जब बात हो बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं की, तो परेश रावल का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। बाबू भाई के किरदार से लोगों के बीच पहचाने जानेवाले परेश रावल ने कई ख़ास और बड़ी बैनरवाली फिल्मों में अपना योगदान दिया है। साथ ही वे अपनी प्रतिभा से लोगों का दिल चुटकियों में जीत लेने की ताकत रखते हैं। आज परेश रावल के जन्मदिन पर हम जानेंगे उनसे जुड़ी हुई कुछ ऐसी बातें, जो आपने पहले कभी नहीं सुनी।

ऐसा था बचपन

परेश रावल का जन्म 30 मई 1955 के दिन मुंबई में हुआ। परेश रावल के पिता दह्यालाल रावल ब्राम्हण परिवार से थे, जिन्हे परेश के रूप में पुत्र रत्न प्राप्त हुआ। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद परेश रावल ने 22 साल की उम्र सिविल इंजीनियर के तौर पर नौकरी ढूंढने की तलाश करने लगे, हालांकि उनके आसपास मौजूद लोगों ने उनकी अभिनय प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अभिनेता के तौर पर काम करने की सलाह दी। परेश ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की।

इस फिल्म में परेश रावल ने खलनायक की भूमिका निभाई थी

फ़िल्मी करियर था जगमगाता

1984 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘होली’ से उनके फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई, यही फिल्म आमिर खान की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके बाद परेश रावल ने मुड़ कर पीछे नहीं देखा। हिफाजत, लोरी, भगवान दादा और दुश्मन का दुश्मन जैसी फिल्मों में काम करते हुए आगे बढ़ते चले गए। लेकिन इन सभी फिल्मों से उन्हें दर्शकों का प्यार और अपनापन नहीं मिला, जितना 1986 में राजेंद्र कुमार द्वारा डायरेक्ट की हुई फिल्म ‘नाम’ से मिला। इस फिल्म में संजय दत्त और कुमार गौरव भी शामिल थे। इस फिल्म में परेश रावल ने खलनायक की भूमिका निभाई थी, जिसके बाद यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और खलनायक के तौर पर उन्हें नयी पहचान मिली। इस फिल्म की सफलता के बाद परेश रावल को कई फिल्मों के प्रस्ताव मिले। जिसमें सोने पर सुहागा, खतरों के खिलाड़ी, मरते दम तक, कब्जा, इज्जत और राम लखन जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल थी।

इन फिल्मों में काम करने के बाद परेश रावल को एक नई पहचान मिली और उनकी अदाकारी को लोग पहचानने लगे। इसके अलावा 1993 में परेश रावल ने दामिनी, मुकाबला और आदमी जैसी फिल्मों में काम किया, जो उनके करियर के लिए सर्वश्रेष्ठ समय साबित हुआ। इसी दौरान फिल्म सर के लिए उन्हें बेस्ट सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला और फिल्म ‘वो छोकरी’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि 1994 में आई फिल्म ‘सरदार’ में परेश रावल के अभिनय को बेहद सराहा गया। इस फिल्म में वे स्वतंत्रता सेनानी वल्लभ भाई पटेल की भूमिका में नज़र आए। इस फिल्म में परेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई।

फिल्म तमन्ना में किन्नर की भूमिका निभाकर लोगों को हैरान कर दिया

वहीं 1997 में परेश रावल ने फिल्म तमन्ना में किन्नर की भूमिका निभाकर लोगों को हैरान कर दिया। इस फिल्म में उनके बेहतरीन और भावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

यह सब तो थी परेश रावल की सीरियस फिल्मों के बारे में जानकारी, लेकिन साल 2000 में आई फिल्म हेरा फेरी से लोगों के बीच परेश रावल की फैन फॉलोइंग 10 गुना बढ़ गई। इस फिल्म में परेश रावल ने बाबू राव गणपत राव आप्टे यानी कि बाबू भाई की भूमिका निभाई। इस फिल्म के बाद लोग उन्हें बेहद पसंद करने लगे। इस फिल्म में परेश रावल के अलावा अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी भी दिखाई दिए थे। यह कॉमेडी जगत की सर्वश्रेष्ठ और बेहतरीन अभिनय के लिए पहचानी जानेवाली फिल्मों में से एक मानी जाती है। वहीं 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ भी रिलीज़ हुई। हेरा फेरी के बाद हास्य कलाकार के तौर पर परेश रावल ने कई फिल्में की, जिसमें मालामाल वीकली, भागम भाग, गरम मसाला, हंगामा, आवारा पागल दीवाना, वेलकम, अतिथि तुम कब जाओगे जैसी कई फिल्में शामिल थे।

इस फिल्म में परेश रावल ने बाबू राव गणपत राव आप्टे यानी कि बाबू भाई की भूमिका निभाई

इन फिल्म के बाद लोगों ने यह मान लिया परेश रावल एक वर्सटाइल एक्टर हैं, जो खलनायक, हास्य अभिनेता और अन्य सभी किरदारों को जी सकते हैं।

कई अवार्ड्स किये अपने नाम

परेश रावल अब तक तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। सबसे पहले 1993 में उनकी फिल्म सर के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक, साल 2000 में फिल्म हेरा फेरी और 2002 में आवारा पागल दीवाना के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार के तौर पर फिल्मफेयर अवार्ड मिला। वहीं परेश रावल के बॉलीवुड में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

चुनावी करियर में भी है नाम

अपने फ़िल्मी करियर के अलावा परेश रावल ने अपने चुनावी करियर को आगे बढ़ाया है। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर उन्होंने अहमदाबाद से लोकसभा चुनाव जीता है। वे हमेशा बीजेपी के सपोर्ट में दिखाई देते हैं।

निजी जीवन है ऐसा

परेश रावल की शादी स्वरूप संपत से हुई, जिन्होंने 1979 में मिस इंडिया का खिताब जीता था। वे खुद एक बेहतरीन अदाकारा हैं। स्वरूप और परेश के दो बेटे हैं, जिनका नाम आदित्य और अनिरुद्ध रावल है।

इस तरह परेश रावल फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण शख्स साबित हुए हैं, जिनके अभिनय के लिए लोग उनसे बेहद प्यार करते हैं। उनके जन्मदिन पर आवाज़ डॉट कॉम उन्हें जन्मदिन की बधाई देता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..