रंगों को त्यौहार ‘होली’ हर किसी के दिल के करीब है। ऐसे में क्यों ना रंगों की खूबसूरती को महसूस करने के लिए बॉलीवुड के उन गीतों को याद किया जाए, जिनमे रंगों का जिक्र बड़े ही शानदार तरीके से किया गया है। यह रंग ना सिर्फ संगीत के बोल को खूबसूरत बनाते हैं बल्कि चारों ओर खुशियां और रंग-बिरंगी महक भी फैलाते हैं। फिल्मों और होली का तो वैसे भी पुराना रिश्ता हैं, फिर चाहे वो ‘बाग़बान’ हो, ‘शोले’ हो यह फिर यूथ की पसंदीदा ‘ये जवानी है दीवानी’ फिल्म के होली गीत ही क्यों ना हो। तो चलिए बात करते हैं उन रंगों की जिनका जिक्र हमारे गीतकारों ने गीतों को बनाने के लिए किया है।

प्रेम का रंग – ‘लाल’

प्यार का रंग कहे जाने वाला यह लाल रंग ना जाने कितनी फिल्मों में, दो दिलों को और रिश्तों को जोड़ने की कड़ी बना। इस रंग ने जहां फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ के गीत ‘लाल दुपट्टा उड़ गया’ में दो लड़कों का एक ही लड़की के प्रति आकर्षण को दर्शाया, तो वहीं फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ के गीत ‘मोहे रंग दो लाल’ में यह सिंदूर का रंग बन गया यानी कही शान तो कहीं अनबन को गीतकार ने इस लाल रंग से अपने गीतों में पेश किया।

फिल्म ‘रामलीला’ में राम और लीला के बीच के प्रेम और जुनून को दर्शाता गीत ‘लाल इश्क़’ हो या फिर फिल्म ‘दिलवाले’ में शाहरुख़ और काजोल की एवरग्रीन केमिस्ट्री को दर्शाता गीत ‘गेरुआ’, यह दोनों ही गीत दर्शकों के मन-पसंद गीतों में से हैं। इन सभी गानों को देखकर यह साफ़ पता चलता है कि लाल रंग को प्यार का रंग क्यों कहा जाता है। आप भी सुनिए प्यार की परिभाषा बन चुका शाहरुख और काजोल पर फिल्माया यह गीत.

सुंदरता का प्रतीक – ‘गुलाबी’

कहा जाता है कि गुलाबी रंग महिलाओं को सबसे ज़्यादा पसंद होता है। जब खुद राजेश खन्ना की फिल्म ‘द ट्रेन’ में अभिनेत्री नंदा की गुलाबी आंखों की तारीफ़ की थी, तो वे भी ख़ुशी से फूली नहीं समा रहीं थी। इस रंग में आकर्षण भी है और शर्म भी। जहां गीतकार आनंद बक्शी के लिखे इस गाने में हया थी, वहीं फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ के गाने ‘गुलाबी’ में दो प्रेमी खुलकर एक दूसरे से अपने प्यार का इज़हार कर रहे हैं। इस गाने में आज के ज़माने के प्यार की खुशबू है। आप भी इस गुलाबी रंग में गुलाबी हो जाईए

सबसे सुकूनदायक रंग – ‘नीला’

नीला रंग प्रकृति की उन सभी चीज़ों को दर्शाता है, जिसे देखकर हमारी आंखों को सुकून मिलता है। जैसे चमकदार आसमान और गहरा समुद्र। इसका एक बेहतरीन उदाहरण म्यूज़िक कंपोजर कल्याणजी-आनंदजी की फिल्म ‘कलाकार’ के सुपरहिट गाने ‘नीले-नीले अम्बर पर’ से देखने को मिलता है। इसी के साथ हम फिल्म ‘सिलसिला’ के गाने ‘नीला आसमान’ को नहीं भूल सकते, जिसे खुद सदी के महानायक, अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज़ में गाया है। हालांकि 1967 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘हमराज़’ का गाना ‘नीले गगन के तले’ भी काफी मशहूर हुआ था। जाहिर है इस नीले रंग को गीतकारों ने भावनाओं के साथ काफी खूबसूरती से जोड़ा है। इस बात में कोई दो राय नहीं कि इन मधुर गानों को सुनकर किसी का भी पसंदीदा रंग, नीला रंग बन जाएगा।

खुशियों का रंग,’हरा’

‘हम पे यह किसने हरा रंग डाला, ख़ुशी ने हमारी हमें मार डाला’ – डांसिंग क्वीन, माधुरी दीक्षित ने अपनी अदाओं और हाव-भाव से फिल्म ‘देवदास’ के इस गाने को सुपरहिट बना दिया था। सच कहें तो हरे रंग के अनारकली कॉस्ट्यूम में माधुरी किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। गाने में सिर से लेकर पांव तक हरे रंग की वेशभूषा और आभूषणों में सजी माधुरी अपने देव बाबू का इंतज़ार करती है और उनके आते ही ख़ुशी से झूम उठती हैं। इसलिए यह हरा रंग उसकी खुशी और जश्न का रंग बना जाता है। आप भी झूमिए चंद्रमुखी के साथ इस गीत पर

काला – सबसे सुंदर

कुछ लोग कहेंगे की बॉलीवुड में ‘काले’ रंग का उपयोग तो रंगभेद के लिए किया गया है। लेकिन हकीकत यह है कि इंडस्ट्री में ‘काले’ शब्द का उपयोग बॉलीवुड के सबसे मज़ेदार और यादगार गानों को बनाने के लिए किया गया है। फिल्म ‘बाज़ीगर’ में जब शाहरुख़ काजोल की नखरीली आंखों में खो गए थे, तब उन्होंने काजोल के सामने इज़हार करने के लिए ‘यह काली काली आंखें’ जैसा मज़ेदार गीत ही गाया था। अगर रफ़ी साहब के गाने ‘हम काले है तो क्या हुआ दिलवाले है ‘ को याद करें, तो महमूद साहब के नटखट अंदाज़ और हेलन की प्यारी अदाओं ने दर्शकों को आज तक दीवाना कर रखा है। इसके साथ एक ऐसा गाना जो भारत की हर एक शादी में बजता आया है वो है ‘काला कऊवा काट खाएगा, सच बोल’ को कैसे भूलाया जा सकता है। भारत में ऐसा कोई नहीं होगा जिसने इस दमदार गाने पर अपने पैर नहीं थिरकाए होंगे। काले रंग ने बॉलीवुड के गानों में मस्ती और मौज को दर्शाया है।

इन शानदार रंगो के अलावा कई ऐसे रंग है जो हमारे गीतकारों की कलम से अछूते नहीं रहे। जैसे केसरिया रंग, पीले रंग का भी बड़े अद्भुत तरीके से बॉलीवुड के गानों में इस्तेमाल हुआ है। बॉलीवुड गीत और रंगों का यह संगम तो एवरग्रीन है। हम यही चाहेंगे कि आने वाले दिनों में भी बॉलीवुड ऐसे ही रंग बिरंगे और मस्ती भरे गाने सुनाता रहें। इस होली आप भी इन गाीतों को सुनकर झूम उठिए।

अपने सपनो को पूरा करने की ताक़त रखती हूँ। अभिलाषी हूं और नई चीज़ों को सीखने की इच्छुक भी। एक फ्रीलान्स एंकर। मेरी आवाज़ ही नहीं, बल्कि लेखनी भी आपके मन को छू लेगी। डांसिंग और एक्टिंग की शौक़ीन। माँ की लाड़ली और खाने की दीवानी।