहना आम बात है। लेकिन इस बार फ़िल्म सुई धागा को लेकर जो खबर आई है, वह आपको हैरान कर सकती है। खबर है कि पहली बार किसी बॉलीवुड फिल्म का लोगो कारीगरों द्वारा बनाया गया है! ‘सुई धागा’ की मार्केटिंग टीम फ़िल्म का लोगो कुछ खास बनवाना चाहती थी, यही वजह है कि वे अद्वितीय सिलाई शैलियों में फिल्म का लोगो बनाने के लिए, देश के विभिन्न जगहों के कारीगरों और शिल्पीकारों तक पहुंचे।  

यशराज फिल्म्स के मार्केटिंग एंड एडवर्टाइज़िंग के वाइस प्रेसीडेंट मनन मेहता कहते है,”हमारी फिल्म ‘सुई धागा-मेड इन इंडिया’ को देख कर हमें एहसास हुआ कि हमें सिर्फ फिल्म निर्माता की तरह काम नहीं करना है। हम पूरे देश के 15 विशिष्ट कुशल कारीगरों तक पहुंचे, जिन्होंने फिल्म लोगो को डिजाइन करने में मदद  की। 15 विभिन्न शैलियों में बने लोगो की योजना बनाने और इसे साकार करने में छह महीने लग गए।’

Varun and Anushka on the sets of their upcoming movie Sui Dhaaga
वरुण और अनुष्का एक साथ बड़े पर्दे पर नज़र आएंगे

किन कलाओं में बना ये लोगो

सुई धागा का ये विशेष लोगो कश्मीर के कशीदा और सोज़नी शैली में बनाया गया। साथ ही इसका लोगो पंजाब के रंगीन फुलकारी, जटिल धागे का काम रबारी, गुजरात से मोची भारत, उत्तर प्रदेश की फूल पत्ती और लखनऊ की जरदोजी शैली में भी बनाया गया है। यह राजस्थान के प्रमुख शिल्प जैसे आरी, बंजारा और गोटा पत्ती, तमिलनाडु की लोकप्रिय टोडा शैली और कर्नाटक की कासुति डिजाइन में भी बनाया गया है। पूर्र्वोत्तर भारत, जो भारत के हैंडलूम निर्यात में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है, से भी फिल्म का लोगो बनाया गया है। इसमें ओडिशा से पिपली शैली, असम से हैंडलूम का काम, पश्चिम बंगाल से कंथा सिलाई शैली शामिल है।  

दर्जी की भूमिका में वरुण

फिल्म का प्लॉट महात्मा गांधी के दर्शन और बहु-प्रशंसित मेक इन इंडिया अभियान से भी प्रेरित है।फ़िल्म में वरुण एक दर्जी की भूमिका में नज़र आ रहे हैं, जबकि अनुष्का एक एम्ब्राइडर का किरदार निभाएंगी। यह पहली बार होगा कि वरुण और अनुष्का एक साथ बड़े पर्दे पर नज़र आएंगे। इस साल 28 सितंबर को गांधी जयंती से पहले रिलीज होगी।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..