कई पारिवारिक फिल्मों को कर अपनी पहचान बनाने वाली सोनाक्षी सिन्हा अब एक ऐसे विषय पर फिल्म लेकर आ रही हैं, जिसे हमारे समाज में टैबू विषय माना जाता है। जी हां, मतलब एक ऐसा विषय, जिस पर हमारे समाज में अक्सर ही बातें होती हो। दरअसल, उनकी आने वाली फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ में वह एक सेक्स क्लीनीक चलाती नज़र आएंगी। सोनाक्षी का मानना है कि उनके दौर में भी जहां कई सालों पहले सेक्स एजुकेशन का अभाव था, वहीं आज भी स्थिति वैसी ही हैं। सेक्स और सेक्स के जुड़े कई मुद्दों को हल्के फुल्के और कॉमेडी तौर पर दिखाती इस फिल्म का दरअसल उद्देश्य, आज के युवाओं में सेक्स संबंधित जागरुकता लाना है।

स्कूलों में सेक्स एजुकेशन क्यों नहीं

फिल्म में पंजाबी लड़की का किरदार सोनाक्षी ने निभाया है
फिल्म में पंजाबी लड़की का किरदार सोनाक्षी ने निभाया है

हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘कलंक’ में सत्या का किरदार कर लोगों की प्रशंसा बटौरने वाली सोनाक्षी सिन्हा बहुत ही जल्द बेबी बेदी बन कर आ रही हैं। छोटे से शहर में रहती बेबी के नाम पर उसके मामा, अपना सेक्स क्लीनीक कर देते हैं और बेबी की ज़िम्मेदारी है उसको अच्छे से चलाना। हालांकि ‘खानदानी शफाखाना’ की कहानी को सुनकर पहले फिल्म को करने के लिए मना करने वाली सोनाक्षी को लगता है कि आज के दौर में ऐसे मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना बेहद ज़रुरी है और यही कारण है कि आखिर इस फिल्म को करने के लिए उन्होनें हां कर दिया। सोनाक्षी की मानें तो, “जिस तरह से हमें हिस्ट्री, ज्योग्राफी, इंग्लिश और हिंदी सिखाई जाती हैं, उसी तरह से हमें सेक्स एजुकेशन क्यों नहीं दी जाती। जब आपको सर्दी और बुखार होता है, तो हम डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन जब सेक्स डिसऑर्डर हो या फिर किसी भी तरह की सेक्स से संबंधित बीमारी हो तो हम क्यों कतराते हैं उस बारे में बात करने से या डॉक्टर के पास जाने से? हम चुप क्यों हो जाते हैं? बीमारी तो बीमारी होती है। यह फिल्म ऐसे ही विषयों से डील करती है और इस मुद्दे को अच्छे तरीके से बताएंगे तो हर उम्र के लोग इस बारे में समझ पाएंगे।”

बच्चों को जागरुक करना मां-बाप की भी है ज़िम्मेदारी

इस फिल्म से बादशाह डेब्यू कर रहे हैं
इस फिल्म से बादशाह डेब्यू कर रहे हैं

मुंबई में ही पली-बड़ी और फिल्मी परिवार से जुड़ी सोनाक्षी भले ही इस विषय पर फिल्म कर रही हो, लेकिन उनका मानना है कि कई परिवारों में अक्सर मां-बाप भी बच्चों के साथ इस विषय पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। खुद अपनी ही परवरिश और दौर के बारे में सोनाक्षी का कहना है कि उनके घर पर भी इस मुद्दे पर बात करने वाला और उन्हें इस बारे में समझाने वाला कोई नहीं था। सोनाक्षी का कहना है कि अक्सर सेक्स से जुड़े मुद्दों पर हमारे परिवार में आज भी बात नहीं की जाती हैं। सोनाक्षी की मानें तो, “ मैं भी उन्हीं लोगों में से हूं जिसने इस बारे में कभी भी अपने मां बाप से बात नहीं की है। मेरे साथ अगर ऐसा हो सकता है तो मुझे बात पर विश्वास है कि बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जिनकी अपने मां बाप से इस बारे में बात नहीं होती होगी। हमारी परवरिश ही ऐसी हुई है। स्कूल में, कॉलेज में या फिर दोस्तों से बात करके खुद ही इन चीजों के बारे में पता करते हैं। परिवार से ज़्यादा बात ही नहीं होती थी कभी इस मुद्दे पर। खुद ही इस बारे के बारे में जानकारी और ज्ञान हासिल किया है। आज भी ऐसा कई बच्चों के साथ होता है कि कई बार इस बारे में सही पता चलता है, तो कई बार बच्चे गलत डायरेक्शन में भी चले जाते हैं। कई लोगों को तो यही पता नहीं होता कि इस बारे में बातें कैसे करें और किससे करें, लेकिन अगर एक बार सेक्स एजुकेशन के बारे में गाइडेंस मिल जाए तो बहुत सही रहता है।”

ज़ाहिर है कि आज जहां कई अलग-अलग मुद्दों पर फिल्में आ रही हैं, वहीं इस मुद्दे पर अब आज के युवाओं को जागरुक करने सोनाक्षी आ रही हैं। शिल्पी दास गुप्ता ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। यह पहली बार होगा कि सोनाक्षी किसी फीमेल निर्देशिका के साथ काम कर रही हैं। सोनाक्षी के साथ इस फिल्म में वरुण शर्मा और साथ ही बादशाह भी होंगे। फिल्म 2 अगस्त को रिलीज़ होने वाली हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।