सलमान खान, मुराद खेतानी और अश्विन वर्दे द्वारा निर्मित फिल्म नोटबुक को लेकर एक दिलचस्प बात सामने आई है। इस फिल्म के अगले गाने ‘मैं तेरे’ में सलमान खान एक बार फिर अपनी आवाज़ का जादू बिखेरते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह गाना सिर्फ उनकी आवाज़ में ही नहीं बनाया गया है, बल्कि इस गाने को सलमान खान के साथ फिल्माया गया है। इस गाने में सलमान गाने को गाते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस वीडियो मेंउनकी भी झलक साफ़ देखी जा सकती है। आप भी देखिये सलमान का ये वीडियो।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करेंइस गाने के बारे में ट्विटर पर शेयर करते हुए नोटबुक के निर्माताओं ने लिखा, ” यह गाना और भी रोमैंटिक बन गया है। सुनते रहिये। नोटबुक का चौथा गाना #मैंतेरे।” मनोज मुंतशिर द्वारा लिखित इस गाने को सलमान खान ने अपनी आवाज़ दी है और संगीत विशाल मिश्रा ने बनाया है।

इससे पहले फिल्म के तीन गाने नहीं लगदा, लैला और बुमरो को लोगों के सामने पेश किया गया था, जो लोगों को बेहद पसंद आ रहे थे, लेकिन अब इसका तीसरा गाना भी लोगों के दिल में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है।

प्रनूतन और इक़बाल दोनों की ही यह पहली फिल्म

नितिन कक्क़ड़ निर्देशित इस फिल्म के दोनों ही सितारे नए है, लेकिन सलमान खान जैसे बड़े बैनर के साथ काम करने को लेकर उत्सुक भी। नूतन की पोती प्रनूतन जहां पिछले ढाई साल से फिल्मों में काम पाने के लिए संघर्ष कर रही थी, वहीं इस फिल्म के लिए भी उन्हें लगभग 5 घंटे तक ऑडिशन देना पड़ा। प्रनूतन का कहना है, “भले मैं सलमान खान को पहले से जानती हूं लेकिन इंडस्ट्री में अपनी ही मेहनत के बलबूते पर मुझे आना था। फिल्म के निर्देशक यह नहीं चाहते थे कि मुझे सिर्फ इसलिए काम मिल जाए क्योंकि मैं नूतन की पोती हूं। उन्होंने मेरे साथ बाकी 100 लड़कियों के भी ऑडिशन लिए और फिर उसमें से मुझे सिलेक्ट किया।”

वहीं फिल्म में बतौर हीरो काम कर रहे इकबाल का कहना है, “सलमान ने इस फिल्म में आने से पहले मुझे काफी ट्रेन किया है। मुझे सलमान ने शादी में देखा था और तभी मुझे बोल दिया था कि वह मुझे हीरो बनाएंगे। उन्होंने मुझे अपने साथ फिजिकल ट्रेनिंग करवाई और उसके बाद डांस ना जाने किस-किस तरह की ट्रेनिंग करवाई। इसके बाद मुझे इस फिल्म में काम मिला।”

नोटबुक 29 मार्च को थियेटर में रिलीज़ होगी। फिल्म के निर्देशक इस फिल्म से पहले मित्रों और फिल्मिस्तान जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। खास बात है कि फिल्म फिल्मिस्तान के लिए उन्हें साल 2013 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का नेशनल अवार्ड भी मिला था।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..