राजकुमार राव की फिल्म ‘मेड इन चाइना’ इस दीवाली पर रिलीज़ के लिए तैयार है। फिल्म में राजकुमार राव मुख्य भूमिका में है और उनके साथ है मौनी रॉय, बोमन ईरानी, गजराज राव, परेश रावल, सुमित व्यास और अमायरा दस्तुर जैसे सितारे। फिल्म कहानी है गुजराती बिज़नेस मैन रघुवीर मेहता की, जो कई व्यापार में हाथ आज़मा, फेल होने के बाद चाइना नए व्यापार को समझने जाता है और भारत आकर अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए एक ‘मेड इन चाइना माल’ की तकनीक को अपनाता है। फिल्म दरअसल, सेक्स और गुप्त रोगों को लेकर हमारे समाज में जिस तरह का टैबू है, उस पर खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करती हैं।

फिल्म की कहानी

फिल्म का निर्देशन मिखिल मुसाले ने किया है
फिल्म का निर्देशन मिखिल मुसाले ने किया है

फिल्म में राजकुमार राव, बोमन ईरानी, परेश रावल और गजराज जैसे नाम हो, तो कोई भी फिल्म को देखने के लिए उत्सुक होगा ही। दरअसल, ‘मेड इन चाइना’ की कहानी बहुत ही बेहतरीन कहानी हो सकती थी, लेकिन उसे जिस तरह से कहा गया है, वह काफी पेचीदा है। कहा जाए तो एक अच्छी कहानी को मेड इन चाइना (सामान की तरह) बना दिया गया है, जिसकी वजह से फिल्म का असली मुद्दा बिखर जाता है। एक गुजराती व्यापारी रघु यानी राजकुमार राव, चाइना जाकर एक व्यापार का आइडिया लेकर आता है, वो आइडिया है अरबों की आबादी वाले देश में, पुरुषों के गुप्त रोग से संबधिंत दवाई को बेचना। इस आइडिया के लिए वो मदद लेता है डा वर्धी की, जिसका किरदार बोमन ईरानी निभा रहे हैं, वह एक सेक्सोलॉजिस्ट है। एक संकुचित परिवार से संबंध रखता रघु अपने परिवार से छिपते-छिपाते, कई मुश्किलों के बाद इस व्यापार को बढ़ाता है। व्यापार के साथ-साथ उसका उद्देश्य लोगों को सेक्स के बारे में खुलकर बात करने के लिए जागरुक करना भी है। क्या वो अपने व्यापार के इस ‘मेड इन चाइना’ आइडिया को ग्रो कर पाता है, क्या होता है जब उसके परिवार में उसकी पत्नी रुकमणी (मौनी रॉय) को पता चलता है कि उसका पति गुप्त रोगों की दवाइयों का व्यापार करता है।

फिल्म में है कई बेहतरीन कलाकार

फिल्म 2 घंटे 8मिनट की है
फिल्म 2 घंटे 8मिनट की है

फिल्म में राजकुमार राव, बोमन ईरानी के साथ-साथ परेश रावल और गजराज राव का बड़ा स्पेशल अपीरियंस रोल है। यह सभी उमदा कलाकार है। राजकुमार राव ऐसे अभिनेता है, जो किसी भी किरदार में आसानी से ढल जाते है, यहाँ गुजराती व्यापारी के तौर पर उनकी भाषा, पहनावा और हाव-भाव सबकुछ परफेक्ट है। मोटीवेशनल स्पीकर के तौर पर गजराज राव थोड़े ग्रे शेड लिए हुए है, लेकिन उन्हीं की मोटीवेशनल स्पीच सुनकर रघु अपने व्यापार की प्रेरणा पाता है। परेश रावल ने फिल्म में तन्मय शाह की भूमिका निभाई हैं, जो एक सफल गुजराती व्यापारी है। जिससे रघु की मुलाकात चाइना में होती हैं, वो रघु को सफल व्यापार करने का गुरु मंत्र देता हैं। बोमन ईरानी इस फिल्म में काफी प्रभावित करते हैं। 60 साल की उम्र के जिद्दी और अभिमानी सेक्सोलॉजिस्ट का किरदार निभाने वाले बोमन ईरानी के किरदार और राजकुमार के किरदार के बीच की केमेस्ट्री बेहतरीन है। मोनी रॉय ने राजकुमार राव की पत्नी का किरदार निभाया है, जो देखने में खूबसूरत लगी हैं, लेकिन राजकुमार के साथ उनकी केमेस्ट्री बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करती। वहीं इस फिल्म में सुमित व्यास भी है। लेकिन मौनी के साथ-साथ उनका किरदार भी फिल्म में काफी कमज़ोर प्रतीत होता हैं।

फिल्म देखे या नहीं

फिल्म की टक्कर दीवाली पर दो बड़ी फिल्मों से है
फिल्म की टक्कर दीवाली पर दो बड़ी फिल्मों से है

फिल्म का फस्ट हॉफ आपको बोर करता है। फिल्म छोटी ज़रुर है, लेकिन इंटरव्ल तक दर्शक कहानी नहीं समझ पाता। गुजराती फिल्म का निर्देशन कर नेशनल अवार्ड पा चुके का निर्देशन कमज़ोर जान पड़ता है। कई बेहतरीन कलाकारों का साथ होते हुए, सिर्फ और सिर्फ पेचिदा कहानी के कारण फिल्म दर्शकों को समझ नहीं आ पाती। गुजराती सेटअप में दिखाई गई इस फिल्म में आपको गीतों के नाम पर गुजराती गरबा का ही मॉडर्न रिमिक्स सुनने को मिलेगा। लेकिन खास बात है कि इन गरबों पर गरबा या डांडिया की जगह, डांस फॉर्म को ही रखा गया है। हालांकि फिल्म में दिये जाने वाला संदेश, दर्शक खानदानी शफाखाना जैसी फिल्मों में पहले ही ले चुके है, ऐसे में यह फिल्म कुछ ऐसा नया नहीं परोसती, जिसे देखने दर्शक थिएटर तक जाए।

इसके अलावा इस फिल्म को दीवाली पर रिलीज़ किया जा रहा है।दरअसल, दीवाली जैसे त्योहार के मौके पर पारिवारिक फिल्मों को रिलीज़ किया जाता है, ऐसे में इस फिल्म की टक्कर ‘सांड की आँख’ और ‘हाउसफुल-4’ जैसी पारिवारिक फिल्मों से है। ऐसे में इस फिल्म को दर्शक मिलना थोड़ा मुश्किल ज़रुर होगा।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को ढाई स्टार देता हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।