माधुरी दीक्षित ने सोशल मीडिया पर 1997 की अपनी फिल्म दिल तो पागल है का नया वर्ज़न लॉन्च किया। यह पहली बार है जब उनकी फिल्म के हिट गाने को रीक्रिएट किया गया है। इस गाने को लगभग 20 साल बाद रीक्रिएट किया है ‘6 पैक बैंड 2.0 ने’। यह इस बैंड का दूसरा सिंगल है । यह बैंड 6 ऐसे टीनएजर बच्चों का ग्रुप है, जो किसी न किसी दुर्बल बीमारी से ग्रसित हैं। लेकिन इन सब बच्चों का एक स्पेशल टैलेंट है कि ये इन सभी को किसी न किसी म्यूज़िकल इंस्ट्रुमेंट बजाने में महारथ हासिल है। जिस खूबसूरती से इन सब ने इस गाने में संगीत दिया है वह क़ाबिले तारीफ है । खास बात है कि इस गाने का इस्तेमाल मेंटल हेल्थ डिसेबिलिटी की अवेयरनेस के तौर पर किया जाएगा। दावा है कि आप भी इस गाने को देखकर झूम उठेंगे।

गीत को सुन माधुरी का दिल हो गया पागल

1997 में रिलीज़ फिल्म दिल तो पागल है का ये गीत काफी हिट हुआ था। आज तक इस गाने को रीक्रीएट नहीं किया गया था। अपने सोशल मीडीया पर इस गीत को शेयर करते हुए माधुरी ने खुशी जताई। माधुरी ने बताया,” मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि मेरी फेवरेट फिल्म के फेवरेट गीत को इतने अच्छे काम के लिए फिर से बनाया गया है। सच बताउं तो मेरा दिल इसे देखकर पागल हो गया है कि कितनी खूबसूरती के साथ इन बच्चों ने इस गीत को गाया है।”

बच्चों के साथ समय बिताकर मेरा नज़रिया ही बदल गया।

इस गीत को क्रिएट किया है शमीर टंडन ने, जिन्होनें इस बैंड की शुरुआत की थी। इन ख़ास बच्चों के प्रति हमारे समाज के नज़रिए को ध्यान में रखकर इस गीत के बोलों में कई बदलाव किए गए है। गीतकार कुमार ने इस गीत के बोलों में बच्चों को ध्यान में रखकर कुछ खूबसूरत बदलाव किए हैं। इस गीत का निर्देशन किया है आदिल शेख ने। खास बात है कि इस गीत में दिखाए गये सभी बच्चे और बड़े , ऐसे ही स्पेशल बच्चों के लिए काम करते स्कूल ‘द गेटवे स्कूल’ से है। विशाल ददलानी नें इन बच्चों के साथ मिलकर इस गीत को गाया है। इन बच्चों के साथ अपने अनुभव को शेयर करते हुए विशाल बताते हैं, “इन बच्चों के साथ समय बिताकर मेरा नज़रिया काफी बदल गया। मुझे लगता है कि यह बच्चे इतने टैलेंटेड है कि ये सभी इससे ज्यादा का हक रखते हैं ।मैं खुश हूं कि मैं इस का हिस्सा बना।”

यशराज के Y films द्वारा प्रोड्यूस किया गया ये गीत ऐसे बच्चों के प्रति लोगों के नज़रिए में बदलाव लाएगा ऐसी उम्मीद की जा रही है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।