साल 2012 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बालीवुड में एन्ट्री करने वाली आलिया भट्ट ने इन छह सालों में यूं तो कई बेहतरीन फिल्में दी है, लेकिन फिर भी लोग उन्हें करण जौहर की कठपुतली कहते हैं। हालांकि आलिया को करण की पपेट कहलवाने में कोई हर्ज नहीं है। इतना हीं नहीं, उन्हें फिल्में पाने के लिए खुद की मार्केटिंग करने और सामने से चल कर काम मांगने से भी कोई परहेज़ नहीं है। अच्छी फिल्में और अच्छे रोल के लिए हमेशा तैयार रहने वाली आलिया के अनुसार उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं।

कठपुतली सुनना मुझे गाली नहीं लगती

करण ने ही आलिया भट्ट को फिल्मों में चांस दिया

Image Credit: rohan shrestha

फिल्म इंडस्ट्री में करण की बदौलत आने वाली आलिया ने करण की कम्पनी धर्मा प्रोडक्शन के साथ कई फिल्में की है, जो सफल भी रहीं। करण और आलिया की इन्ही नज़दीकियों की वजह से लोग उन्हें करण की पपेट यानी कठपुतली कहने लगे है। हालांकि आलिया को इस बात में कोई बुराई नहीं लगती। आलिया के अनुसार, “जब हम किसी को गुरु मानते है, तो हम मानते है कि वो हमसे बेहतर ही है। जिस इंसान ने आपको पहला चांस दिया उसके लिए आपको हमेशा आभार रखना चाहिए। मैं शायद करण के लिए अपने इस प्यार और आभार को ज़्यादा दिखाती हूं। मैं नहीं मानती कि इस में कोई बुराई है, इसलिए मुझे कोई पपेट भी बुलाए तो भी मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगेगा। अगर पपेट होना यह माना जाता है कि मैं गुरु के लिए ग्रेटफुल हूं तो मुझे यह गाली नहीं लगती।”

हालांकि आलिया यह ज़रुर मानती है कि पिछले छह सालों की उनकी मेहनत के बाद लोगों को यह बात तो पता होनी चाहिए कि वह सिर्फ कठपुतली ही है या मेहनत करना भी जानती है। आलिया आगे बताती हैं, “ऐसा ज़रुर फील होता है कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है? जैसा लोगों को और दर्शकों को लगता है कि मैंने खुद को अपने काम से साबित तक दिया है, निर्देशक मुझे काम भी दे रहे हैं, तो ज़रुर मैंने कुछ काम किया है और अचीव किया है इसलिए ही तो मुझे काम मिल रहा है। अच्छे से किया है या बुरे से किया है लेकिन कुछ तो किया ही है। लेकिन लोग ऐसी बातें बोलकर उकसाने का काम करते है, लेकिन मैं इन चीज़ो से प्रभावित नहीं होने वाली।”

फिल्म पाने के लिए खुद की मार्केटिंग की थी

आलिया बहुत ही जल्द तेलुगू फिल्म में नज़र आएंगी

Image Credit: Yahoo India Lifestyle

इन दिनों आलिया अपनी आने वाली फिल्म ‘कंलक’ के साथ-साथ अपनी पहली तेलूगू फिल्म ‘आरआरआर’ को लेकर भी चर्चा में है। इस फिल्म में वह सीता का किरदार निभाती नज़र आएंगी। बाहुबली, मगधीरा और ईगा जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले, एसएस राजामौली ही इस फिल्म का निर्देशन करने वाले है। आलिया को यह फिल्म खुद ही अपनी मार्केटिंग के बलबूते पर मिली है। एयरपोर्ट पर एसएस राजामौली से हुई कुछ ही मिनटों की मुलाकात में आलिया ने खुद को इस तरह से निर्देशक के सामने मार्केट किया कि इस फिल्म के लिए राजामौली ने उन्हें साइन ही कर लिया। आलिया बताती हैं, “ मैं उनसे एयरपोर्ट पर मिली थी। मैंने उन्हें देखा और भाग कर उनके पास गई थी और मैंने उन्हें कहा कि मुझे उनके साथ काम करना है। मैंने उनके सामने खुद की जमकर मार्केटिंग की थी। उस मुलाकात के बाद शायद उनके दिमाग में मेरा नाम था और जैसे ही मौका मिला तो उन्होंने मुझे कास्ट कर लिया। मैंने उनके कहा था कि आप डेट्स की चिंता मत करना, मैं डेट्स निकालकर आपके लिए काम करुंगी।”

खास बात है कि अपनी इस पहली तेलुगू फिल्म के लिए आलिया रोज एक घंटे इस भाषा को सीखने की क्लास भी ले रही हैं। अपनी इस फिल्म के बारे में आलिया ने बताया, “ मेरा किरदार रामायण की सीता वाला किरदार नहीं, बल्कि साऊथ की एक पुरानी कहानी की सीता है। यह एक पीरियड फिल्म होगी, जो सम्मान और दोस्ती की कहानी होगी। मैं राजामौली की फैन बाहूबली देखकर नहीं, बल्कि मगधीरा और ईगा जैसी फिल्मों को देखकर ही बन गई थी, मैंने मन ही मन सोच लिया था कि उनके साथ काम ज़रुर करना है।’

खास बात है कि आरआरआर के अलावा, आलिया ने संजय लीला भंसाली की फिल्म इंशाअल्लाह भी साइन कर ली है। इस फिल्म में वह सलमान और संजय दत्त के साथ नज़र आएंगी। फिलहाल इन दिनों वह अपनी आने वाली फिल्म कलंक के प्रमोशन में काफी व्यस्त है। अभिषेक वर्मन निर्देशित यह फिल्म 1940 के दौर की फिल्म है, जो 17 अप्रैल को रिलीज़ होगी।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।