पिछले साल फिल्म परमाणु की सफलता के बाद अब जॉन अब्राहम अब रॉ के एजेंट बन कर आ रहे हैं। दरअसल, उनकी आने वाली फिल्म रॉ यानी रोमियो,अकबर, वॉल्टर का ट्रेलर आज लांच किया गया। यह फिल्म 1968 से 1971 की कहानी है, जब रॉ की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। गौरतलब है कि इस दौरान रॉ की भूमिका की वजह से भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे तीन देशों का भविष्य तय हुआ। इस फिल्म का निर्देशन रॉबी ग्रेवाल कर रहे हैं। फिल्म का टीज़र इसी साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर रिलीज़ किया गया था, जिसे काफी पसंद किया गया। फिल्म में जॉन रॉ के ऐजेंट का किरदार निभा रहे हैं, जो अलग अलग नामों से अपनी ज़िंदगी को जीता है, लेकिन उसका एक ही मकसद है देशभक्ति। आप भी देखे इस ट्रेलर की झलक।

फिल्म के ट्रेलर के साथ ही ये साफ हो जाता है कि ये कहानी एक ऐसे एजेंट की है, जिसे पाकिस्तान जासूसी के लिए भेजा जाता है। “लड़ाई एक ही आधार ओर जीती जाती है और वो है इनफार्मेशन”, इसी इन्फॉर्मेशन के लिए जॉन को पाकिस्तान भेजा जाता है, जिसके आधार पर भारत 1971 की लड़ाई जीतता हैं। 5 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली इस फिल्म में जॉन अब्राहम एक जासूस या कहे जो रॉ के एजेंट का किरदार निभाते नज़र आएंगे। दरअसल, 1971 के भारत और पाकिस्तान के युद्ध में पाकिस्तान ने 16 दिसम्बर को बिना शर्त भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद बांगलादेश का निर्माण हुआ। उस युद्ध में रॉ की मुख्य भूमिका थी और रॉ की ऐसी ही अनकही कहानी को यह फिल्म बयान कर रही है। जॉन का कहना है कि ये एक संयोग है कि तह फ़िल्म आज ऐसे दौर में रिलिज़ हो रही है जब भारत और पाकिस्तान का मुद्दा गर्म है। इस फ़िल्म की कहानी हीरो है और इस फ़िल्म के लिए काफी रिसर्च की गई हैं।

हालांकि कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर जब इसका पोस्टर रिलीज़ किया गया उसी पोस्टर में जॉन के कई किरदार नज़र आए थे। फिल्म में वह रॉ में काम करते रोमियो, अकबर और वाल्टर नाम के एजेंट का किरदार निभा रहे हैं। गौरतलब है कि इस फिल्म पोस्टर सोशल मीडिया पर सांंझा किया तो जॉन ने लिखा था कि यह एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। साथ ही उन्होंने लिखा ‘वन मैन मेनी फेसेस वन मिशन टू प्रोटेक्ट हिस कंट्री’।

क्या है 1971 के युद्ध की कहानी

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पूर्वी पाकिस्तान की और से भारत को हो रहे खतरों के दौरान रॉ की गोरिल्ला टैक्टिस ने पर्दे के पीछे रह भारत की मदद की थी। 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच 13 दिन युद्ध चला था और भारत ने पाकिस्तानी सेना को हराते हुए लगभग 15,000 पाकिस्तानी क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। उस दौरान 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों की युद्ध बंदी बना लिया गया था। जिन्होंने ढाका के रामना रेस कोर्स में आत्मसमर्पण किया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी देख की मिलिट्री द्वारा किया गया ये सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था। 1971 के इस युद्ध को इतिहास में सबसे छोटे युद्ध में गिना जाता हैं। इस युद्ध में दोनों देशों के लगभग 3800 सैनिक शहीद हुए थे।

फिल्म के ट्रेलर से साफ है कि जॉन इस फिल्म में काफी अलग-अलग किरदारों में नज़र आ रहे हैं। इस फिल्म में जॉन के साथ मौनी रॉय, सुचित्रा कृष्णामूर्ति, जैकी श्रॉफ और सिंकदर खेर मुख्य भूमिका में देखने को मिलेंगे। पिछले कुछ समय से जॉन अब्राहिम देश से जुड़े मुद्दों पर ही फिल्म करते नज़र आ रहे हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने ‘मद्रास कैफे’ से की। इसके बाद ‘सत्यमेव जयते’ और पिछले साल रिलीज़ हुई उनकी फिल्म ‘परमाणु’ इस लिस्ट में मुख्य है। ऐसे में इस फिल्म से जॉन लोगों के लिए क्या नया लेकर आ रहे है, यह देखना दिलचस्प होगा। यह फिल्म 5 अप्रैल की रिलीज़ होगी।

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