पिछले महीने बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘संजू’ ने बॉक्स ऑफ़िस के इस साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिल्म में रणवीर की काफी सराहना की जा रही है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि किसी भी तरह की हिट फिल्म बनाने के पीछे कितनी मेहनत लगती है। क्या रणबीर के लिए आसान था संजय दत्त बनना? YouTube पर उनके संजू बनने की कहानी का एक वीडियो, पिछले हफ्ते से नंबर
दो पर ट्रेंड हो रहा है। आइए, आप भी देखिए कि आखिर रणबीर, संजय दत्त कैसे बने।

नहीं था सुबह 3:00 बजे उठना आसान

‘संजू’ फिल्म से पहले किसी भी फिल्म के लिए रणबीर ने अपनी बॉडी पर काम नहीं किया था

रणबीर कपूर ने बॉलीवुड में लगभग 13 से 14 फिल्में की है, लेकिन यह पहली फिल्म थी जब उन्हें अपने फिज़िक पर काम करना था। रणबीर खुद मानते हैं कि संजय दत्त की जब भी बात होती है, तो उनकी बॉडी बिल्डिंग को उससे अलग नहीं रखा जा सकता। ज़ाहिर है कि फिर संजय दत्त के किरदार के लिए एक अच्छी बॉडी बनाना उनके लिए काफी अहम था। रणबीर बताते हैं, “मैं सुबह 3:00 बजे उठता था। संजय दत्त अपनी बॉडी के लिए भी जाने जाते थे, उसको मैं खराब नहीं कर सकता था अगर मुझे संजय बनना है, तो वह बनाना मेरे लिए बहुत ज़रुरी था।”

ज़ाहिर सी बात है कि कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद, आखिर रणबीर कपूर, संजय दत्त बनने में कामयाब हो ही गए।

संजय की बॉडी तो मिली, लेकिन लुक?

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राजू हिरानी ने पहले ही यह बात तय कर ली थी कि अगर संजय दत्त का लुक रणबीर हासिल नहीं कर पाए, तो वह यह फिल्म नहीं बनाएंगे

जी हां, इसके लिए भी रणबीर को काफी काम करना पड़ा। प्रोस्थेटिक, हेयर स्टाइलिस्ट और मेकअप की टीम के लिए यह एक चुनौती थी। रणबीर को संजय दत्त बनने के लिए 6 घंटे लगते थे। लगभग 6 घंटे के मेकअप के बाद वह संजय दत्त बन तो जाते थे, लेकिन रिजेक्ट हो जाते थे। रणबीर खुद कहते हैं, “ 6 घंटा लगता था, लेकिन 30 सेकंड में रिजेक्ट कर दिया जाता था। मुझे संजय दत्त बनने के लिए बहुत सारे लुक ट्राय करने पड़े।”

वहीं राजू मानते हैं, “ 20 साल से 55 साल का आदमी बनना था रणबीर को, जो आसान नहीं था। बहुत मुश्किल तो था रणबीर के लिए संजू बनना, लेकिन मेरी पूरी टीम में इतनी उत्सुकता थी कि हम आखिरकार कामयाब हो ही गए।”

आइकोनिक लुक को पाना था सबसे ज़रुरी

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राजू और रणबीर, दोनों के लिए ज़रुरी था, संजय दत्त के इस लुक को पाना

राजू और रणबीर दोनों मानते हैं कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण था 55 साल के उस संजय दत्त का लुक पाना, जब वह जेल से बाहर निकले। वह उनका एक आइकोनिक लुक था, जिसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे क्योंकि उस दिन सभी की नज़रे संजय दत्त पर थी। राजू बताते हैं, “जब मुझे संजू के जेल से बाहर आने वाला लुक सही मिल गया, तो मुझे लगा कि अब तो सारे लुक मिल ही जाएंगे क्योंकि वह लुक सबसे महत्वपूर्ण था, जिसके साथ में छेड़छाड़ नहीं कर सकता था।”

वहीं रणबीर भी मानते हैं कि जब संजय जेल से बाहर निकले, उसे सही तरीके से अचीव करना ज़रूरी था। “आंखों के नीचे पफिंग, उनकी ठोढी नीचे उतर गई थी, यह सारी उनके बुढ़ापा शुरु होने के निशानी थी, लेकिन मैं यह करना चाहता था और मैंने मेहनत की और हासिल कर लिया।”

ज़ाहिर है कि अब तो आप समझ ही गए होंगे कि किसी भी फिल्म में, किसी भी एक्टर के लिए, किरदार निभाना इतना आसान नहीं होता। इसके पीछे कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसी मेहनत का नतीजा है कि आज फिल्म “संजू,’ इस साल की सबसे कामयाब फिल्म में अपना नाम शामिल कर चुकी है।

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