पुलवामा में हुए हमले के बाद हर आम और खास इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहा है। राजनीति की जानकारी हो ना हो, लेकिन हर कोई इस बारे में सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने में पीछे नहीं रह रहा। इस कड़ी में हमारे फिल्म सितारे भी शामिल है। हालांकि कई समय से इस बात पर चर्चा की जा रही हैं कि क्या फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखनी चाहिए? बहुत ही जल्द रॉ का एजेंट बन बड़े परदे पर आ रहे जॉन ने इस मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हुए ऐसे सितारों को चुप रहने की सलाह दी, जो बिना किसी जानकारी के सिर्फ ट्रैण्ड होने के लिए अपनी बात कहते है।

बिना किसी जानकारी के अपनी राय रख बेवकूफ लगने से बचें

1968 से 1971 के दौरान रॉ की भूमिका पर बनी फिल्म फिल्म ‘रॉ’ यानी रोमियो, अकबर और वाल्टर लेकर आ रहे जॉन अब्राहम इस फिल्म में ऐसे रॉ एजेंट की भूमिका निभा रहे है, जिनकी सहायता से भारत और पाकिस्तान की जंग में भारत की जीत हुई थी। फिल्म के ट्रेलर के लांच पर पहुंचे जॉन ने इस मौके पर पुलवामा और भारत – पाकिस्तान पर अपनी राय बेबाकी से रखी। इस मौके पर उन्होंने ऐसे सितारों को चुप रहने की भी सलाह दी, जो मामले की जानकारी हुए बिना सिर्फ ट्रेण्ड होने के लिए अपनी राय सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। जॉन के मुताबिक अपनी इस फिल्म की शूटिंग कश्मीर में करने के कारण वह वहां की समस्याओं और मुद्दों से अवगत है, इतना ही नहीं वह राजनीति के जुड़ी जानकारी भी हमेशा रखते है, जिसके कारण वह राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय भी रखते है। बिना राजनीति की जानकारी के राजनीतिक मुद्दों पर बात करते सितारों को जॉन ने कहा, “आपको (सितारों) राजनीति की जानकारी है तो ही स्टैंड लेना चाहिए लेकिन आपको ऐसा बेवकूफ नहीं बनना है कि आपको यह पता ही ना हो कि कौन सा देश कहा है और फिर भी आप बात कर रहे हैं। आपको नहीं पता है कि बिहार से लेकर सीरिया में क्या हो रहा है तो बेहतर है कि आप चुप रहे और हंस कर सवाल को टाल दे। अगर आपको सच में पता है कि देश और दुनिया में क्या चल रहा है, तभी आप कुछ बोले और स्टेटमेंट दे, कश्मीर में हमने बहुत शूटिंग की है, हमें वहां की जानकारी है कि क्या मुश्किलें है, इसलिए हमें पता है कि हम क्या बोल रहे हैं। सही समय पर बोलना बहुत ज़रुरी है। स्टेटमेंट सिर्फ इसलिए दें कि हम ट्रैण्ड हो जाएंगे, तो वो गलत है। हम ट्रैण्ड होने के बिज़नेस में नहीं है। हमारा काम है अच्छी फिल्म लेकर आना दर्शकों के लिए।”

कहां से शुरु हुआ मुद्दा

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कंगना ने फिल्म ‘मर्णिकर्णिका’ की सफलता की पार्टी में रणबीर और आलिया पर साधा था निशाना

Image Credit: Movie Blog

दरअसल, सितारों का राजनीतिक मुद्दे पर राय रखना सही है या नहीं, इस बात की शुरुआत कुछ महीनों पहले हुई, जब फिल्म ‘राब्ता’ के ट्रेलर लांच के दौरान सुशांत सिंह राजपूत से राजनीति से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर उन्होंने अपनी राय रखने से मना कर दिया था। अभी फिलहाल यह मामला शांत ही हुआ था कि रविवार को कंगना द्वारा रखी गई फिल्म ‘मर्णिकर्णिका’ की सफलता की पार्टी में उन्होंने एक सवाल के जवाब में रणबीर और आलिया को निशाना बना दिया। कंगना के मुताबिक, “मैं एक ऐसी युवती हूं कि जो देश के बारे में जानकारी रखती हूं। हाल ही में शायद मैं रणबीर और आलिया का एक इंटरव्यू देख रही थी, जिसने रणबीर कह रहे थे कि मेरे घर में बिजली और पानी आती है, तो मैं राजनिती में क्यों जाऊं, लेकिन उन्हें पता नहीं कि यह देश का पैसा है जिसकी वजह से वह गाड़ी में घूमते हैं। उनको लगता है कि वह फिल्मों में काम करने वाले हैं तो राजनीति की बात कैसे करें । कैसे यह लोग ऐसे गैरज़िम्मेदार हो सकते हैं? लेकिन मैं ऐसी नहीं हूं भले ही मेरा करियर चला जाए तो चला जाए। यह सब बदलना चाहिए। इन सब को उन्हें सबक सीखाना चाहिए। इतना क्या प्यारा हो गया है इन्हें करियर से कि इन्हें देश की नहीं पड़ी हुई है।”

कंगना के इस बयान ने अभी बवाल ही मचाया था कि जॉन की कही गई बात से कंगना को सपोर्ट मिल गया। जॉन के बिना जानकारी के बयान देते सितारों को चुप रहने की सलाह देने के साथ साथ यह भी साफ किया कि वह मानते है कि कंगना सही आवाज़ उठाती है। जॉन के मुताबिक, “अगर किसी को राजनीति की जानकारी है तो उसे ज़रुर आगे कर देश के मुद्दों पर बात करनी चाहिए और मुझे लगता है कि कंगना को जानकारी है और वो अपनी बात हमेशा बेबाकी से रखती है।”

ज़ाहिर है कि जॉन और कंगना जैसे कलाकारों इन बातों से एक बात तो साफ है कि देश से जुड़ा मुद्दा किसी एक का नहीं, बल्कि सबका होना चाहिए। देश पर शहीद होते जवानों पर किसी आम की राय हो या किसी खास की, लेकिन राय तभी रखनी चाहिए जब किसी विषय की जानकारी हो। जॉन की यह सलाह और कंगना की बेबाक और बुलंद आवाज़ कितने लोगों तक पहुंचती है,यह देखना दिलचस्प होगा।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।