साल 1934 में 18 अगस्त झेलम (पकिस्तान) के बिना नाम के छोटे से गांव में संपूर्ण सिंह कालरा यानी गुलज़ार का जन्म हुआ।गुलज़ार एक ऐसा नाम है जिससे शायद ही कोई वाकिफ ना हो। गुलज़ार का नाम आते ही लोगों की ज़ुबान पर उनके लिखे गीत तुरंत आ जाते हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर आपके लिए हम लेकर आए हैं उनके लिखे ऐसे गीत, जिनके बोलों ने हमारे दिल की गहराइयों को छुआ है। गुलज़ार के गीत ऐसे होते हैं, जो हमें दूसरी दुनिया में लेकर जाते है। ऐसे ही कुछ गीत आज हम आपके सामने लेकर आए हैं, जिसे सुनते ही आप अपनी सपनों की दुनिया में खो जायेंगे। सुनिए गुलज़ार के लिखे हुए कुछ खास गीत।

मेरा कुछ सामान 

साल 1980 में आई फिल्म इजाज़त का यह गाना मेरा कुछ सामान गुलज़ार के लिखे हुए गानों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले गानों में से एक है। इस गाने को आशा भोंसले ने गाया है। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और रेखा मुख्य किरदार में नज़र आए थे।
आने वाला पल 

साल 1978 में आई फिल्म गोलमाल का यह गाना लोगों के बीच आज भी फेमस है। गुलज़ार की कलम से निकला यह गाना ‘आने वाला पल’ किशोर कुमार ने अपनी आवाज से तराशा है और इस का म्यूजिक दिया है आर डी बर्मन ने। फिल्म में अमोल पालेकर, बिंदिया गोस्वामी, उत्पल दत्त जैसे दिग्गज कलाकार मौजूद थे। यह फिल्म अपने समय में सुपरहिट कॉमेडी फिल्मों में से एक थी।
मुसाफिर हूं यारों 

साल 1972 में आई फिल्म ‘परिचय’ का गाना मुसाफिर हूं यारों गुलज़ार ने ही लिखा है। इसके अलावा गुलज़ार ने डायरेक्ट किया है और इसके डायलॉग भी लिखे हैं। फिल्म में जया भादुरी और जितेंद्र लीड रोल में नज़र आए, वहीं संजीव कुमार और विनोद खन्ना स्पेशल अपीयरेंस में नज़र आए थे। फिल्म का गाना आज भी उतना ही लोकप्रिय है इसकी रिलीज़ के दौरान था।
चप्पा चप्पा चरखा चले 

1996 में आई फिल्म माचिस में हरिहरन और सुरेश वाडकर की आवाज़ में गाना चप्पा चप्पा चरखा चले काफी फेमस हुआ। इस गाने के बोल लिखे थे गुलज़ार ने। चंद्रचूड़ सिंह और तब्बू की फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में मौजूद थे। वहीं फिल्म का डायरेक्शन गुलज़ार ने किया था।
ऐ जिंदगी गले लगा ले 

1983 में आई फिल्म सदमा में श्रीदेवी और कमल हासन लीड रोल में थे। इस फिल्म में श्रीदेवी की एक्टिंग ने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया। वहीं  कमल हसन के करियर को भी उछाल मिला। फिल्म का गाना ऐ जिंदगी गले लगा ले गुलज़ार की कलम से निकला एक ऐसा गाना है, जो आज भी लोगों के ज़ुबान पर छाया हुआ है।
गुलज़ार के जन्मदिन पर इन गानों को सुनकर आप की मुस्कान खिल उठेगी।