क्रिसमस की छुट्टियों पर अगर आपने भी यह तय कर रखा है कि आप अगर दबंग 3 देखने जाएंगे और परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे, तो हम आपको बता देते हैं कि क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए या नहीं। लेकिन रिव्यू पढ़ने वालों के लिए और खास करके उन लोगों के लिए, जो सलमान के फैंस है, उनके एक स्पेशल हिदायत है कि आप इस रिव्यू को ना पढ़े, हो सकता है कि आपकी भावनाएं इस रिव्यू को पढ़कर आहत हो जाए। दरअसल यह रिव्यू सिर्फ उन लोगों के लिए है जो यह जानना चाहते है कि इस फिल्म पर पैसे खर्च करें या नहीं?

फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी सलमान खान ने ही लिखी है
फिल्म की कहानी सलमान खान ने ही लिखी है

दंबग-3 में, चुलबुल पांडे उर्फ रॉबिन हुड पांडे उर्फ धाकड़ पांडे की कहानी के उन पहलुओं को दिखाया गया है, जो दंबग और दबंग 2 में नहीं थे, और कही ना कहीं उसी कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं, जैसे चुलबुल नाम कैसे पड़ा ? कौन था चुलबुल का पहला प्यार जैसी कई कड़ियाँ इस फिल्म को देख कर दर्शक पहली फिल्मों से जोड़ पाएंगे। फिल्म में सलमान खान ने समाज की कई समस्याओं और मुद्दों पर मनोरंजन के साथ संदेश देने की कोशिश की हैं। औरतों से जुड़े दहेज प्रथा के मुद्दे हो या फिर शादी के बाद नाम लड़कियों का सरनेम बदल देने की प्रथा, पानी की बचत, पुलिस मे भ्रष्टाचार, स्वच्छ अभियान , गरीबों की मदद जैसे कई मुद्दों को सलमान खान ने मनोरंजन का तड़का लगा, अपने चुलबुल अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की हैं। फिल्म अच्छाई पर बुराई पर जीत जैसा ही संदेश देती हैं और सलमान खान को सुपर हीरो के तौर पर पेश करती हैं।

फिल्म के कलाकार

महेश मांजरेकर की बेटी साई मांजरेकर की यह पहली फिल्म है
महेश मांजरेकर की बेटी साई मांजरेकर की यह पहली फिल्म है

सलमान खान के फैंस उनकी एक्टिंग से ज़्यादा उनके स्टाइल और स्वैग के दीवाने है, ऐसे में उन्होनें आपने फैंस को इस मामले में निराश नहीं किया है। शर्टलैस होने से लेकर, चुलबुल अंदाज़ में उनका डांस सभी कुछ इस फिल्म में देखने को मिलेगा। साई मांजरेकर खूबसूरत है और स्क्रीन पर काफी फ्रैश लगी हैं, लेकिन पहली ही फिल्म में उनसे बेहतरीन एक्टिंग की उम्मीद करना गलत होगा। सोनाक्षी सिन्हा और सलमान की केमेस्ट्री वैसी ही है, जैसी पुरानी दो फिल्मों में थी, इस फिल्म में इस जोड़ी में कोई भी नयापन नहीं है। इन सबसे अलावा अगर किसी की एक्टिंग की तारीफ होनी चाहिए वो है किच्चा सुदीप। कन्नड़ सुपरस्टार किच्चा सुदीप ने सलमान को एक्शन, स्टाईल के मामले में बराबर की टक्कर दी हैं। इन सभी कलाकारों के अलावा डिम्पल कपाड़िया, महेश मांजरेकर, अरबाज़ खान जैसे सितारे भी फिल्म में हैं।

फिल्म देखें या नहीं

फिल्म 159 मिनट की हैं
फिल्म 159 मिनट की हैं

फिल्म की खास बात है इस फिल्म एक्शन, जो पूरा का पूरा फिज़ीकल स्ट्रैंथ पर है। इस फिल्म की सिनेमाटोग्राफी के साथ-साथ , भाषा का उपयोग भी काफी सराहनीय है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि जिस परिवेश और प्रांत में फिल्म शूट की जाती हैं, वहाँ की भाषा का उपयोग फिल्म में इस कदर हावी हो जाता है कि फिल्म के कई डायलॉग समझ ही नहीं आते। ऐसे में इस फिल्म में कुछ ही शब्द और जहाँ ज़रुरत पड़े, वहाँ पर ही प्रांतीय भाषा का उपयोग उसे खूबसूरत बनाता हैं। फिल्म की ऐसी चीज़ो की बात करें जो दर्शकों को पसंद ना आए तो उसमें सबसे पहले हैं फिल्म का ज़्यादा लम्बा होना। फिल्म काफी बड़ी है और बहुत सी जगहों पर बोर करती हैं। फिल्म के गीत अच्छे है, लेकिन वो फिल्म की कहानी को आगे नहीं बढ़ाते, बल्कि कहानी को आगे बढ़ने से रोकते हैं, इसलिए गीत अपना चार्म खो देते हैं। प्रभुदेवा के निर्देशन की बात करें तो इस बात पर विश्वास करना मुश्किल हैं कि प्रभुदेवा और सलमान की जोड़ी से ही हमें फिल्म वांटेड मिली थी। फिल्म में प्रभुदेवा, सलमान को नचाने में तो कामयाब हो गए हैं, लेकिन एक्टिंग के मामले में उन्हें अपनी उंगलियों पर नचाने में कामयाब नहीं हुए हैं।

आवाज़ डाट कॉम इस फिल्म को साढ़े तीन स्टार देता हैं।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।