मेघना गुलज़ार की कहानी राज़ी आपके अंदर की देशभक्ति, देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का ज़ज़्बा रखते लोगों के लिए आदर और भारत के अनसंग हीरोज़ के बारे में जिज्ञासा जगाएंगी, जिनके बारे में कभी कोई नहीं जानता,कोई बात नहीं करता और जो कभी सामने नहीं आते।

क्या है फिल्म की कहानी

Raazi movie release date
फिल्म 11 मई को रिलीज़ है

1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध की परिस्थिति के बीच एक 20 साल की लड़की सहमत (आलिया भट्ट) पाकिस्तान के मिलिट्री ऑफि़सर इकबाल सईद (विक्की कौशल) के साथ शादी कर पाकिस्तान जाती है और भारत के लिए जासूसी करती हैं। वह पत्नी कम अपने देश की देश भक्त पहले हैं, जासूस पहले हैं। वह कैसे “एक अबू और उनके अबू” के नक्शे कदम पर चलते हुए अपना सब कुछ दाव पर लगा देती है। अपने सपने,अपनी जिंदगी और अपने भविष्य की उसे कोई चिंता नहीं सताती। उसके पिता हिदायत(रजत कपुर), जो इंटेलिजेंस के लिए भी काम करते हैं (खुफिया तरीके से) ,जब उन्हें पता चलता है कि उनकी जिंदगी के कुछ ही पल बचे हैं और उनका मकसद पूरा नहीं हुआ तो वह अपनी जिंदगी यानि अपनी बेटी को उस मकसद को पूरा करने को कहते हैं ।बेटी भारत के लिए,वतन के लिए पाकिस्तान बहु बन कर जाती है और धीरे-धीरे कैसे अपने देश के लिए काम करती है, यह देखना वाकई काफी खूबसूरत है।खास बात है कि कुछ ही महीनों की ट्रैनिंग के बाद सहमत की मदद से भारत पाकिस्तान के साथ इस लड़ाई में कैसे जीता , कैसे भारत के कई सैनिकों की जान बची, ये जानना काफी रोमांचक है।

एक्टिंग और डायरेक्शन

aalia bhatt with meghna gulzar
खास बात है कि आलिया और मेघना दोनों के ही पिता फिल्म इंडस्ट्री से है और अच्छे दोस्त भी

आलिया भट्ट हर फिल्म के साथ एक्टिंग में ग्रो हो रहीं हैं। फिल्म में बेटी, बहू बीवी और एक बेहतरीन देशभक्त का किरदार उन्होंने निभाया है। उनके कई सींस आपके दिल को छू जाते हैं। इमोशनल सींस में जब सहमत रोती है तो उसके साथ-साथ दर्शक भी रोता है। खासकर जब जासूसी और देशभक्ति के काम को अंजाम देने के बाद भी उसे मारने का आर्डर दे दिया जाता है, तब उसके अंदर का द्वंद जो पर्दे पर दिखाया गया है वह वाकई काफी खूबसूरत है।

खालिद मीर( जयवंत अहलावत)का किरदार वाकई दर्शको को पसंद आएगा। उनकी ड्यूटी कैसे उनके इमोशन को ढकती रहती है, उनका अंतर्द्वंद भी दर्शकों को लुभाता है। इसके अलावा हिदायत यानि आलिया के पिता के किरदार में रजत कपूर का काम बेहतरीन है। सोनी राज़दान का काम छोटा है। कुछ सींस उनके अपनी बेटी आलिया के साथ भी है, लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं है कि हर सीन में आलिया उन पर भारी पड़ती है। उम्मीद है कि इस बात को जानकर खुद सोनी राजदान भी गर्व महसूस करेंगीं कि उनकी बेटी आज एक्टिंग मे उनसे कई आगे है। विक्की कौशल का किरदार छोटा ही सही लेकिन अच्छा है। वह पाकिस्तानी है और आलिया के पति है, लेकिन फिर भी आलिया के वतन के लिए आलिया की वजह से इज़्ज़त रखते हैं। इस किरदार के मरने पर दर्शकों को सहानुभूति होती है। यूं तो फिल्म में कई पाकिस्तानी किरदार मरते हैं, लेकिन इस किरदार का मरना दर्शकों को खटकता है।

फिल्म का निर्देशन मेघना की ही तरह सुलझा हुआ है। आधी से ज़्यादा फिल्म में आर्मी कैंटोनमेंट को दिखाया गया है,रावलपिंडी का सेटअप है और पाकिस्तानी घर दिखाए गए हैं। कई कई दृश्यों में कश्मीर की खूबसूरती को भी दिखाया गया है। फिल्म को देखकर पता लगता है कि कम पैसों में सुंदर फिल्म बनाना किसे कहते हैं ।

फिल्म में क्या है कमी

raazi movie 70s pakistan
ये फिल्म आपको 70 के दशक के पाकिस्तान को दिखाती है

फिल्म शुरुआत से ही एक के बाद एक कई किरदारों को दिखाती जाती है। कुछ किरदारों का जिक्र मात्र कुछ सेकंड के लिए होता है। जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, दर्शक भूल जाता है कि ये किरदार कौन था। फ़र्स्ट हाफ़ तक आपको फिल्म में कुछ अधूरा लगता है लेकिन आगे तक आते-आते इसके सभी तार जुड़ते रहते हैं। इसलिए इस फिल्म को पहले से समझने की कोशिश में ना पड़ कर फिल्म के साथ साथ चलेंगे तो आप इन्जॉय कर सकते हैं। कई जगहों पर फिल्म प्रेडिक्टेबल है। कई सींस आप पहले से ही प्रेडिक्ट कर लेते हैं। सहमत अपने घर में परिवार वालों के बीच रहते हुए सभी काम को अंजाम देती है, ऐसे घर में जहां नौकरों और घरवालों को मिलाकर कम से कम दस लोग हैं और किसी को पता तक नहीं चलता, यह बात थोड़ी अटपटी लगती है, लेकिन फिल्म हरिंदर सिक्का की कहानी कॉलिंग सहमत से इंस्पायर है जो सच है, तो दर्शक सोच सकता है कि वाकई में ऐसा हुआ होगा।

क्या फिल्म देखनी चाहिए

भारत और पाकिस्तान युद्ध को जिताने के लिए कितने लोगों ने कई तरह की कुर्बानी दी है, यही ये फिल्म बताती है
भारत और पाकिस्तान युद्ध को जिताने के लिए कितने लोगों ने कई तरह की कुर्बानी दी है, यही ये फिल्म बताती है

आपको इतिहास जानने में रूचि है,आपने फिल्म गाज़ी अटैक देखी है और आप उस लड़ाई से पहले की कहानी जानना चाहते हैं कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी को इसकी जानकारी कैसे मिली थी, तो आप यह फिल्म देख सकते हैं। फिल्म को देखकर यह बात आप जान ही जाएंगे कि भारत को प्यार करने वाले ऐसे भी कई वीर हैं, जो इतिहास में गुमनाम हो गए। इस फिल्म को हॉट फ्राइडे टॉक्स तीन स्टार देता है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।