गुलज़ार और राखी की बेटी मेघना पिछले 18 सालों से एक बात का जवाब देते देते थक गईं हैं। आखिर वो ऐसा कौन सा सवाल है जिसने मेघना को परेशान किया हुआ है। मेघना की मानें तो 18 साल पहले जिस दिन वह इंडस्ट्री में आई थी, तब से लेकर अब तक उनकी तुलना उनके माता-पिता के साथ आज तक की जाती रही है।

मेघना से पूछे गए ऐसे ही एक सवाल पर उन्होंने कहा, “मैं थक चुकी हूं अब इस सवाल से। हम दोनों का मीडियम अलग-अलग है। वह कहानियां कहते हैं,मैं नेरेट करती हूं, वह उस दौर में फिल्म बना रहे थे, मैं इस दौर में फिल्म बना रही हूं, जो उस दौर से बिल्कुल अलग है। ऐसे में दोनों की तुलना सही नहीं।”

क्या एक्ट्रेस होती तो मम्मी से तुलना करते?

मेघना देखने में मां जैसी है और उनका नेचर भी अपनी मां से मिलता जुलता है

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लेखक गुलज़ार की बेटी मेघना ,एक निर्देशिका होने के साथ-साथ लेखिका भी हैं। हालांकि उनका मानना है कि अगर एक्ट्रेस होती तो शायद उनकी तुलना उनकी मां राखी से की जाती। साल 2002 में अपनी पहली फिल्म ‘फिलहाल’ का निर्देशन करने वाली मेघना की अगली फिल्म राज़ी बहुत ही जल्द रिलीज़ होने वाली है। भले ही मेघना ने बतौर प्रोफेशन अपने पिता के कदमों पर चलने का फैसला लिया हो, लेकिन वह खुद में अपनी मां की झलक ज्यादा देखती हैं। मेघना की माने तो, “मेरी भाषा पापा जैसी स्पष्ट है, लेकिन मैंने दोनों से उनकी अच्छी-अच्छी खूबीयां ले ली है। मुझ में मम्मी जैसी स्ट्रेनथ है, मैं बकवास नहीं झेल सकती मेरा मां जैसा ही शॉट टेम्पर है।”

मेरे बेटे के साथ मेरा बचपन जी रही है मेरी मां

समय आठ साल का है और अपना समय नानी के साथ ही बिताता है

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बचपन से ही क्रिएटिव चीजों का शौक रखने वाली मेघना इस बात को लेकर बेहद खुश है कि इस फिल्म की शूटिंग के लिए उन्हें कश्मीर जाने का मौका मिला। मेघना बचपन में कश्मीर में अपनी मां के साथ सेट पर बिताए गए समय को याद करते हुए कहती हैं, “मैं छोटी थी तब मम्मी पापा के साथ सेट पर कश्मीर गई थी आज जब मैं कश्मीर में शूटिंग कर रही थी, तो मैंने अपने बेटे समय को वहां बुला लिया था। मेरे लिए यह काफी इमोशनल मोमेंट था।”

शूटिंग की वजह से मेघना का बचपन मिस करने वाली राखी गुलज़ार इन दिनों मेघना के बचपन को फिर जी रही है। मेघना बताती है, “मेरा बेटा समय नानी यानि राखीजी के पास रहता है क्योंकि मैं काम करती हूं। जो खूबसूरत तरीके से मां ने मेरा बचपन मिस किया था, क्योंकि वह काम करती थी, तो वह अब अपनी सभी इच्छा मेरे बेटे समय के साथ पूरी कर रही हैं। हांलाकि वह मेरे बेटे को बिगाड़ भी रही हैं, जिसके लिए मैं उन्हें डांटती रहती हूं।”

खास बात तो यह है कि जब आप किसी मशहूर मां बाप के बच्चे होते है, तो आपको पहचान बनाने में काफी समय लगता है। आपकी तुलना बार-बार आपके मां-बाप से की जाती है। ऐसे में मेघना का अपने बलबूते पर अपनी पहचान बनाना क़ाबिले तारीफ है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।