चाहे हम कोई किताब लिखें, किसी गीत की रचना करें या किसी फिल्म की कहानी लिखें, यह सभी रचनाएं किसी ना किसी प्रेरणा पर आधारित होती है। बॉलीवुड हमेशा ही ऐसी प्रेरणा की तलाश में रहता है। चाहे वह टॉलीवुड की फिल्में हो या हॉलीवुड की फिल्में हो, लेकिन एक बात है कि बॉलीवुड के ज़्यादातर निर्माता अपनी फिल्मों की प्रेरणा प्रचलित किताबों और उनकी कहानियों से लेते हैं।

आज ‘वर्ल्ड बुक डे’ पर क्यों ना बॉलीवुड की उन चुनिंदा फिल्मों की बात की जाए, जो किताबों पर आधारित है।

राज़ी

राज़ी

साल 2018 की सुपरहिट फिल्म ‘राज़ी’ मेघना गुलज़ार द्वारा निर्देशित एक इंडियन स्पाई थ्रिलर फिल्म है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है आलिया भट्ट ने और उनके साथ विक्की कौशल, राजित कपूर, शिशिर शर्मा और जयदीप अहलावत भी फिल्म की स्टारकास्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह फिल्म हरिंदर सिक्का की 2008 में आई किताब ‘कॉलिंग सहमत’ पर आधारित है, जो एक रॉ एजेंट के जीवन पर आधारित सच्ची कहानी है। यह एक ऐसी भारतीय लड़की की कहानी है, जो अपने पिता के कहने पर पाकिस्तानी सेना के एक अफसर से शादी करती है, जिससे वह पाकिस्तान में रहकर, अपने देश भारत में, 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध से जुड़ी खुफिया सूचना पहुंचा सके।

बाजीराव मस्तानी

बाजीराव मस्तानी

साल 2015 की ब्लॉकबस्टर पीरियड ड्रामा फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित एक भव्य, ऐतिहासिक और रोमांटिक फिल्म थी। इस फिल्म में रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा द्वारा मुख्य भूमिकाएं निभाई गयी है। यह फिल्म नागनाथ एस इनामदार के मराठी उपन्यास ‘राऊ’ पर आधारित है, जो मराठा पेशवा बाजीराव और उनकी दूसरी पत्नी मस्तानी की गाथा है।

लुटेरा

लुटेरा

लुटेरा साल 2013 में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म विक्रमादित्य मोटवानी द्वारा निर्दशित है। यह फिल्म मशहूर लेखक ‘ओ. हेनरी’ की 1907 में लिखी गई कहानी ‘द लास्ट लीफ’ पर आधारित है। 1950 के दशक में स्थापित, इस फिल्म की कहानी एक यंग आर्कियोलॉजिस्ट और एक बंगाली जमींदार की बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं। लुटेरा 5 जुलाई 2013 को रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को ना केवल साल 2013 की सबसे बेहतरीन फिल्मों में एक माना जाता है, बल्कि इस फिल्म को दुनिया भर में काफी प्रशंसा भी मिली। फिल्म ‘उड़ान’ के बाद यह निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी की दूसरी सबसे ज्यादा प्रशंसा पाने वाली फिल्म है।

विशाल भारद्वाज की शेक्सपियर ट्रायलॉजी

विख्यात फिल्म मेकर विशाल भारद्वाज ने विलियम शेक्सपियर के तीन प्रचलित किताबों पर फ़िल्में बनाई हैं। इन तीनों ही फिल्मों को फिल्म समीक्षक द्वारा काफी सराहा गया।

मकबूल

साल 2003 में विशाल भारद्वाज द्वारा निर्देशित फिल्म ‘मकबूल’ विलियम शेक्सपियर की किताब ‘मैकबेथ’ पर आधारित थी। इस किताब को पढ़ने के बाद विशाल को गैंगस्टर्स के जीवन पर एक फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली थी। मकबूल में भारद्वाज ने पंकज कपूर, इरफान खान और तब्बू को कास्ट किया था। यह फिल्म मुंबई के अंडरवर्ल्ड की दुनिया को दर्शाती है। इस फिल्म को साल 2004 के कान्स फिल्म फेस्टिवल और साल 2003 के टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया था, जहां इसे काफी प्रशंसा मिली।

ओमकारा

2006 में, भारद्वाज ने फिर एक बार शेक्सपियर की कहानी ‘ओथेलो’ पर आधारित एक फिल्म बनाई जिसका नाम है, ‘ओमकारा’। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था को दर्शाती इस फिल्म में अजय देवगन ने मुख्य किरदार निभाया था। 54th नेशनल फिल्म अवार्ड्स में, भारद्वाज को इस फिल्म के लिए स्पेशल ज्यूरी अवार्ड दिया गया था।

हैदर

विशाल ने अपनी विलियम शेक्सपियर ट्रायलॉजी साल 2014 में आई फिल्म ‘हैदर’ के साथ पूरी की। फिल्म ‘हैदर’ शेक्सपियर की ‘हैमलेट’ की कहानी पर आधारित थी। साल 1995 के कश्मीर संघर्ष को दर्शाती इस फिल्म में शाहिद कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 62वां नेशनल फिल्म अवार्ड्स में, भारद्वाज ने बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर और बेस्ट स्क्रीनप्ले का पुरस्कार जीता था।

चेतन भगत की कहानियों ने दी बॉलीवुड को कई हिट फिल्में

हाफ गर्लफ्रेंड

 

भारतीय लेखक, कॉलमिस्ट, स्क्रीनराइटर और मोटिवेशनल स्पीकर चेतन भगत की बहुत सी कहानियों पर बॉलीवुड निर्माताओं ने फिल्में बनाई हैं। उनकी किताब ‘फाइव पॉइंट समवन’ पर साल 2009 की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म ‘3 इडियट्स’ बनी, वहीं उनकी किताब ‘2 स्टेट्स’ और ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ पर आधारित ही मज़ेदार रोमांटिक फ़िल्में ‘2 स्टेट्स’ और ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ को बनाया गया। दरअसल, चेतन की किताबों पर आधारित इन सभी फिल्मों ने दर्शकों का मनोरंजन खूब किया है।

हालांकि यह सभी फिल्में तो हाल ही में रिलीजड हुई है, लेकिन बॉलीवुड शुरु से ही किताबों से प्रेरणा लेता आया है। लेकिन जब भी हिन्दी सिनेमा में कोई भी फिल्म किताब पर बनी हैं, तब इन किताबी कहानियों को एक फ़िल्मी रूप दिया है। इन फिल्मों ने ना केवल पाठकों को प्रभावित किया है, बल्कि उन सभी दर्शकों को साहित्य की ओर आकर्षित किया है, जिन्हे शायद पढ़ने में दिलचस्पी नहीं है। इन फिल्मों के अलावा भी यदि कोई ऐसी फिल्म है, जो किताब पर आधारित है, और आपको बहुत पसंद है तो हमे ज़रूर लिखें!

अपने सपनो को पूरा करने की ताक़त रखती हूँ। अभिलाषी हूं और नई चीज़ों को सीखने की इच्छुक भी। एक फ्रीलान्स एंकर। मेरी आवाज़ ही नहीं, बल्कि लेखनी भी आपके मन को छू लेगी। डांसिंग और एक्टिंग की शौक़ीन। माँ की लाड़ली और खाने की दीवानी।