रियालिस्टिक और सच्चाई के करीब फिल्में बनाने वाले निर्देशक राज कुमार गुप्ता के साथ, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ कर रहे अर्जुन कपूर फिल्म में एक इटेलिजंस ब्यूरो यानी आई बी अफ़सर की भूमिका में नज़र आएंगे। अपने 7 साल के करियर में एक्शन, रोमांस और कॉमेडी जैसी फिल्में करने वाले अर्जुन के अनुसार वह खुद को किसी भी इमेज में बांध कर नहीं रखना चाहते। इतना ही नहीं यशराज जैसे कैंप से इंडस्ट्री में शुरुआत करने वाले अर्जुन का मानना है कि असफल फिल्मों से प्रभावित हो निराश होने से बेहतर है, उससे सीख लेकर आगे बढ़ना।

20 साल लगते है इमेज बनाने में

samacharnama 7 साल पहले अर्जुन की पहली फिल्म ‘इश्कजादे’ रिलीज़ हुई थी

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इंडियाज़ मोस्ट वांटेड से रियालिस्टिक सिनेमा कर रहे अर्जुन की यह पहली देशभक्ति फिल्म होगी। भारत पर हमला करने वाले आतंकवादियों को खुफिया तौर पर पकड़ने की इस कहानी का हिस्सा बनने वाले अर्जुन अपने करियर में अगल अलग तरह की फिल्मों में विश्वास रखते है। ‘इश्कज़ादे’, ‘2 स्टेट्स’ और ‘नमस्ते इंग्लैंड’ जैसी रोमांटिक फिल्म का हिस्सा रहे अर्जुन का मानना है कि उन्हें यह ही नहीं पता कि इन सालों में उन्होनें अपनी क्या इमेज बनाई है। अर्जुन के मुताबिक, “मुझे पता ही नहीं कि मेरी क्या इमेज है तो मैं बदलूंगा कैसे? मैं वो फिल्में करता हूं जो मुझे करना पसंद है। किसी भी एक्टर को कम से कम 20 साल चाहिए अपनी इमेज जानने के लिए। पहले लोगों ने बोला कि मैं ऐक्शन हीरो हूं।  फिर मैंने ‘2 स्टेट्स’ की और वो चल गई तो लोगों ने बोला कि मैं रोमांटिक हीरो हूं। मैं तो वही फिल्में करता हूं जो मुझे करना पसंद है। लेकिन एक बात है कि मैं एक्शन भी कर पाया हूं रोमांस भी कर पाया हूं और कॉमेडी भी कर पाया हूं। मैं किसी इमेज में बंधना ही नहीं चाहता। लेकिन दर्शक मुझे किसी खाम इमेज में बांध देंगे तो मैं उसका आदर ज़रुर करूंगा।”

फ्लॉप फिल्मों पर ज्यादा सोचना सही नहीं

अर्जुन की आखिरी फिल्म ‘नमस्ते इंग्लैंड’ फ्लॉप रही थी

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अर्जुन कपूर और परिणीति की विपुल शाह निर्देशित फिल्म ‘नमस्ते इंग्लैंड’ बॉक्स ऑफ़िस पर कमाल नहीं दिखा पाई। अपने 7 साल के करियर में सफल के असफल दोनों की फिल्मों का स्वाद चख चुके अर्जुन के अनुसार वह अपनी फ्लॉप फिल्मों से ज़्यादा परेशान नहीं होते। अर्जुन के मुताबिक, “फिल्म नहीं चली तो नहीं चली, आगे बढ़ो लाइफ में, कुछ कारण होगा कि लोगों को नहीं पसंद आई फिल्म। एक्सेप्ट करना पड़ता है। थोड़े दिन सोचों उसके बारे में। जैसे एग्ज़ाम देने जाते हैं नतीजा अच्छा नहीं आता तो हम अगली बार ज़्यादा मेहनत करते हैं। हम ऐसा नहीं सोचते हो कि टीचर को मार्क्स देना नहीं आता। मुझे लगता है कि ऑडियंस सही है और हमें इस बात का आदर करना चाहिए। मेरी जितनी फिल्में चली है उतनी नहीं भी चली। अब आदत हो गई है ऊपर नीचे होने की।”

अर्जुन कपूर इस शुक्रवार जहां ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर आ रहे हैं, वहीं उनकी आने वाली फिल्मों में ‘पानीपत’ और ‘संदीप और पिंकी फरार’ शामिल है।

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