लद्दाख एक ऐसी जगह है, जहां जाने के लिए लोग उतावले रहते हैं। वहां पहुंचने से पहले ही लोग इसके बारे में कई जानकारी जुटा लेते हैं। लेकिन शायद आपको लद्दाख के खास स्ट्रीट फूड्स के बारे में किसी ने नहीं बताया होगा। आज हम आपको बताने जा रहे हैं लद्दाख के ज़ायकों के बारे में, जिनका स्वाद हमेशा आपकी जुबां पर रहेगा। यदि आप भी लद्दाख जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो वहां जाकर लद्दाख के इन स्वाद को ज़रूर चखें।

सिंगमो

यह एक तिब्बती स्टीम ब्रेड है, जो बेहद नरम होती है, जब आप लेह जाएं, तो इस ब्रेड को ज़रूर ट्राय करें। सिंगमो, वास्तविक रूप से तिब्बती ब्रेड है, जिसे बन भी कहा जाता है। यह मोमोज़ के आटे से तैयार होती है। यह बेहद फ्लफी होती है।

Singomo-bread
यह बेहद फ्लफी होती है

Credits: grihshobha.in

थुकपा

आपने मनाली, मेक्लौडगंज या दूसरे पहाड़ी इलाकों में शायद थुकपा का स्वाद चखा हो, लेकिन लद्दाख के लोकल फ्लेवर से तैयार थुकपे की बात ही कुछ और है। थुकपा, एक तरह का नूडल्स युक्त सूप है, जो लेह-लद्दाख की ठंड में आपको गर्मी का एहसास दिलाएगा।

थेन्थुक

Thenthuk
थेन्थुक को मीट और वेजिटेबल्स के सूप में पकाया जाता है

Credits: oaklandmagazine.com

थेन्थुक भी एक तरह का थुकपा, या कहें सूप ही है, जो बेहद टेस्टी और हेल्दी होता है। आटे से तैयार होने वाले थेन्थुक को मीट और वेजिटेबल्स के सूप में पकाया जाता है। थुकपा की तरह थेन्थुक के नूडल्स चपटे होते हैं। इन नूडल्स को तभी सूप में डाला जाता है, जब सब्जियां और मीट अच्छी तरह से पक जाते हैं।

मोमोज़

मोमोज़ तो आप अपने शहर में भी खाते होंगे, लेकिन औथेंटिक मोमोज़ खाना है तो पहुंच जाएं लेह-लद्दाख, जहां मौजूद तिब्बती लोगों ने पर्यटकों के लिए बेहतरीन औथेंटिक मोमोज़ का इंतज़ाम कर रखा है। इन मोमोज़ में सब्जियां या मीट भरा रहता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं।

यदि आप भी इन ज़ायकों का स्वाद चखेंगे, तो इसे भूल नहीं पाएंगे।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..