अभी कुछ पहले ही स्वरा भास्कर और कायरा आडवाणी मास्टरबेशन जैसे दृश्यों को परदे पर निभाने को लेकर चर्चा में थी और अब बारी हैं श्वेता त्रिपाठी की, जिन्होंने अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज़ में कुछ ऐसा किया जिसके चर्चे चारों तरफ हैं। सीरीज़ में दरसअल श्वेता के इंट्रोडक्शन शॉट में ही उन्हें मास्टरबेशन करते दिखाया गया है। ‘मसान’ फिल्म में अभिनय कर चर्चा में आई श्वेता को हालांकि इसमें ऐसी कोई बात नज़र नहीं आती जिस पर चर्चा की जाए।

कई लड़कियां रियल लाइफ में ऐसा करती है फिर बवाल क्यों

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श्वेता की यह पहली वेब सीरीज़ है

एक दिन पहले ही शुरू हुई मिर्ज़ापुर में आप कालीन भईया और उनकी सियासत में शामिल गैंगस्टर से तो मिल ही चुके है। सीरीज़ में गालियों के तड़के के साथ साथ पावर और दिमाग का भी खेल है, लेकिन खास बात है कि इस खेल में फीमेल किरदार भी कुछ कम नहीं। मिर्ज़ापुर के जिस सीन के खुब चर्चे हो रहे है, वो है श्वेता त्रिपाठी का इंट्रोडक्शन सीन, जिसे लोग इस सीरीज़ के सेकेंड एपिसोड में देखेंगे, जहाँ उन्हें मास्टरबेट करते दिखाया गया है। हालांकि छोटे परदे पर इस सीन को करने वाली श्वेता को इसमें कोई बुराई नज़र नहीं आती. श्वेता का कहना हैं, ” किया तो क्या हो गया, इसमें कौन से बड़ी बात है। मैंने जब स्क्रिप्ट पड़ी थी तब मुझे ये सीन बहुत ही नार्मल लगा था। मुझे २ परसेंट भी झिझक नहीं थी की ये करना चाहिए या नहीं या फिर इस सीन को कैसे दिखाएंगे। लाइब्रेरी में एक लड़की किताब पढ़ रही है और कर रही है। हममें से कई लोगो ने ऐसे किया होगा, लेकिन हम स्क्रीन पर दिखाते नहीं है इस डर से कि लोग क्या बोलेंगे।”

इस सीन के चर्चे पर क्या सोचेगा मेरा परिवार

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इससे पहले कायरा आडवाणी और स्वरा भास्कर के सीन को लेकर हुआ था बवाल

काफी बिंदास तौर पर इस सीन को करने वाली और ना हिचकिचाने वाली श्वेता के मुताबिक उन्हें इस बात का पूरा विश्वास है कि शायद इस सीन के चलते बहुत सी अदाकाराओं ने इस सीरीज़ को करने से इंकार कर दिया होगा। लेकिन बतौर कलाकार उन्हें ऐसी किसी भी तरह की एक्टिंग करने में कोई हिचक नहीं। उनका मानना है कि इस सीन के चर्चे ज़्यादा नहीं होने चाहिए क्योंकि उन्हें अपने परिवार के रिएक्शन की चिंता है। श्वेता कहती हैं,
“बतौर एक्टर मैं कम्फर्टेबल थी कि मैं जो भी कर रही हूं वो सही है। मुझे अपने काम के लिए ऐसी हैडलाइन नहीं चाहिए। हम हिम्मत कर ऐसे सीन करते है, लेकिन जब हमारी फैमिली ऐसी हैडलाइन पड़ती है ,तो उनका पहला सवाल यही होता है कि बेटा ये करने की क्या ज़रुरत थी।”

दरअसल मिर्ज़ापुर में उनका किरदार गोलू गुप्ता नाम की लड़की की है, जो पढ़ाई में टॉपर है, उसे लड़को के साथ टाइम पास करने में कोई रुचि नहीं और वो काफी प्रोग्रेसिव सोच रखती हैं। मिर्ज़ापुर के इस सीन से चर्चा में आई श्वेता के मुताबिक फिलहाल समय है मी टू मूवमेंट का, ऐसे में इस तरह से विषयों पर तवज्जो देकर लोगों का ध्यान नहीं भटकाना चाहिए।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।