दक्षिण फिल्मों के सुपरस्टार धनुष का आज जन्मदिन है। 16 साल की उम्र में सबसे पहली बार फिल्मों में काम करने वाले धनुष आज की जनरेशन के बड़े सितारों में से एक है। साल 2002 से दक्षिण भारतीय फिल्मों मे काम करने वाले धनुष ने दक्षिण भारत की लगभग 40 फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी बॉलीवुड तक भी पहुंच गई है। उनके गीत ‘कोलावरी डी’ और फिल्म ‘रांझणा’ ने उन्हें बॉलीवुड में काफी फेमस कर दिया है।

फेमस ससुर के है दामाद

रजनीकांत की बड़ी बेटी ऐश्वर्या से की है शादी
रजनीकांत की बड़ी बेटी ऐश्वर्या से की है शादी

रजनीकांत के जमाई होने के बावजूद खुद अपनी एक पहचान बना लेने वाले धनुष ने अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीत लिया है। रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या के पति होने के नाते हर बार उनके साथ सुपरस्टार रजनीकांत का नाम जोड़ ही दिया जाता है।धनुष ने 21 साल की में ही शादी कर ली थी। उनकी पत्नी ऐश्वर्या उनसे 2 साल बड़ी है। धनुष के पिता तमिल के एक मशहूर प्रो़डयूसर हैं।उन्होनें 16 साल की उम्र में सबसे पहले काम किया था।

‘रांझणा’ से मिली बॉलीवुड में सफलता

धनुष को हिन्दी बोलनी नहीं आती
धनुष को हिन्दी बोलनी नहीं आती

हिंदी की फिल्म ‘रांझणा’ में सोनम कपूर के साथ काम किया था। यह फिल्म साल 2013 में रिलीज़ हुई थी। आप इस बात को जानकर हैरान हो जाएंगे कि धनुष को हिंदी बिल्कुल नहीं आती। इसके बावजूद अपनी पहली हिन्दी फिल्म में उन्होनें सभी का दिल जीत लिया। अपने काम के प्रति काफी लगन रखने वाले धनुष अपनी हर फिल्मों की डबिंग लगभग एक ही दिन में पूरी कर लेते हैं।

कई चीज़ों में है वो लोगों से बहुत आगे

हिट गीत कोलावरी डी 6 मिनट में लिख लिया था
हिट गीत कोलावरी डी 6 मिनट में लिख लिया था

धनुष नेशनल अवार्ड पाने वाले सबसे यंग अभिनेता बन चुके हैं। उन्हें अभी तक 3 नेशनल अवार्ड और 7 फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ा जा चुका है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी धनुष, ना सिर्फ एक अच्छे एक्टर है, बल्कि एक अच्छे गायक और प्रोडयूसर भी है। खास बात यह है कि 4 मिलियन फैंस का आंकड़ा पाने वाले वह पहले दक्षिण भारतीय एक्टर है। उनका गाया गीत कोलावरी डी, हिन्दी सिनेमा का पहला ऐसा गीत है, जिसे 100 मिलियन व्यू कम समय में हासिल किए हो।

साल 1983 को जन्मे धनुष का असली नाम वेंकटेंश प्रभू कस्तुरी राजा है। 35 साल के हो रहे धनुष को हमारे सभी पाठकों की तरफ से जन्मदिन की बधाइयां।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।