‘आर.आर.आर’ के महंगे एक्शन सीक्वेंस भारतीय सिनेमा के पहले महंगे एक्शन सीक्वेंस नहीं

फिल्म ‘आर.आर.आर’ यूं तो कई कारणों की वजह से चर्चा में है। फिलहाल तो इस फिल्म की चर्चा इसलिए की जा रही है क्योंकि इस फिल्म के 45 करोड़ बजट के एक्शन सीक्वेंस को फिल्माया जा रहा है। दरअसल, एसएस राजामौली निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग पिछले साल दिसंबर से शुरू हुई थी। अब लगातार छह महीनों तक प्री विज्यूलाइजेशन और ट्रेनिंग के बाद 45 करोड़ के खर्चे से ऐक्शन सीक्वेंस को फिल्माने की तैयारी शुरू हुई है। अगले साल जुलाई में रिलीज़ होने वाली इस फिल्म या यह एक्शन सीन, फिल्म के मुख्य अभिनेताओं रामचरण और जूनियर एनटीआर और 2000 फाइटर्स के बीच फिल्माया जाएगा, जिसकी शूटिंग लगभग 2 महीने तक चलेगी।

प्रभास की ‘साहो’ भी है इस दौड़ में

फिल्म ‘साहो’ में प्रभास के साथ श्रद्धा कपूर देखने को मिलेगी

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दरअसल यह पहली बार नहीं जो भारतीय सिनेमा में किसी भी ऐक्शन सीक्वेंस के लिए इतना पैसा खर्च किया गया हो। भारतीय फिल्मों में रोमांस के साथ साथ जो चीज बिकती है वह है एक्शन। इसलिए प्रभास की श्रद्धा कपूर के साथ 15 अगस्त को रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘साहो’ के दुबई में शूट किए गए अच्छे सीक्वेंस पर ₹90करोड़ का खर्च किया गया है। सुजीत लिखित और निर्देशित इस फिल्म को तमिल, तेलूगु और हिन्दी, तीन भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। इस फिल्म के फ़िल्माए गए एक्शन सीन्स में 57 एसयूवी और पांच ट्रक को उड़ाया गया है। खास बात है कि इस फिल्म के ऐक्शन सीक्वेंस को फिल्माने के लिए विदेशी एक्शन डायरेक्टर की मदद ली गई थी।

केजीएफ के एक्शन सीन्स भी थे काफी महंगे

यह फिल्म पिछले साल दिसंबर में रिलीज़ हुई थी

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वही यश की पिछले साल रिलीज हुई फिल्म केजीएफ के एक्शन को भी भारतीय सिनेमा के महंगे एक्शन सीक्वेंस में माना जाता है। 80 के दौर में परिवेश में शूट की गई इस फिल्म के ना सिर्फ महंगे सेट बनाए गए थे, बल्कि इसके एक्शन सीक्वंस पर भी लगभग 20 करोड़ का खर्चा किया गया था। यह फिल्म कन्नड़, तमिल, तेलुगू, हिंदी और मलयालम पांच भाषाओं में रिलीज की गई थी।

ज़ाहिर सी बात है कि भारतीय सिनेमा और खास कर से दक्षिण भारत यानी टालीवुड में बनाई जा रही फिल्मों का बजट लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां बाहूबली में हमें कई ऐसे ही महंगे सीक्वेंस देखने को मिले, वहीं आने वाली फिल्मों की भी लिस्ट छोटी नहीं। लेकिन इन सभी फिल्मों में एक बात जो कॉमन है तो वो यह कि जब फिल्मकार फिल्मों में इतना पैसा लगाते है, वो इन फिल्मों को एक साथ कई भाषाओं में रिलीज़ किया जाता है, जिससे इन फिल्मों से कमाई भी उसी तरह से हो सके।

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