फिल्म ‘संजू’ में आपने रणबीर कपूर को, संजू के किरदार को निभाते हुए कुछ दृश्य में ड्रग्स लेते देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह असली जिंदगी में भी रणबीर ड्रग्स ले चुके हैं। इस बात का खुलासा खुद रणबीर कपूर ने किया है। हालांकि रणबीर मानते हैं कि उन्हें इस बात का एहसास बहुत जल्दी हो गया कि यह उनकी ज़िंदगी को बर्बाद कर सकता है। इंटरनेशनल ड्रग्स एब्यूज़ डे यानि अंतराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर रणबीर ने युवाओं से कुछ अपील की है।

जब रणबीर ने ली थी पहली बार ड्रग्स

रणबीर ने साल 2000 में फिल्म ‘सावरियां’ से बॉलीवुड में कदम रखा था

रणबीर कपूर ने किस फिल्म संजू में संजय दत्त के किरदार के लिए यूं तो कई तैयारियां की है, लेकिन एक सीन में उन्हें ड्रग्स लेने की एक्टिंग करनी थी। जब रणबीर से पूछा गया कि क्या इस किरदार को निभाने के लिए उन्होंने वाकई में ड्रग्स ट्राय की थी। इस बात का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि वह कॉलेज में गलत संगत में पड़कर ड्रग्स ले चुके हैं। रणबीर बताते हैं, “कॉलेज में दोस्तों के साथ ट्राय किया था, क्योंकि कुछ संगत ही वैसी हो गई थी, लेकिन उसी समय एहसास हो गया कि यह सिर्फ पांच मिनट की ही किक है और मुझे यह ज़िंदगी नहीं चाहिए। मुझे इस तरफ नहीं जाना, मेरी लाइफ इससे बेहतर हो सकती है। मुझे तुरंत एहसास हो गया कि कुछ होने वाला नहीं है। ये आपको पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। यह आपको वहां लेकर जा सकता है, जहां से आप कभी वापस नहीं आ सकते।”

मुश्किल से निकोटीन की आदत से पीछा छुड़ाया

रणबीर कपूर आने वाले दिनों में ‘शमशेरा’ और ‘ब्रह्मास्त्र’ जैसी फिल्मों में नज़र आएंगें

वह सभी युवाओं से इस बात के लिए अपील करते हैं कि वह कभी भी इस रास्ते पर ना चले। निकोटीन की अपनी आदत से मुश्किल से छुटकारा पाने की बात करने वाले रणबीर बताते है कि उन्हें निकोटिन की आदत तो ज़रुर थी, लेकिन उससे भी उन्होंने किसी तरह पीछा छुड़ा लिया। रणबीर बताते हैं “ निकोटीन की भी आदत उतनी ही बुरी है, जितनी की ड्रग्स की आदत या फिर तम्बाकू की आदत, लेकिन मैंने उससे भी पीछा छुड़ा लिया।”

ड्रग्स की आदत परिवार से ना छिपाएं

अपने पिता से नहीं, बल्कि मां के करीब है रणबीर

रणबीर की युवाओं से अपील है कि कभी भी अपने परिवार से ड्रग्स की बात को ना छिपाएं। खुद कॉलेज में ड्रग्स लेने वाले रणबीर भले ही समय रहते इससे बाहर आ गए हो, लेकिन उनका मानना है कि इस ड्रग्स के खिलाफ की लड़ाई को अकेले नहीं जीता जा सकता। इसके लिए परिवार का सपोर्ट बहुत ही ज़रुरी है। रणबीर कहते हैं, “आप अपने परिवार को ज़रुर बताएं कि मैं डिप्रेशन का या फिर मुझे इसकी आदत हो गई है ड्रग्स की। अगर आप अपने परिवार को नहीं बोल पाएंगे, तो कुछ नहीं हो सकता। आप इस जंग को अकेले नहीं लड़ सकते।”

खास बात है कि फिल्म ‘संजू’ में भी फिल्म के इस ट्रेक को सिर्फ इसीलिए दिखाया गया है जिससे युवा इस बात से सीख ले सकें कि ड्रग्स लेना किस हद तक हानिकारक हो सकता है। ड्रग्स से जुड़ी रणबीर कपूर की यह बात भी इस बात को साबित करती है कि इस आदत से निकलना इतना मुश्किल भी नहीं, जितना कि लोग सोचते है। ज़ाहिर है कि हर मैदान को फतह किया जा सकता है, जरूरत है हौसलों को बुलंद कर लेने की।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।