पूरे हफ्ते ऑफिस में काम करने के बाद या कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद, हम आराम फरमाने के लिए वीकेंड का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। यदि आप अपने इस वीकेंड में कहीं बाहर ना जाकर, घर पर आराम करना चाहते हैं, तो देखिये बॉलीवुड की ये 5 फ़िल्में, जो आपका मनोरंजन तो करेंगी ही, लेकिन साथ ही आपको जीवन से जुड़ी कुछ सीख भी देकर जाएंगी। किसी भी व्यक्ति के जीवन में, टीनेज के ऐसा दौर होता है, जब हम मानसिक रुप से असल में बड़े होते हैं, हमारे विचार और रुचियां बदलती हैं और बाहरी ज़िन्दगी की कठोर असलियत से पहचान होती है। बॉलीवुड की बहुत सी फिल्मों ने दर्शकों को सही मायने में बड़े होने की सीख दी हैं, जिनमे से कुछ हैं ये फ़िल्में –

‘वेक अप सिड’

फिल्म ‘वेक अप सिड’ का एक दृश्य

Image Credit: Wake Up Sid

बढ़ती उम्र के साथ, ज़िन्दगी की बदलती चीज़ों को समझने में लोगों को अक्सर समय लगता है। ऐसा ही कुछ इस फिल्म के मुख्य किरदार, सिड, यानी रणबीर कपूर के साथ भी होता है। ‘वेक अप सिड’ हमे दर्शाती है कि किस प्रकार सिड अपने जीवन की वास्तविकताओं और अपने सपनों के बीच उलझा हुआ रहता है। फिल्म के अंत में आप देखते हैं कि किस प्रकार अपनी दोस्त आइशा, यानी कोंकणा सेन शर्मा की मदद से वह अपना रास्ता ढूंढ लेता है।

‘तमाशा’

फिल्म ‘तमाशा’ से एक दृश्य

Image Credit: Tamasha

फिल्म में एक यंग लड़के को उसके परिवार ने अच्छे कपड़े पहनने, सबके साथ अच्छा व्यवहार करने, अच्छी तरह से पढ़ने, अच्छी नौकरी लेने और समाज के नज़रिये में एक अच्छी ज़िन्दगी जीने को कहा। रणबीर कपूर ने इस लड़के की भूमिका को एक शानदार ढंग से बड़े परदे पर दर्शाया, जो अपनी प्रेमिका से मिलने के बाद एकदम बदल जाता है। आपको तमाशा ज़रूर देखनी चाहिए। शायद यह फिल्म आपको अपनी ज़िन्दगी जीने के तरीके के बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी।

‘3 इडियट्स’

फिल्म ‘3 इडियट्स’ से एक दृश्य

Image Credit: 3 Idiots

हमारे एजुकेशन सिस्टम की सबसे बड़ी गलती है कि ‘हम रट्टा मारने के लिए पढ़ते हैं, ना कि समझने के लिए’ इसी बात को इस फिल्म ने बखूबी दिखाया है। यह फिल्म आपको अपनी खामियों पर हंसना सिखाती हैं। यह फिल्म एक व्यंगात्मक तरीके से हमारे देश की एजुकेशन सिस्टम पर प्रकाश डालती हैं, जो आज भी परसेंटेज, ग्रेड, कट-ऑफ्स, डिग्री और पैसों के दम पर चलती है

‘रंग दे बसंती’

‘रंग दे बसंती’ से एक दृश्य

Image Credit: Rang De Basanti

‘रंग दे बसंती’ एक ऐसी फिल्म है जिसका हर डायलॉग कमाल का है। जब भी कोई इस फिल्म को देखता है, उसे अपने देश के प्रति गर्व और ज़िम्मेदारी अपने आप महसूस होती है। इस फिल्म का सबसे अच्छा डायलॉग है -“ज़िन्दगी जीने के दो तरीके है – जो हो रहा है उसे होने दो। बर्दाश्त करते जाओ, या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की।” फिल्म के किरदार को बहुत ही खूबसूरती और सच्चाई से लिखा गया है। फिल्म का हर किरदार ना सिर्फ आपको इंस्पायर करता है, बल्कि अपने डायलॉग से आपका दिल छू लेता है।

‘पिंक’

फिल्म ‘पिंक’ से एक दृश्य

Image Credit: Pink

यह फिल्म आपके दिमाग में बहुत से महत्वपूर्ण सवालों को जन्म देती है और किसी एक जेंडर के प्रति समाज की खोखली और पक्षपाती सोच पर विचार करने के लिए मजबूर करती हैं।

This is aawaz guest author account