सबके दिलो में अपने रैप से एक ख़ास जगह बना चुके फेमस रैपर बादशाह को आज कौन नहीं जानता, लेकिन क्या आपको बादशाह से जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते पता है। अगर नहीं तो ये पढ़ना ना भूलिएगा, जहां खुद बादशाह बता रहे है। अपनी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों को।

एक साधारण परिवार से वास्ता रखने वाले बादशाह को रैपर का मुकाम पाने में कई साल लग गए। उनके हिसाब से यह वक्त काफी टफ था, लेकिन इसी उतार-चढ़ाव ने ही उन्हें हिम्मत दी और सफलता भी दिलाई।

पढ़ाई में बहुत होशियार थे

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बादशाह एक भारतीय पंजाबी गायक कलाकार है।

उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई बाल भारती पब्लिक स्कूल दिल्ली से की है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ से सिविल इंजिनीयरिंग से ग्रेजुएशन किया है। बादशाह को बचपन से ही गाने गाना तो पसंद था, लेकिन वे कभी भी एक पंजाबी रैपर बनने की ख्वाइश नहीं रखते थे, उनका मन सिविल सर्विस में जाने का था।

‘डी जे वाले बाबू मेरा गाना बजा दे’ से फेमस हुए रैपर बादशाह सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद भी इंजीनियर नहीं बनना चाहते थे। बादशाह कहते हैं कि “जब मैंने अपने पापा से बोला था कि रैपर बनना है, तो मेरे पापा ने मुझे थप्पड़़ जड़ दिया था। वो काफी नाराज़ थे, उन्हें लगता था कि ये स्ट्रगल के पीछे भाग रहा है, पढ़ाई में अच्छा है, तो क्यों अपना करियर बर्बाद करना चाहता है, लेकिन आज लोग मेरे पापा के साथ फोटो खिंचवाते हैं, तब गर्व होता है उन्हें मुझपर।”

शाहरुख हैं फेवरेट

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बादशाह के पिता हरियाणवी है और माता पंजाबी हैं।

बादशाह कहते हैं कि “मेरे पसंदीदा स्टार शाहरुख खान हैं। बचपन में दोस्त बादशाह बुलाते थे। शाहरुख खान की मूवी भी इसी नाम से आई। बचपन में प्रिंस नाम से भी लोग बुलाते थे। उनका कहना हैं कि उनका काेई आइडल नहीं है। वे खुद ही अपने आइडल हैं।”

करियर की शुरुआत

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इन्होंने अपने करियर की शुरूआत यो यो हन्नी सिह के साथ की थी

बादशाह ने अपने करियर की शुरुआत साल 2006 से की थी। उन्होंने अपने करियर में पंजाबी फ़िल्मी जगत के कई मशहूर गायकों के साथ जुगलबंदी की हैं। उन्हें हिंदी सिनेमा में पहचान ‘खूबसूरत’ के गाने ‘पार्टी तो अभी शुरू हुई’ और ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ के गाने से मिली। उन्होंने यो यो हनी सिंह, गिप्पी ग्रेवाल और दिलजीत दोसांझ के साथ कई गाने गाए हैं। उनका ‘डीजे वाला बाबू’ लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध हुआ था।

बॉलीवुड में एंट्री

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बादशाह ने सोनम, करीना, सोनाक्षी जैसी अभिनेत्रियों के लिए रैप किया है

2011 में उनका पहला गाना हनी सिंह के साथ आया था। ट्रैक का टाइटल था ‘गेट अप जवानी’। हालांकि गाने को ज़्यादा सफलता नहीं मिली, पर बादशाह को काम करने का सलीका आ गया। इसके बाद उन्होंने खुद का लिखा, कंपोज किया और गाया हुआ गाना ” सैटर्डे ” 2012 में रिकॉर्ड किया।इस पूरे सफर के बारे में बादशाह बताते हैं, ”सैटर्डे’ से पहले मुझे अंदाजा नहीं था कि आपका काम जब पहचाना जाता है, तो कैसा फील होता है। लेकिन इस गाने ने मुझे यह फील करने का मौका दिया। मैं कुछ वक्त के लिए लंदन में था। उन दिनों जब भी मैं वहां कोई पंजाबी सॉन्ग सुनता था, तो मुझे हिम्मत मिलती थी। साथ ही मैं यह निश्चय किया करता था कि एक दिन ऐसा गाना बनाना है, जो लोग लंदन में सुने, तो इंडियन स्टाइल में नाचने लगें।’

ढंग से मिक्स नहीं हुआ था गाना

बादशाह के सभी गाने पार्टियों में खूब बजाए जाते है

बादशाह का यही फेमस सॉन्ग करण जौहर की फिल्म ‘हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया’ के लिए रीक्रिएट किया गया था। इसे जब डायरेक्टर शशांक खेतान ने सुना, तो उन्हें काफी पसंद आया। फिर उसे करण जौहर को सुनाया गया। इसके बाद उन्होंने झट से फिल्म के लिए गाने के राइट्स खरीदे और बतौर आइटम सॉन्ग फिट कर दिया। फिल्म के लिए गाने में किए गए बदलावों के बारे में बादशाह ने बताया, ‘गाने में बदलाव सिर्फ लड़की की आवाज़ का है, क्योंकि शूटिंग में आलिया को इससे जोड़ना था। बाकी रीमिक्स वही है। हालांकि, चंडीगढ़ में ‘सैचर्डे’ बोला जाता है और दिल्ली में ‘सैटर्डे’, इसलिए इस शब्द को भी बदला गया। लेकिन मुझे लगता है कि दोनों फाइल ढंग से मिक्स नहीं हुई, इसी वजह से गाने में दोनों सुनाई देते हैं।’

गाने के पीछे की स्टोरी

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इन्होंने हिन्दी,पंजाबी और हरियाणवी भाषाओं में गाने गए है।

इस गाने के पीछे की स्टोरी बताते हुए बादशाह आगे कहते हैं कि, ‘मैं एक बार भाई के साथ ड्राइव पर जा रहा था, तभी उसने बड़े गुस्से से फोन काट दिया। मैंने पूछा कि क्या बात हो गई, गुस्सा क्यों कर रहा है? तो उसने कहा यार कुड़ी सैटर्डे-सैटर्डे करदी रहंदी है। तब मैंने कुछ पार्टियों और क्लब्स में जाकर यंगस्टर्स को ऑब्जर्व किया। बेसिकली यह नए स्टूडेंट्स पर बेस्ड गाना था और यही से मिला बड़ा ब्रेक। लेकिन मज़े की बात यह है कि मैं कभी भी क्लबिंग नहीं करता, डिस्क नहीं जाता और पार्टी नहीं करता। लोगों को लगता है कि मैं रैपर हूं, तो पार्टी क्लब जाकर एन्जॉय करना मेरी आदतों में होगा। पर ऐसा नहीं है। कई बार लोग हैरान हो जाते हैं यह देखकर। हालांकि म्यूज़िक ही मेरा शौक है।

अपने नाम के बारे में क्या बोले बादशाह…

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इनका जन्मनाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है

आदित्य सिंह उर्फ बादशाह। बादशाह का असली नाम आदित्य सिंह है। अपने नाम पर बात करते हुए बादशाह कहते हैं कि,” मैं यहां सिर्फ एंटरटेनमेंट करने आया हूं। सबकी लाइफ में काफी टेंशन होती है। एंटरटेनमेंट के ज़रिए उसको कम किया जा सकता है। नाम आपके काम से बनता है। चाहे आपका नाम बादशाह हो या चिंटू। काम करेंगे तो नाम मिलेगा। आज विभिन्न शहरों के लोग मुझे बुला रहे हैं शो करने के लिए।

बादशाह को गाड़ियों का शौक

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बादशाह बॉलीवुड फिल्मों में रैप करने के लिए अच्छी खासी फीस लेते है

बादशाह को गाड़ियों का बहुत शौक है अगर आपने मशहूर रैपर बादशाह का गाना ‘ड्राइविंग स्लो’ सुना है, तो आप उनकी गाड़ी का नाम जानते ही होंगे। वह इस गाड़ी का नाम अपने रैप में भी लेते हैं। बादशाह के पास है बीएमडब्लू 640डी कूप है। इसे वह खुद ड्राइव भी करते हैं। महज 6 सेकंड में यह कार 100 किमी की रफ्तार पकड़ लेती है।

हाल ही में फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ में उन्होंने ‘तारीफा’ गाना गया था, जो बहुत ही कामयाब हुआ। अब बादशाह बहुत ही जल्द कई और बॉलीवुड फिल्मों में नज़र आने वाले है। इतना ही नहीं बादशाह ने हाल ही में अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस भी लांच किया है।

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।