यूं तो अक्सर फिल्मी परिवार में पले-बढ़े बच्चे, अपने परिवार के नाम का सहारा लेकर ही आगे बढ़ना चाहते है। निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे उत्कर्ष का डेब्यू हो, या फिर सन्नी देओल द्वारा अपने बेटे को लांच करने की प्लानिंग। लेकिन इस जनरेशन में कई स्टारकिड्स ऐसे है, जिन्होनें अपने बैनर को छोड़ खुद की पहचान बनाने का रास्ता चुना। सोनम कपूर भी उन हीरोइनों में से है, जिन्होनें शुरुआत में यह साबित कर दिया कि वह अपने पिता की उंगली पकड़े बिना भी इंडस्ट्री में जगह बना सकती है। दरअसल सोनम कपूर ने इंडस्ट्री मे आने से पहले ही यह निर्णय ले लिया था कि वह कभी भी अपने पिता के नाम का सहारा काम पाने के लिए नहीं लेंगी।

यह इंडस्ट्री काफी क्रूर है

सोनम ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था

Samachar Nama

साल 2005 में रिलीज़ हुई अमिताभ बच्चन और रानी की फिल्म में सोनम ने संजय लीला भंसाली को असिस्ट किया था। उस दौरान सोनम ने एक्ट्रेस बनने के बारे में नही सोचा था, लेकिन एक बात उस दौरान भी उन्होंने तय कर ली थी कि वह इंडस्ट्री में नाम कमाने के लिए पिता के नाम का सहारा कभी नहीं लेंगी। इतना ही नहीं सोनम का मानना है कि कोई भी निर्माता आप को तभी अपनी फिल्म में लेने को तैयार होता है अगर आप उसे फिल्म से पैसा कर देने में सक्षम है। सोनम के मुताबिक, “ लोग कहते थे कि मैं अनिल कपूर की बेटी हूं और सिल्वर स्पून के साथ पैदा हुई हूं। मैंने तभी ठान ली थी कि मैं कभी भी अपने पापा के साथ काम नहीं करुंगी। मैं नहीं चाहती थी कि लोग बोले कि इसके पिता इंडस्ट्री से है इसीलिए इसे काम मिल रहा है। मैं खुद का रास्ता बनाना चाहती थी हालांकि आप को शुरुआत की एक या दो फिल्में मिल सकती है क्योंकि आप सोनम कपूर है, लेकिन उसके बाद आपको रास्ता खुद तलाश करना होता है। यह इंडस्ट्री काफी क्रूर है। वह आपको तभी एक्सेप्ट करेगा जब अपना काम आप अच्छे से करने में सक्षम है और आप निर्माता को पैसा कमा कर दे सकते हैं।”

लोगों ने मेरे बारे में बातें बनाई, लेकिन पापा ने विश्वास किया

सोनम अनिल कपूर के तीन बच्चों में सोनम सबसे बड़ी बेटी हैं

Hindi Rush

साल 2007 में फिल्म सावरिया से डेब्यू करने वाली सोनम कपूर को एक्टिंग में 12 साल हो चुके है। इन सालों में पहली बार अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर करने वाली सोनम को हमेशा इस बात का मलाल है कि उनके इंडस्ट्री में आने के बाद लोगों ने उनके बारे में कई तरह की बातें बनाई थी। हालांकि सोनम इस बात से भी खुश है कि उनके पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और काम करने के लिए प्रेरित किया। सोनम के मुताबिक, “ मेरे पापा ने कभी नहीं सोचा कि लोग मेरे बारे में क्या बातें कर रहे हैं। मैं जब इंडस्ट्री में आई तो लोगों ने मेरे बारे में बहुत सारी बातें बनाई थी। लेकिन मेरे पापा मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए ही प्रेरित करते रहे। ऐसा कभी नहीं कहा कि यह मत करो या वो मत करो। वो कहते थे कि जो लोग कहते है उसके बारे में सोचने की ज़रुरत नहीं है, मुझे पता है कि तुम कैसी हो। “

हालांकि सोनम ने भले ही अपने शुरुआती दौर में खुद के दम पर इंडस्ट्री में काम किया हो, लेकिन उनकी बहन रिया कपूर के प्रोडक्शन के तहत बनी फिल्मों में सोनम की निभाई गई भूमिका ने भी उन्हें काफी सराहना दिलाई है। इन फिल्मों में साल 2010 की आयशा, 2014 की खूबसूरत और साल 2018 में रिलीज़ हुई फिल्म वीरे दी वैडिंग मुख्य है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।